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बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर NDA की तैयारी तेज, BJP दफ्तर में घटक दलों की बैठक

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 पटना
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर एनडीए ने अब अपनी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। बुधवार को पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में गठबंधन के घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता एक मंच पर जुटे। बैठक में चुनावी रणनीति के साथ-साथ सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल और संगठनात्मक समन्वय पर चर्चा हुई।

एनडीए नेताओं ने साफ किया कि चुनाव में गठबंधन एकजुट होकर मैदान में उतरेगा। बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सभी आठ सीटों पर एनडीए की जीत का दावा किया। अब नजर इस बात पर है कि गठबंधन अपनी साझा रणनीति को चुनावी मैदान में किस तरह उतारता है।

8 सीटें और NDA का एक ही लक्ष्य, जीत के लिए क्या बनी रणनीति?
बैठक में भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), आरएलएम और हम के नेताओं ने हिस्सा लिया। सहयोगी दलों के बीच चुनावी तैयारियों को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।

संगठन से लेकर कार्यकर्ताओं के स्तर तक समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया। गठबंधन की कोशिश है कि चुनाव में अलग-अलग दलों की ताकत को एक साझा रणनीति के तहत इस्तेमाल किया जाए।

सरावगी ने कहा कि सभी घटक दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने उम्मीदवारों की जीत के लिए पूरी ताकत से काम करने की बात कही।

BJP दफ्तर में जुटे सहयोगी, ‘एकजुट NDA’ का दिया संदेश
बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी मौजूद रहे। लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार और आरएलएम के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने भी हिस्सा लिया।

हम की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. डीएन सिन्हा बैठक में शामिल हुए। इसके अलावा सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया और संजय गांधी समेत कई नेता मौजूद रहे।

बैठक से गठबंधन के घटक दलों के बीच चुनावी तालमेल का संदेश देने की कोशिश हुई। नेताओं ने साझा रणनीति के साथ चुनाव लड़ने पर जोर दिया।

सरावगी का बड़ा दावा—‘सभी आठ सीटों पर जीत तय’
बैठक के बाद संजय सरावगी ने कहा कि एनडीए पूरी मजबूती के साथ विधान परिषद चुनाव में उतरेगा। उन्होंने गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय और साझा रणनीति की बात कही।

सरावगी के मुताबिक सभी घटक दल एक साथ चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने सभी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने का दावा किया।

एनडीए नेताओं ने भी बैठक में सभी आठ सीटों पर जीत का भरोसा जताया। अब चुनावी मैदान में इस दावे को संगठन और वोट में बदलना गठबंधन के सामने अहम चुनौती होगी।

‘किसी को समस्या है तो CM तक बात पहुंचाएं’, सरावगी का संदेश
बैठक में गठबंधन के भीतर संवाद और समन्वय के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सरावगी ने कहा कि एनडीए की कार्यशैली सामूहिक निर्णय और आपसी संवाद पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि किसी घटक दल के नेता या कार्यकर्ता को कोई समस्या या सुझाव हो तो वह वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी बात रख सकता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर भी अपनी बात रखने की बात कही। सरावगी के मुताबिक संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान करना गठबंधन की प्राथमिकता है। इस बयान के जरिए सहयोगी दलों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।

विकास के मुद्दों को भी चुनावी अभियान में ले जाएगा NDA
बैठक में सरकार के विकास और जनकल्याणकारी कामों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। एनडीए नेताओं ने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में किए गए कार्यों को चुनावी संवाद का हिस्सा बनाने की बात कही।

गठबंधन का जोर सरकार की उपलब्धियों को कार्यकर्ताओं के जरिए लोगों तक पहुंचाने पर रहेगा। इसके लिए घटक दलों के संगठन के बीच तालमेल बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

यानी विधान परिषद चुनाव की तैयारी सिर्फ उम्मीदवारों और सीटों तक सीमित नहीं रखी जा रही है। गठबंधन संगठन और सरकार के कामकाज, दोनों को चुनावी रणनीति में जोड़ने की तैयारी में है।

अब सीटों के बाद नजर उम्मीदवारों और जमीन की रणनीति पर
एनडीए ने आठों सीटों पर जीत का दावा तो कर दिया है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया में कई स्तरों पर रणनीति अहम होगी। घटक दलों के बीच समन्वय, उम्मीदवारों का चयन और संगठन की सक्रियता चुनाव की दिशा तय करने वाले पहलू होंगे।

बैठक में इन सभी मोर्चों पर साझा तैयारी का संदेश दिया गया। गठबंधन के नेताओं ने कार्यकर्ताओं को भी एकजुट होकर काम करने की बात कही।

अब देखना होगा कि बैठक में बनी रणनीति जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती है। फिलहाल विधान परिषद की आठ सीटों ने बिहार की सियासत में एनडीए के भीतर चुनावी हलचल तेज कर दी है।


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