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दिल्ली रिज को हरा-भरा बनाने की मेगा योजना, चार साल में लगेंगे एक करोड़ से अधिक पौधे

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नई दिल्ली
 सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड की पहली उच्चस्तरीय बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें चार साल की मेगा योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत एक करोड़ से अधिक पौधे व झाड़ियां लगाए जाएंगे। बैठक में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का पालन करते हुए एक स्टैंडिंग कमिटी (स्थायी समिति) का गठन किया गया। इसकी अध्यक्षता सेंट्रल एम्पावर्ड कमिटी (सीईसी) के प्रतिनिधि (चंद्र प्रकाश गोयल) करेंगे। यह समिति रिज क्षेत्र में किसी भी गैर-वानिकी परियोजना और विकास कार्य की कड़ी समीक्षा करेगी।

कब्चे से मुक्त कराई जमीन पर तुरंत पौधरोपण होगा
साउथ रिज समेत पूरे रिज इलाके से अवैध कब्जे और अतिक्रमण तुरंत हटाए जाएंगे। इसके लिए डीडीए वाइस चेयरमैन की अध्यक्षता वाली एसटीएफ और जिला मैजिस्ट्रेटों (डीएम) की टास्क फोर्स के साथ मिलकर समयबद्ध अभियान चलाया जाएगा। कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर तुरंत पौधरोपण किया जाएगा ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके।

हरियाली के मास्टर प्लान पर रणनीति होगी तैयार
2021 में रिज फंड से 223 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और बैंक ऑफ बड़ौदा के फर्जी खाते में ट्रांसफर का मामला भी चर्चा में रहा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बैंक से 152.75 करोड़ रुपये हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा कराने का रास्ता साफ हुआ है। कोर्ट के निर्देश पर वरिष्ठ अधिवक्ता संजय जैन के साथ मिलकर इसका इस्तेमाल केवल रिज के संरक्षण, अपग्रडेशन और हरियाली के मास्टर प्लान पर करने की रणनीति तैयार की जा रही है।

100+ पेड़ कटे तो मौके का निरीक्षण करेगी कमिटी
एक हेक्टेयर से बड़े प्रोजेक्ट पर भी SCDRMB के सभी सदस्य करेंगे साइट विजिट, 46 प्रस्तावों की होगी जांच रिज और मॉर्फोलॉजिकल रिज को बचाने व अधिक हरा भरा बनाने के लिए अब सौ से अधिक पेड़ काटने और एक हेक्टेयर से बड़े प्रोजेक्ट के लिए अब स्टैंडिंग कमिटी ऑफ दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (SCDRMB) के सभी सदस्य खुद साइट का निरीक्षण करेंगे। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद गठित SCDRMB की पहली उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया है। सेंट्रल एम्पावर्ड कमिटी (CEC) के ऑफिस में अध्यक्ष चंद्र प्रकाश गोयल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सबसे अहम फैसला ये लिया गया कि रिज क्षेत्र में अगर किसी भी प्रोजेक्ट के तहत 100 से ज्यादा पेड़ काटने की जरूरत होगी तो स्टैंडिंग कमिटी के सभी सदस्य खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे।

इन प्रोजेक्ट्स में कमियां
मीटिंग में मैदानगढ़ी में एडमिन ब्लॉक बनाने की अनुमति, संजय वन के पास वॉटर फीचर और कैफे बनाने के प्रस्ताव और वसंत कुंज के स्मृति वन में मछली तालाब में सीवेज मोड़ने के लिए डीजेबी की पाइपलाइन बिछाने का काम और वसंत विहार व जीके-2 में कई प्राइवेट आवासीय निर्माण में बोर्ड ने कमियां पाई है।

 


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