भोपाल
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से हॉक फोर्स, 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड कंटिंजेंट एवं 7 पुलिस बाइक राइडर्स ने सहभागिता की। देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस राष्ट्रीय समारोह में मध्यप्रदेश पुलिस के दलों ने अनुशासन, समन्वय और उत्कृष्ट तैयारी के साथ आकर्षक प्रदर्शन कर प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया। इस महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण आयोजन में सहभागिता के लिए हॉकफॉर्स एवं पुलिस बैंड कंटिंजेंट द्वारा लगभग 40 दिनों तक निरंतर अभ्यास किया गया। दिनांक 21 सितंबर 2026 से 30 अक्टूबर 2026 तक नियमित समय-सारिणी के अनुसार अनुशासित ढंग से अभ्यास संचालित किया गया। इस व्यापक तैयारी में हॉक फोर्स के 195 अधिकारी-कर्मचारियों तथा 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड के 109 अधिकारी-कर्मचारियों सहित कुल 304 अधिकारी-कर्मचारियों ने सहभागिता की।
अभ्यास की पूरी प्रक्रिया में फुट कंटिंजेंट, प्रशासनिक स्टाफ, ड्रिल इंस्ट्रक्टर एवं बैंड के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर कार्य किया। परेड की प्रत्येक गतिविधि में एकरूपता, कदमताल, अनुशासन, समयबद्धता और आपसी तालमेल सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभ्यास किया गया। सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ इस विशेष तैयारी में भी पूरी निष्ठा, समर्पण और कठिन परिश्रम के साथ योगदान दिया।
राष्ट्रीय मंच पर दिखा 40 दिनों के अभ्यास और टीम भावना का परिणाम
40 दिनों तक चले सतत अभ्यास का परिणाम 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में देखने को मिला। हॉक फोर्स के फुट कंटिंजेंट और 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड ने अपने सधे हुए प्रदर्शन, अनुशासित कदमताल और उत्कृष्ट समन्वय से समारोह को गरिमामय बनाया। यह प्रदर्शन न केवल इसमें शामिल प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी के परिश्रम का परिणाम रहा, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस की सामूहिक कार्यक्षमता, अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता का भी परिचायक बना।
नक्सल उन्मूलन में हॉक फोर्स का उल्लेखनीय योगदान
मध्यप्रदेश पुलिस का हॉक फोर्स प्रदेश के बालाघाट क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में हॉक फोर्स की 31 यूनिट्स बालाघाट के दुर्गम वन क्षेत्रों में तैनात हैं। विशेष गुरिल्ला युद्ध कौशल, बेहतर रणनीति और अदम्य साहस के साथ हॉक फोर्स ने अब तक 45 नक्सलियों को निष्क्रिय किया है, 28 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है तथा 19 नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया है।
प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा एवं शांति स्थापना के लिए हॉक फोर्स के 38 जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। हॉक फोर्स की निरंतर प्रभावी कार्यवाहियों से बालाघाट क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर निर्णायक अंकुश लगाने तथा क्षेत्र को शांति, सुरक्षा और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। नक्सल उन्मूलन जैसे चुनौतीपूर्ण अभियान में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाली यही हॉक फोर्स राष्ट्रीय एकता दिवस के गौरवपूर्ण मंच पर मध्यप्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश का गौरव बढ़ा रही है।
नशा मुक्त भारत का संदेश लेकर राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में शामिल हुए मध्यप्रदेश पुलिस के 7 राइडर्स
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के अवसर पर नशे के दुष्परिणामों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में मध्यप्रदेश पुलिस के 7 राइडर्स ने भी सहभागिता की। इस राष्ट्रीय पहल में विभिन्न पुलिस बलों की 45 टीमों के कुल 225 राइडर्स, जिनमें 205 पुरुष एवं 20 महिला राइडर्स शामिल हैं, ने भाग लिया। राइडर्स ने देशभर में लगभग 14,165 किलोमीटर की यात्रा कर गांवों, कस्बों और शहरों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया।
मध्यप्रदेश पुलिस के 7 राइडर्स को पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने 22 अक्टूबर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं वाहिनियों से चयनित इस 7 सदस्यीय दल का नेतृत्व रक्षित निरीक्षक द्वारा किया गया। दल ने राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में सहभागिता कर नशा मुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाया तथा राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के अवसर पर एकता नगर पहुंचकर मध्यप्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व किया। इस संपूर्ण आयोजन की तैयारी एवं समन्वय में नोडल अधिकारी तथा 25वीं वाहिनी के कमांडेंट नागेंद्र सिंह, IPS की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कुशल मार्गदर्शन, नेतृत्व एवं निर्देशन में हॉक फोर्स, 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड, ड्रिल इंस्ट्रक्टर, प्रशासनिक स्टाफ और सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए इस दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने इस उपलब्धि पर हॉक फोर्स, 7वीं वाहिनी के पुलिस बैंड, राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली में शामिल सभी राइडर्स तथा आयोजन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े राष्ट्रीय आयोजन में प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करना गौरव के साथ-साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। इस प्रकार के प्रदर्शन के पीछे लंबे समय का अनुशासित अभ्यास, समर्पण, परिश्रम और टीम भावना होती है। सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने जिस प्रतिबद्धता और आपसी समन्वय के साथ इस दायित्व को निभाया, वह सराहनीय है।
पुलिस महानिदेशक ने नोडल अधिकारी नागेंद्र सिंह सहित पूरी टीम के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय प्रत्येक उस अधिकारी एवं कर्मचारी को जाता है, जिसने अभ्यास से लेकर अंतिम प्रदर्शन तक पूरी निष्ठा के साथ अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने सभी को भविष्य में भी इसी अनुशासन, समर्पण और टीम भावना के साथ मध्यप्रदेश पुलिस की गरिमा एवं प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।



