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स्कूल बंद करने के आरोप पर अखिलेश को संदीप सिंह का जवाब, ‘PDA नहीं, Propaganda Delivery by Akhilesh’

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लखनऊ

 संसद में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों पर अब योगी सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने तीखा पलटवार किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर संदीप सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि शायद सपा ने PDA की नई परिभाषा ‘Propaganda Delivery by Akhilesh’ गढ़ ली है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब अफवाहों पर नहीं, बल्कि तथ्यों पर भरोसा करती है।

संदीप सिंह ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के किसी भी परिषदीय सरकारी विद्यालय को बंद करने का फैसला नहीं लिया है। कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को सबसे नजदीकी विद्यालय में मर्ज करने का निर्णय लिया गया है, जबकि खाली होने वाले विद्यालयों में प्री-प्राइमरी पाठशाला संचालित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रदेश में सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया गया है और इन विद्यालयों में बालवाटिका का संचालन किया जा रहा है।

‘कोई सरकारी स्कूल बंद नहीं किया गया’

बेसिक शिक्षा मंत्री ने अखिलेश यादव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परिषदीय विद्यालयों को बंद करने की बात सही नहीं है। उनके मुताबिक, कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को नजदीकी विद्यालयों में मर्ज किया जा रहा है। वहीं, जो विद्यालय खाली हो रहे हैं, उनका इस्तेमाल प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए किया जाएगा।

संदीप सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यालयों को बंद करना नहीं, बल्कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में सरकारी स्कूलों में बालवाटिका और प्री-प्राइमरी कक्षाओं की शुरुआत की गई है।

‘2027 में सरकार नहीं बनने वाली, इसलिए अनर्गल बयान’

इसके बाद संदीप सिंह ने अखिलेश यादव पर सीधा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि नकल माफिया को शरण देने वाले अखिलेश यादव को अब लगने लगा है कि 2027 में उनकी सरकार नहीं बनने वाली, इसलिए वह अनर्गल बयान देकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।

संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर बोलने से पहले अपने शासनकाल का भी हिसाब देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के परिवार का शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का एक लंबा इतिहास रहा है और ऐसे में मौजूदा सरकार पर सवाल उठाने से पहले सपा को अपने कार्यकाल की घटनाओं का जवाब देना चाहिए।

नकल विरोधी कानून से लेकर मुलायम तक का जिक्र

बेसिक शिक्षा मंत्री ने अपने बयान में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की सरकार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नकल पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून बनाया था। लेकिन मुलायम सिंह यादव ने सत्ता में आते ही इस कानून को खत्म कर दिया था। संदीप सिंह ने इसी के आधार पर अखिलेश यादव पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जिस राजनीतिक परिवार के शासनकाल में नकल पर रोक लगाने वाले कानून को खत्म किया गया, वह आज शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है।

अब शिक्षा बजट 1.13 लाख करोड़ से ज्यादा’

संदीप सिंह ने शिक्षा बजट को भी अपनी सरकार की उपलब्धि के तौर पर सामने रखा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय उत्तर प्रदेश का शिक्षा बजट करीब 28 हजार करोड़ रुपये था, जिसे मौजूदा सरकार ने बढ़ाकर 1 लाख 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक कर दिया है। मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने बजट बढ़ाने के साथ स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने पर भी काम किया है। 

संदीप सिंह ने स्कूल ड्रॉपआउट रेट का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में स्कूलों का ड्रॉपआउट रेट 19 फीसदी से घटकर करीब 3 फीसदी रह गया है। अपने वीडियो संदेश में संदीप सिंह ने अखिलेश यादव से शिक्षा जैसे मुद्दे पर बयान देते समय तथ्यों का ध्यान रखने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव पहले भी शिक्षा को लेकर कई बार अमर्यादित बयान दे चुके हैं और अब भी जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।


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