Home विदेश जमुई कांड ने दिलाई 2018 के जहानाबाद केस की याद, वायरल वीडियो...

जमुई कांड ने दिलाई 2018 के जहानाबाद केस की याद, वायरल वीडियो से खुला था मामला

14
0
Spread the love

जहानाबाद
बिहार के जमुई में 19 सितंबर की शाम दो नाबालिग छात्रों के साथ सड़क पर हुई हैवानियत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। दोनों 10वीं कक्षा के छात्र हैं और एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं। कोचिंग के बाद दोनों मड़वा पहाड़ी इलाके की तरफ गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें सड़क पर रोक लिया। इसके बाद दोनों को घेरकर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। वीडियो में जिस तरह लड़की को घेरकर उसके साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है, उसने आठ साल पुराने जहानाबाद कांड की यादें भी ताजा कर दी हैं। अप्रैल 2018 में जहानाबाद में एक नाबालिग लड़की को सड़क पर युवकों के एक समूह ने घेर लिया था। उस घटना को भी कैमरे में रिकॉर्ड किया गया था और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

2018 के जहानाबाद कांड में क्या हुआ था?
जमुई की घटना ने अप्रैल 2018 में बिहार के जहानाबाद में हुए एक मामले की याद इसलिए ताजा कर दी क्योंकि वहां भी एक नाबालिग लड़की को सड़क पर युवकों के समूह ने घेर लिया था और पूरी घटना का वीडियो बनाया गया था।

30 अप्रैल 2018 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, जहानाबाद जिले में 14 साल की एक लड़की के साथ दिनदहाड़े सड़क पर कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई और उसे जबरन निर्वस्त्र करने की कोशिश की गई। पुलिस ने इसे संभावित दुष्कर्म के प्रयास के तौर पर भी देखा था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई।

उस मामले में सात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों में तीन 18 साल के युवक थे और एक नाबालिग था। पुलिस के मुताबिक वीडियो में दो युवक लड़की के साथ दिखाई दे रहे थे, जबकि दो अन्य वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे।

पुलिस ने उस मामले में एक SIT भी बनाई थी। जहानाबाद के SP और पटना के ASP स्तर के अधिकारियों को जांच में शामिल किया गया था और पटना, गया तथा जहानाबाद में छापेमारी की गई थी। घटना में इस्तेमाल बाइक को भी पुलिस ने जब्त किया था।

जहानाबाद में भी वीडियो से खुला था पूरा मामला
जहानाबाद केस में भी पुलिस की शुरुआती कार्रवाई वायरल वीडियो के सामने आने के बाद तेज हुई थी। पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों और बाइक के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की।

उस समय पटना जोन के IG नैयर हसनैन खान ने बताया था कि पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य युवकों की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक घटना में शामिल युवकों ने अपराध को रिकॉर्ड भी किया था। जिस मोबाइल फोन से वीडियो बनाया गया था, उसे भी पुलिस ने बरामद किया था। पुलिस ने तब भी वीडियो के गलत इस्तेमाल और पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश की थी।

19 सितंबर की शाम जमुई में क्या हुआ?
ताजा मामला जमुई का है। शहर के रहने वाले 10वीं कक्षा के एक लड़के और लड़की ने 19 सितंबर की शाम कोचिंग की कक्षा खत्म की। इसके बाद दोनों मड़वा पहाड़ी इलाके की तरफ स्कूटर से गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें सड़क पर रोक लिया। पुलिस के अनुसार दोनों एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं और दोस्त हैं।

घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में शाम करीब 6:30 बजे हुई बताई गई है। सामने आए वीडियो में कई लोग दोनों को घेरते दिखाई देते हैं। पुलिस के मुताबिक लड़की से उसका नाम-पता पूछा गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। वीडियो के कुछ हिस्सों में लड़की को खींचे जाने की बात भी सामने आई है। लड़के को भी समूह ने घेरा और उसके साथ बदसलूकी की। सबसे परेशान करने वाली बात यह है कि घटनाक्रम के दौरान वीडियो भी बनाया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को कथित तौर पर यह धमकी भी दी गई कि वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया जाएगा। बाद में इसी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए।

पुलिस को दो दिन तक नहीं मिली शिकायत
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि घटना 19 सितंबर को हुई, लेकिन शुरुआत में पुलिस के पास पीड़ितों की ओर से कोई शिकायत नहीं पहुंची। जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, रविवार तक लड़के या लड़की ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। इसके बाद जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के नंबर के आधार पर पीड़ितों तक पहुंच बनाई। इसके बाद उनके बयान दर्ज किए गए और FIR की प्रक्रिया शुरू हुई। यानी इस मामले में पुलिस को घटना की जानकारी किसी मौके पर मौजूद व्यक्ति की शिकायत से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो से मिली। इसके बाद पुलिस ने POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया। मामले की जांच SDPO दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में गठित SIT कर रही है।

वीडियो से हुई आरोपियों की पहचान, तीन गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक पीड़ितों ने FIR में आरोपियों के नाम नहीं बताए थे। इसके बावजूद वायरल वीडियो की मदद से करीब सात लोगों की पहचान की गई। इनमें से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने वीडियो में लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे व्यक्ति की भी पहचान कर ली है और उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में दो नाबालिग हैं। यही वजह है कि मामले में POCSO की धाराएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती हैं।


Spread the love