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लखीमपुर में सार्वजनिक जमीन पर मस्जिद निर्माण का मामला, तहसीलदार कोर्ट ने लगाया ₹36,750 जुर्माना

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लखनऊ
यूपी के सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद अब लखीमपुर में सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जा कर बनाई गई मस्जिद के हिस्से को हटाने के साथ ही 36750 रुपए का जुर्माना तहसीलदार धौरहरा कोर्ट ने लगाया है। हालांकि, इस मुकदमे में दूसरे पक्ष ने आदेश के विरुद्ध पुनः सुनवाई के लिए बाजदायर प्रार्थनापत्र दिया गया है। इसे तहसीलदार ने स्वीकार करते हुए फिर से सुनवाई का आदेश दिया है।

मामला धौरहरा तहसील के ग्राम व परगना धौरहरा का है। यहां की गाटा संख्या 1954/1.121 हेक्टेयर सड़क के नाम दर्ज है। इसके 0.105 भाग पर प्रतिवादी जियाउल्ला खां पुत्र कुर्बान निवासी जवाहर नगर कस्बा व तहसील धौरहरा पर कब्जा कर मस्जिद का हिस्सा निर्माण करने की रिपोर्ट लेखपाल द्वारा तहसीलदार कोर्ट में पेश की गई। इस पर सुनवाई के बाद जारी आदेश में तहसीलदार आदित्य विशाल ने कहा कि क्षेत्रीय लेखपाल ने ग्रामीणों के समक्ष भूमि का निरीक्षण कर सर्वेक्षण आख्या प्रस्तुत की। रकबा 0.040 की लम्बाई 220 कड़ी, चौड़ाई 120 कड़ी 0.105 हेक्टेयर पर जियाउल्ला खां पुत्र कुरबान द्वारा पक्का निर्माण कर कब्जा पाया गया।

तहसीलदार के आदेश में जियाउल्ला के खिलाफ जमीन से बेदखली करते हुए 36750 रुपए का अर्थदंड जमा कराने का निर्देश दिया गया है। न्यायालय तहसीलदार धौरहरा में गांव सभा धौरहरा बनाम जियाउल्ला खां उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 में अंतिम फैसला नौ सितम्बर को तहसीलदार ने किया है।

उधर, प्रतिवादी जियाउल्ला खान का कहना है कि तहसीलदार न्यायालय से जो आदेश प्राप्त हुआ है, उसमें मेरे द्वारा पुनर्विचार प्रार्थना दिया गया है। मामला अभी अदालत में चल रहा है। इस बाबत तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया कि हालांकि यह आदेश पारित किया गया है किंतु इस मामले में विपक्षी जियाउल्ला खां की ओर से बाजदायर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। अब इस पर दुबारा सुनवाई के बाद ही पुनः फैसला किया जाएगा।

लोक अदालत में 80000 से अधिक वादों का निस्तारण
लखीमपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज शिवकुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में पूरे जनपद की अदालतों में 80000 से अधिक वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया। इसमें जिले की राजस्व अदालतों ने 75497 वादों का निस्तारण किया।

इस लोक अदालत में परिवार न्यायालय से तीस जोड़े अपने गिले शिकवे भुलाकर साथ रहने के लिए विदा हुए। दुर्घटना दावा प्राधिकरण की जज डॉ कपिला राघव ने दुर्घटना प्रतिकर के 187 मुकदमों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित करते हुए पीड़ित पक्षों को 10 करोड़ 65 लाख 76 हजार से अधिक की प्रतिकर धनराशि दिलायी। प्राधिकरण के सचिव अम्बरीष त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज शिवकुमार सिंह ने चार वाद, विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम ने 356 वाद निस्तारित किए।


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