लखनऊ
यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल आज से प्रशासनिक कार्यों से पूरी तरह मुक्त हो गई हैं। उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या का इस्तीफा केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने स्वीकार्य करते हुए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उनका इस्तीफा आज 15 सितंबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। दिव्या ने 30 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए स्वेच्छा से प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था। अब उनके अगले कदम पर अटकलें लगाई जा रही हैं।
राज्य सरकार ने इसे केंद्र सरकार को भेजा था। इसके बाद केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के पास पहुंचा था। दिव्या के पति गगनदीप सिंह ढिल्लों ने भी चार साल पहले 2022 में सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था। गगनदीप सिंह 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (आईटीएस) अधिकारी थे।
यूपी कॉडर की वर्ष 2013 बैच की आईएएस दिव्या मित्तल ने इस्तीफा दिए जाने की जानकारी अपने फेसबुक और एक्स एकाउंट के माध्यम से दी थी। दिव्या को मई 2026 में देवरिया के डीएम के पद से हटाकर राजस्व विभाग में अपेक्षाकृत कम महत्व के विशेष सचिव के पद पर तैनात किया गया था। वे तभी से असहज बताई जा रही थीं।
मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर पहली तैनाती
आईएएस बनने के बाद मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर पहली तैनाती मिली थी। इसके बाद गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात रहीं। बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष भी रहीं। संतकबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में जिलाधिकारी के रूप में काम किया। बीच में उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी में मुख्य कार्यपालक अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाली।
आईआईटी और आईआईएम की पढ़ाई, लाखों की नौकरी छोड़ी
दिव्या मित्तल का जन्म हरियाणा के रेवाड़ी में 23 नवंबर 1983 को हुआ था। शुरुआती पढ़ाई के बाद आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की। इसके बाद आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री हासिल की। गगनदीप के साथ शादी के बाद दोनों लंदन चले गए। जहां एक कंपनी की जॉब की। बाद में लाखों की सैलरी वाली नौकरी छोड़ देश सेवा के लिए दोनों भारत आ गए और यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। 2021 में पति गगनदीप और 2013 में दिव्या मित्तल ने सिविल सर्विस की परीक्षा पास की।
मिर्जापुर से लड़ेंगी चुनाव?
दिव्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। एक चर्चा उनके मिर्जापुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की भी है। इस्तीफा देते समय भी उन्होंने मिर्जापुर को ही याद किया था। यहां की एक बुजुर्ग मां को याद किया था। उन्होंने अपनी पोस्ट लिखा था कि आज आभार से आंखें नम हैं। बस एक दृश्य इनमें बसा है। लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध मां, जो अपने गांव में पहली बार पानी पहुंचता देख कुछ नहीं बोलीं, बस कांपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई। पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा। और वह सपना भी नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है।?




