

बिलासपुर। नेहरू चौक के समीप स्थित मरवाही विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सरकारी आवास पर आज दोपहर उसके एक कर्मचारी संतोष कौशिक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सिविल लाइन पुलिस को घटना की सूचना शाम करीब चार बजे मिली। तत्पश्चात मौके पर पहुंच पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का आईजी आफिस के सामने मरवाही सदन है, जहां रमतला निवासी संतोष कौशिक उर्फ मनुवा बीते 4 वर्ष से काम करता था। बुधवार को उनके बंगले में चार कर्मचारी काम कर रहे थे। दोपहर करीब 3 बजे मृतक संतोष अजीत जोगी के एम्बुलेंस रखने के लिए बनाए गए शेड के एंगल में फांसी पर झूल गया, कुछ देर में यह खबर आग की तरह फैल गई। बताया जा रहा है कि उस समय बंगले में जोगी परिवार का कोई सदस्य नहीं था। सूचना मिलते ही सिविल लाइन टीआई कलीम खान समेत पुलिस के अफसर मरवाही सदन पहुंचे । इधर, मृतक संतोष कौशिक के भाई कृष्ण कुमार कौशिक और अमृत कौशिक भी पहुंच गए हैं। उन्होंने मीडिया के सामने आरोप लगाते हुए बताया कि उनके भाई संतोष पर चोरी का आरोप लगाया गया था, जिसके सदमे में आकर उसने फांसी लगा ली, फिलहाल पुलिस की जांच पड़ताल जारी है।



