

मुंबई
फिल्मी जगत में अच्छे कंटेंट के साथ ही अच्छा संगीत हमेशा से जरूरी रहा है। बॉलीवुड में गीत संगीत को बेहद पसंद किया जाता है और इससे दर्शकों ने हमेशा जुड़ाव महसूस किया है। लेकिन म्यूजिक इंडस्ट्री की जगह को लेकर आए दिन चर्चा होती रहती है। कई सिंगर्स या कम्पोजर बदलते ट्रेंड पर अपना गुस्सा जाहिर कर चुके हैं। अब इस कड़ी में हाल ही कुमार सानू ने अपना पक्ष रखा है।
एक इंटरव्यू में कुमार सानू ने बताया संगीत की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए पर्दे के पीछे का सच उजागर किया है। कई नगमें गा चुके सिंगर के अनुसार, टैलेंट का सही तरह से इस्तेमाल नहीं हो रहा है। शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ के एक गाने को लेकर आदित्य नारायण ने बीते दिनों खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि अंतिम समय पर उन्हें रीप्लेस कर दिया गया था। इसी तरफ अरमान मलिक, अरिजीत सिंह जैसे कई संगीत से जुड़े लोग भी अपनी परेशानी शेयर कर चुके हैं। पर्दे के पीछे कई तरह की परेशानियां सिंगर्स को होती है और इसी को लेकर कुमार सानू ने भी हाल ही दिए इंटरव्यू में अपनी बात रखी।
सैकंडरी होता जा रहा है म्यूजिक
कुमार सानू का कहना था, ह्यहमारी जनरेशन लकी थी। अगर हमारे म्यूजिक डायरेक्टर्स वेस्टर्न की बजाय इंडियन म्यूजिक कल्चर पर फोकस करें तो हम बेहतर कर सकते हैं। आज के दौर में एक्टर डिसाइड करते हैं कि कौनसा सिंगर उनके लिए प्लेबैक करेगा और इस तरह की दखलअंदाजी बंद होनी चाहिए। मुझे लगता है कि आज के समय में म्यूजिक इंडस्ट्री सैकंडरी हो गई है। कभी संगीत फिल्मों में सबसे पहले हुआ करता था। अब संगीत पर इतना ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है।
फिल्ममेकर्स को भी किया टारगेट
कुमार सानू ने बातचीत के दौरान फिल्ममेकर्स पर भी निशाना साधा। उनका कहना था, एक तरफ संगीत को दूसरा दर्जा दिया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ आज के फिल्मकार ओवर कॉन्फिडेंट हैं कि वे फिल्मों में अच्छा संगीत रखना जरूरी नहीं समझते। यही बड़ा कारण है कि हमारी संगीत की दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है।



