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गवर्नर से मिलने पहुंचे गहलोत

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जयपुर। राजस्थान में सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने पहुंचे हैं। उधर, भाजपा नेता अशोक सिंह और भारत मलानी ने फोन टैपिंग मामले की जांच के लिए अपनी आवाज के नमूने देने से इनकार कर दिया है। बता दें कि कथति खरीद फरोख्त के सनसनीखेज आॅडियो टेप सामने आने के बाद राजस्थान कांग्रेस और भाजपा दोनों आमने- सामने आ गए हैं। वहीं राजस्थान एसओजी भी इस मामले की तेजी से छानबीन में लग गई है।

संजय जैन को चार दिन की रिमांड

इस बीच जयपुर की एक अदालत ने संजय जैन को राजस्थान पुलिस के स्पेशल आॅपरेशंस ग्रुप की चार दिन की रिमांड पर भेज दिया है। दूसरी ओर राजस्थान भाजपा ने कहा है कि राज्य के गृह एवं मुख्य सचिव ने फोन टैपिंग की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। ऐसे में क्या बिना किसी आधिकारिक आदेश के फोन टैप करना हमारे नागरिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं है? भाजपा नेता गुलाब चन्द कटारिया ने कहा कि हम फ्लोर टेस्ट की मांग नहीं करते हैं लेकिन यदि अशोक गहलोत को लगता है कि उनके पास बहुमत है तो उन्हें इसे साबित करना चाहिए।
बीटीपी ने गहलोत को दिया समर्थन

भारतीय ट्राइबल पार्टी ने गहलोत सरकार को अपना समर्थन दिया है। बीटीपी ने शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर उन्हें अपने समर्थन का पत्र सौंपा। बीटीपी ने कहा कि वह चाहती है कि राज्य में जनता द्वारा चुनी हुई सरकार चले। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इळढ के दोनों विधायकों ने उनकी प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ मुलाकात करके सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। इससे पहले बीटीपी ने सचिन पायलट और अशोक गहलोत की लड़ाई में तटस्थ रहने की बात कही थी। बीटीपी विधायक राजकुमार रोट ने कहा कि वे सरकार के साथ खड़े हैं।

मायावती ने राष्ट्रपति शासन की मांग की

राजस्थान में चल रही सियासी उठापठक पर बसपा प्रमुख मायावती ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा और कहा कि राज्यपाल कलराज मिश्र को राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने पहले दल-बदल कानून का खुला उल्लंघन और बसपा के साथ लगातार दूसरी बार दगाबाजी करके पार्टी के विधायकों को कांग्रेस में शामिल कराया और अब जग-जाहिर तौर पर फोन टैप कराके एक और गैर-कानूनी और असंवैधानिक काम किया है।

वसुंधरा ने तोड़ी चुप्पी

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने सूबे में जारी सियासी घमासान पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा भाजपा नेताओं पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। कांग्रेस को अपने घर की लड़ाई में भाजपा नेताओं को नहीं घसीटना चाहिए। राजस्थान की जनता को कांग्रेस की अंदरुनी कलह की कीमत चुकानी पड़ रही है, वहीं भाजपा के मौजूदा विधायक और राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा कि सरकार गिराने की आज जैसी साजिश हो रही है, वैसी पहले कभी नहीं हुई।

सीबीआइ जांच की मांग

वहीं फोन टैपिंग को लेकर सियासत गरमाई गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने फोन टैपिंग की वैधानिकता पर सवाल उठाए और राजस्थान में सरकार गिराने का प्रयास करने के कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों को ताक पर रखकर फोन टैंपिंग किए जाने समेत विभिन्न प्रकरण की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए। पात्रा के इस बयान के बाद कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी ने खुलकर स्वीकार कर लिया कि उसने अशोक गहलोत सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की।