चेन्नई
तमिलनाडु में नारे की सियासत शुरू हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, नारे को लेकर आमने-सामने हैं और नारे का जवाब नारे से देने की तैयारी कर रहे हैं। यही कारण है कि डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि विजय की पार्टी टीवीके के नारे का मुकाबला करने के लिए हर मंच पर ‘ओम काली, जय काली’ का नारा लगाएं।
27 सितंबर को पार्टी बैठक में उदयनिधि ने टीवीके प्रमुख और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से विजय अपनी रैलियों में 'ओम शक्ति, पराशक्ति… द्रमुक एक बुरी ताकत है' जैसे नारे लगाते रहे। उस समय द्रमुक सत्ता में थी और टीवीके विपक्ष में थी, इसलिए पार्टी ने उन नारों को सुना। अब जवाब देने का मौका आ गया है।
उदयनिधि ने एक नारा गढ़ते हुए कार्यकर्ताओं को बताया ओम काली, जय काली… टीवीके एक भगोड़ा है, नारे का प्रयोग करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि विजय का नाम लेने की जरूरत नहीं है। सिर्फ पार्टी के नाम के साथ यह नारा दोहराते रहें, ताकि यह लोगों के मन में बैठ जाए। इस दौरान उन्होंने करूर भगदड़ का भी जिक्र किया, जिसमें 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
उदयनिधि ने आरोप लगाया कि विजय तिरुचिरापल्ली और चेन्नई एयरपोर्ट पर मीडिया और जनता के सवालों से बचकर भाग गए। जनता यह समझ जाएगी कि जिम्मेदारी से कौन भाग रहा है। उन्होंने नेताओं को निर्देश दिया कि आने वाले चुनाव से पहले घर-घर जाकर और रैलियों में जोरदार ढंग से जवाबी प्रचार चलाएं।
धारापुरम उपचुनाव को लेकर भी उदयनिधि ने हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके ने महिलाओं को आर्थिक मदद, मुफ्त गैस सिलेंडर, बेरोजगारों को सहायता और किसानों के कर्ज माफ करने जैसे वादे पूरे नहीं किए। राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ी है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के नेता शासन के मुद्दों पर ध्यान देने की जगह विजय की तारीफ करने में लगे हैं। अन्य दलों के लोगों को पार्टी में शामिल करने के तरीके की तुलना उन्होंने डिलीवरी ऐप से सोफा मंगाने से की। उदयनिधि ने मतदाताओं से अपील की कि 6 अक्टूबर को होने वाले धारापुरम उपचुनाव में द्रमुक उम्मीदवार एस. सुगन्या का समर्थन करें।




