Xi Jinping – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sun, 13 Sep 2026 12:30:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Xi Jinping – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 BRICS में शी जिनपिंग का बड़ा संदेश, बोले- ताकतवर देश जो चाहे वही सही नहीं; सभी पर लागू हों समान नियम https://eveningtimescg.com/xi-jinpings-key-message-at-brics-whatever-powerful-nations-want-is-not-right-equal-rules-should-apply-to-all/ Sun, 13 Sep 2026 12:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/xi-jinpings-key-message-at-brics-whatever-powerful-nations-want-is-not-right-equal-rules-should-apply-to-all/ नई दिल्ली
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दुनिया में बराबरी की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि बिना नियमों वाली दुनिया उस चौराहे जैसी है, जहां यातायात संकेत नहीं हों। ऐसी जगह अराजकता होना तय है। जिनपिंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों को मिलकर बनाने चाहिए। ताकतवर देश जो चाहे, वही सही है, यह सोच अब नहीं चल सकती। ग्लोबल साउथ के देशों को मिलकर अंतरराष्ट्रीय कानून का बचाव करना चाहिए। सभी देशों की बराबरी, दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल न देना और विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने जैसे नियमों का पालन जरूरी है। साथ ही कानून और अंतरराष्ट्रीय नियम सभी पर एक जैसे लागू होने चाहिए। इसमें दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

शी जिनपिंग ने कहा कि बड़े काम करने के लिए लोगों को सबसे पहले रखना जरूरी है। ग्लोबल साउथ के देशों को आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास करना चाहिए और साल 2030 तक तय विकास लक्ष्यों को पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि चीन ने 5 साल पहले ग्लोबल डेवलपमेंट इनिशिएटिव शुरू किया था। इसके तहत दूसरे देशों के साथ मिलकर 2 हजार से ज्यादा परियोजनाएं पूरी की गई हैं। 2 लाख से अधिक लोगों को ट्रेनिंग भी दी गई है। इसका फायदा 120 से ज्यादा देशों के लोगों को मिला है। चीन दुनिया के लिए अपने दरवाजे और ज्यादा खोल रहा है। राजनयिक संबंध रखने वाले अफ्रीका के सभी 53 देशों को चीन ने बिना टैरिफ वाली सुविधा दी है।

ब्रिक्स के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उभरते बाजारों और ग्लोबल साउथ के देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने होंगे। उन्होंने उद्योग और सामान पहुंचाने की चेन को मजबूत रखने और आपसी फायदे वाले खुले सहयोग की बात कही। शी जिनपिंग ने कहा कि नई तकनीक, पारंपरिक उद्योगों के सुधार और नए क्षेत्रों में मिलकर काम करने की जरूरत है।

चीन ने 5 नई पहल का रखा प्रस्ताव
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 5 नई पहल का प्रस्ताव रखा। पहली पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खुले और सभी के लिए उपलब्ध ढांचे की है। चीन ब्रिक्स देशों के लिए एक साझा समूह बनाने, बड़े भाषा मॉडल पर सहयोग बढ़ाने, ट्रेनिंग और एक्सपर्ट बैठकों का आयोजन करने को तैयार है।

व्यापार को आसान बनाना
दूसरी पहल व्यापार और निवेश को आसान बनाने की है। चीन ने ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत देश आपस में नीतियों का तालमेल बढ़ा सकेंगे। चीन अगले साल सेवाओं के व्यापार पर ब्रिक्स मंच भी आयोजित करेगा। तीसरी पहल डिजिटल उद्योगों में सहयोग की है, जिसके लिए एक साझा क्लाउड मंच बनाने का प्रस्ताव है।

आधुनिक कारखाने बनाना
चौथी पहल समझदार मशीनों और कारखानों से जुड़ी है। चीन ब्रिक्स देशों को आधुनिक कारखाने बनाने और साझा मानक तैयार करने में मदद देगा। पांचवीं पहल विज्ञान और तकनीक से जुड़े हुनरमंद लोगों को तैयार करने की है। इसके लिए ब्रिक्स इंजीनियरों का साझा समूह बनाने और युवाओं के लिए विज्ञान-तकनीक नवाचार कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है।

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ताइवान पर फिर गरजे शी जिनपिंग, पार्टी स्थापना दिवस पर कहा- ‘एकीकरण होकर रहेगा’ https://eveningtimescg.com/xi-jinping-thunders-again-on-taiwan-declares-on-partys-founding-anniversary-reunification-is-inevitable/ Wed, 01 Jul 2026 14:11:00 +0000 https://eveningtimescg.com/xi-jinping-thunders-again-on-taiwan-declares-on-partys-founding-anniversary-reunification-is-inevitable/ बीजिंग 

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक बार फिर ताइवान को लेकर अपना सख्त रुख दोहराया है. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के 105वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में शी जिनपिंग ने कहा कि ताइवान का मुद्दा सुलझाना यानी ताइवान को चीन में शामिल करने का पार्टी का ऐतिहासिक मिशन है. उन्होंने कहा कि यह कम्युनिस्ट पार्टी की अटल प्रतिबद्धता है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। 

अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने ताइवान की आजादी की वकालत करने वाले अलगाववादी समूहों को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि चीन ऐसे सभी तत्वों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगा और किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नई परिस्थितियों में ताइवान मुद्दे को हल करने की पार्टी की रणनीति को पूरी तरह लागू किया जाएगा। 

शी जिनपिंग ने कहा कि चीन राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की हर कीमत पर रक्षा करेगा. उन्होंने दोहराया कि नेशनल यूनिफिकेशन का टारगेट हर हाल में आगे बढ़ाया जाएगा और चीन इस दिशा में लगातार कदम उठाता रहेगा। 

मजबूत देश के लिए मजबूत सेना जरूरी- जिनपिंग
अपने भाषण में राष्ट्रपति जिनपिंग ने सेना को भी मजबूत बनाने पर भी जोर दिया. चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि एक मजबूत देश के लिए मजबूत सेना जरूरी है और सिर्फ शक्तिशाली सैन्य बल ही देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ताइवान स्ट्रेट में चीन की सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। 

चीन के आर्थिक ग्रोथ पर क्या बोले शी जिनपिंग?
शी जिनपिंग ने यह भी स्वीकार किया कि चीन इस समय ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां अवसरों के साथ-साथ जोखिम और चुनौतियां भी मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि चाहे दुश्मन कितना भी ताकतवर क्यों न हो, रास्ता कितना भी मुश्किल क्यों न हो या चुनौतियां कितनी भी गंभीर क्यों न हों, चीन पीछे हटने वाला नहीं है। 

राष्ट्रपति जिनपिंग ने पार्टी नेताओं से अपील की कि वे संकट की भावना को मजबूत करें, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाएं और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को आगे बढ़ाएं. साथ ही उन्होंने पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी की शुद्धता और मजबूती को नुकसान पहुंचाने वाले हर तत्व को खत्म किया जाएगा। 

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