Home Uncategorized गुजराती पानकी रेसिपी: हल्का और हेल्दी नाश्ता जो देगा दिनभर एनर्जी

गुजराती पानकी रेसिपी: हल्का और हेल्दी नाश्ता जो देगा दिनभर एनर्जी

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 सुबह का नाश्ता सबसे जरूरी माना जाता है और कहा जाता है कि अगर आप ब्रेकफास्ट अच्छा करते हैं तो पूरे दिन आपकी बॉडी में एनर्जी बनी रहती है. इसलिए नाश्ते में ऐसी चीजें खानी चाहिए, जो शरीर को एनर्जी देते हैं और लंबे समय तक पेट को भरा हुआ रखते हैं. गर्मियों में खासतौर पर हल्का और हेल्दी खाने का मन करता है और ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी गुजराती डिश के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे खाते ही आपका मन खुश हो जाएगा.

गुजराती पानकी बनाने में न तो ज्यादा मसाला और न ही ज्यादा तेल की जरूरत पड़ती है और इनके बिना भी यह बहुत मजेदार बनता है. इसे खाने के बाद आपके घरवाले इसे बार-बार बनाने के लिए बोलेंगे और चीला और डोसा को तो जैसे वो भूल ही जाएंगे. हरी चटनी के साथ गुजराती पानकी बहुत लाजवाब लगती है. आइए आपको बताते हैं कि आप घर पर कैसे गुजराती पानकी बना सकते हैं.

घर पर कैसे बनाएं गुजराती पानकी?
पानकी गुजरात की बेहद हल्की और टेस्टी डिश है, जिसे केले के पत्तों के बीच स्टीम करके बनाया जाता है. गुजराती लोग इसे नाश्ते और हल्के खाने के लिए परफेक्ट मानते हैं और इसे बनान के लिए ज्यादा समान की भी जरूरत नहीं होती है.

गुजराती पानकी के लिए सामग्री
    1 कप चावल का आटा
    ½ कप दही
    1½ कप पानी
    1 हरी मिर्च बारीक कटी
    1 छोटा टुकड़ा अदरक कद्दूकस
    2 चम्मच हरा धनिया
    ¼ चम्मच हल्दी
    नमक
    1 चम्मच तेल
    केले के पत्ते

इस तरीके से बनाएं गुजराती स्टाइल पानकी
    एक कटोरे में चावल का आटा, दही और पानी डालकर पतला घोल तैयार कर लें.
    फिर घोल में अदरक, हरी मिर्च, हल्दी, नमक और हरा धनिया मिला दीजिए.
    केले के पत्तों को हल्का सा गैस पर घुमा लें ताकि वे सॉफ्ट हो जाएं. उसके बाद केले पत्ते पर थोड़ा तेल लगाएं.
    केले के पत्ते पर फिर चावल-दही का घोल पतला करके फैलाएं.ऊपर से दूसरा पत्ता रख दें.
    स्टीमर में पांच से सात मिनट तक पकाएं और फिर चूल्हे से उतार लें.पत्ता हटाकर गर्मागर्म पानकी निकालें.

प्रो टिप
पानकी को गर्मागर्म ही परोसें और इसके साथ अगर आप हरी चटनी, दही या अचार खाते हैं तो इसका स्वाद दोगुना हो जाता है. अगर केले के पत्ते न हों, तो बटर पेपर का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन असली देसी स्वाद केले के पत्तों में ही आता है.


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