नई दिल्ली
ईवी पॉलिसी 2.0 के आने के बाद सरकार का अनुमान है कि 2030 तक सड़कों पर 31.83 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां होंगी। इसमें 77.17 फीसदी टूव्हीलर शामिल होंगी। इस अनुमानित संख्या के आधार पर सरकार ने अगले चार साल में 32 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाने की भी योजना तैयार कर ली है।
नई ईवी पॉलिसी 2.0 के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान (15 जून 2026 तक) में कुल 9.89 लाख रजिस्टर्ड ई-गाड़ियां हैं। नई ईवी पॉलिसी में परिवहन विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले सालों में हर साल औसतन 7-8 लाख ई-गाड़ियां रजिस्टर्ड होंगी। इन चार सालों में 24.57 लाख ई-टूव्हीलर, 1.88 लाख फोरव्हीलर, 2.50 लाख ई-रिक्शा, 22,887 ई-ऑटो के अलावा अलग-अलग कैटेगरी के कामर्शियल या गुड्स व्हीकल रजिस्टर्ड होंगे।
ईवी पॉलिसी 2.0 में हर साल 6-7 लाख गाड़ियां बढ़ेंगी
परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि चार्जिंग इंफ्रा की योजना भी पॉलिसी में तैयार की गई है।
चार साल में 32 हजार चार्जिंग पॉइंट तैयार होंगे, जिसमें 8913 अभी मौजूद हैं।
अगले चार साल में एक हजार करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश करके कुल 23 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाए जाएंगे।
बैटरी स्वैपिंग पॉइंट भी बनाए जाएंगे। ईवी पॉलिसी के अनुसार, कुल मौजूद इलेक्ट्रिक गाड़ियों में से 9.57 लाख गाड़ियों को पब्लिक चार्जिंग इंफ्रा की जरूरत पड़ेगी।
कुल मौजूद ई-टूव्हीलर में से 25 फीसदी को पब्लिक चार्जिंग स्टेशन की जरूरत होगी।
इसी तरह 25 फीसदी निजी ई-कार के लिए चार्जिंग पॉइंट की जरूरत होगी।
6-7 लाख गाड़ियां हर साल बढ़ेंगी ईवी पॉलिसी 2.0 में
32 हजार से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट बनाने की प्लानिंग कर रही सरकार अगले चार साल में
सीएम ने कहा, पुरानी ईवी पॉलिसी की कमियों को दूर कर बनाया गया 2030 का रोडमैप
2030 तक दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को ई-मोबिलिटी की दिशा में ले जाने की प्लानिंग
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नई ईवी पॉलिसी जुलाई से होगी लागू
नई ईवी पॉलिसी-2026 एक जुलाई से लागू हो जाएगी। सीएम आतिशी मार्लेना ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि 2030 तक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में ले जाना है। इसलिए नई नीति में ई-गाड़ी की खरीद के साथ बैटरी मैनेजमेंट, चार्जिंग पॉइंट इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया है।
ईवी पॉलिसी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत करने में अहम भूमिका निभाई
सीएम के मुताबिक, 2020 में लागू की गई पुरानी ईवी पॉलिसी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन समय के साथ यह महसूस किया गया कि केवल प्रोत्साहन देकर ईवी की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं।
इसी को ध्यान में रखते हुए नई ईवी पॉलिसी-2026 तैयार की गई है, जिसमें चार्जिंग इन्फ्रा के विस्तार, संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने का रोडमैप शामिल है।
नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक टू व्हीलर पर 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी जारी रहेगी।
पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराने पर 10 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। साथ ही एक अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए दोपहिया गाड़ी सिर्फ इलेक्ट्रिक रजिस्टर्ड होंगे।
थ्री व्हीलर के लिए भी प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।
पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर 25 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने पर 50 हजार तक प्रोत्साहन मिलेगा
जनवरी 2027 से ई-ऑटो रिक्शा का रजिस्ट्रेशन केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों के रूप में किया जाएगा। पहली बार माल ढोने वाली गाड़ियों को व्यापक रूप से शामिल किया गया है। एन-1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रकों पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी और पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने पर 50 हजार तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। शुरुआती एक हजार एन-2 इलेक्ट्रिक ट्रकों को नो-एंट्री समय में विशेष छूट मिलेगी। सरकार ने स्कूल ट्रांसपोर्ट को भी नीति का हिस्सा बनाया है। 2030 तक स्कूल बसों के बेड़े को 30 फीसदी इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है।




