लखनऊ
लखनऊ में शनिवार को नाविकों के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश और बिहार से आए 35 से अधिक नाविक और उनके परिजनों ने शिरकत की। गोमतीनगर के विभूति खंड स्थित एक होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में वीआर मेरीटाइम के पूर्व सदस्य कैप्टन संजय पराशर ने सभी नाविकों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। समुद्री क्षेत्र में हर नाविक का योगदान महत्वपूर्ण
समुद्री क्षेत्र में योगदान
इस अवसर पर कैप्टन संजय पराशर ने कहा कि उनके लिए हर नाविक सम्माननीय है और समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का योगदान अहम है। उन्होंने कहा कि यदि नाविक जहाज पर ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ बेहतर कार्य करेंगे, तो इससे न सिर्फ उनकी खुद की पहचान मजबूत होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर और सुदृढ़ होंगे। उन्होंने युवा नाविकों को प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन और मेहनत ही इस पेशे में सफलता की कुंजी है।
समुद्री सुरक्षा पर चिंता
कार्यक्रम के दौरान आयोजित गोष्ठी में कैप्टन पराशर ने समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नाविकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनकी सुरक्षा को लेकर है। उनके मुताबिक जो सीफेरर्स (नाविक) समुद्र में रहकर काम करते हैं, उन पर किसी भी प्रकार का हमला नहीं होना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि जहाजों और नाविकों को कभी भी युद्ध या किसी सैन्य संघर्ष का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि यह वैश्विक व्यापार और मानवता दोनों के लिए बेहद खतरनाक स्थिति पैदा करता है।
नाविकों के परिवारों में उत्साह
कार्यक्रम में शामिल हुए नाविकों और उनके परिजनों में इस सम्मान को लेकर खासा उत्साह देखा गया। परिवारों ने आयोजकों का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से समाज में नाविकों के योगदान और उनकी चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ती है। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।




