Home विदेश बिहार में पशुपालकों को सरकार देगी 3-3 बकरियां, चंपारण मटन और बकरी...

बिहार में पशुपालकों को सरकार देगी 3-3 बकरियां, चंपारण मटन और बकरी के दूध को मिलेगा बढ़ावा

15
0
Spread the love

 रक्सौल
 चंपारण मटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार समेकित बकरी व भेड़ विकास योजना के तहत ग्रामीण पशुपालकों व चयनित लाभार्थियों को अनुदान पर तीन-तीन बकरियां उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही सरकार पशुपालकों के आर्थिकी को बेहतर करने के लिए बाजार भी उपलब्ध कराने का काम करेगी। 

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और बिहार के प्रसिद्ध चंपारण मटन व बकरी के दूध की प्रामाणिकता व ब्रांडिंग को मजबूत करना है। उक्त बातें ग्रामीण विकास सह जिला के प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने शुक्रवार को सिंचाई विभाग के आईबी के सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान कही। 

अत्याधुनिक जीविका मार्ट व हाट का निर्माण 
मंत्री ने कहा कि जीविका दीदियों व किसानों के उत्पादों को उचित व स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के साथ बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के उद्देश्य से सरकार राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जीविका दीदियों के हस्तशिल्प व कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रमुख अत्याधुनिक जीविका मार्ट व हाट का निर्माण करा रही है। 

कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में ग्रामीण स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य के लिए पांच हजार से अधिक खेल मैदान की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही विद्यालय व अस्पताल के चहारदिवारी के साथ विद्यालय भवनों के निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कराया जा रहा है। 

मंत्री ने कहा कि प्रखंड व ग्राम स्तर पर भूमि उपलब्ध होने पर हाट(बाजार) विकसित किया जाएगा। उनके साथ पश्चिम चंपारण के सांसद डा. संजय जायसवाल, भाजपा के संगठन जिला रक्सौल के जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय आदि उपस्थित थे।

आरोपों की जांच के लिए डीडीसी को किया निर्देशित
प्रेस वार्ता के दौरान नगर परिषद के वार्ड नंबर 19 में सात निश्चय के नलजल योजना के तहत जल मीनार व घर-घर कनेक्शन को 40 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई, लेकिन न तो जल मीनार बना और ना हीं घरों को कनेक्शन दिया गया। इधर विभाग द्वारा संवेदक को शत प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया गया। 

वहीं कस्टम कार्यालय के समीप लगे राष्ट्रीय ध्वज को लेकर उठे विवाद सहित नगर परिषद से जुड़े अन्य वित्तीय मामलों की जांच के लिए डीडीसी डा. प्रदीप कुमार को अधिकृत किया।


Spread the love