VBGRam-G’ scheme – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Thu, 02 Jul 2026 06:29:08 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg VBGRam-G’ scheme – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 जुलाई से ‘वीबीजीराम-जी’ योजना होगी लागू, मध्य प्रदेश में तैयारियां पूरी https://eveningtimescg.com/vbgram-g-scheme-to-be-implemented-from-july-preparations-complete-in-madhya-pradesh/ Sun, 28 Jun 2026 16:35:00 +0000 https://eveningtimescg.com/vbgram-g-scheme-to-be-implemented-from-july-preparations-complete-in-madhya-pradesh/ भोपाल

मनरेगा की जगह 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण' (वीबीजीराम-जी) योजना एक जुलाई से स्थान लेने जा रही है। मध्य प्रदेश में इसकी तैयारी हो गई है। सभी जिलों को एक्शन प्लान बनाने के लिए कहा गया है।

इसके पहले मनरेगा के अंतर्गत उन कार्यों को 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य है, जो नई योजना में नहीं हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि इस अवधि तक काम पूरे नहीं हुए तो बचे कार्यों पर खर्च होने वाली राशि का बोझ राज्य सरकार पर आएगा। इनमें गैर-अनुमत कार्य जैसे तालाबों में पानी का कटाव रोकने के लिए पत्थर का बंधान बनाना आदि शामिल हैं।

100 की जगह मिलेंगे 125 दिन रोजगार

योजना लागू होने के बाद कई बड़े परिवर्तन होने जा रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा यह कि मनरेगा में 266 तरह के कार्य थे, जबकि नई योजना में 318 तरह के सम्मिलित किए गए हैं। वर्ष में 125 दिन रोजगार की गारंटी रहेगी, जबकि मनरेगा में सौ दिन की थी।

वर्ष में 60 दिन का ड्राई पीरियड रहेगा, यानी इस अवधि में काम नहीं होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अभी इस पर निर्णय नहीं हुआ है। हालांकि, खेती की कटाई का समय इसके लिए रखा जा सकता है। कारण, इस समय मजदूर कटाई में व्यस्त रहते हैं।

बनाए जाएंगे नए जॉब कार्ड, तीन श्रेणियों में बंटेंगी पंचायतें

मजदूरों के नए जॉब कार्ड बनाए जाएंगे, लेकिन जब तक नहीं बनते पुराने कार्ड के आधार पर ही उन्हें रोजगार दिया जाएगा। पंचायतों को तीन श्रेणी में बांटकर विकास कार्य कराए जाएंगे।

पिछड़ी, जिला मुख्यालय से दूर और अधिक एससी-एसटी आबादी वाली पंचायतों को 'सी' श्रेणी में रखा जाएगा। यानी, यहां ज्यादा काम कराए जाएंगे। इसके बाद 'बी' श्रेणी की पंचायतों में इससे कम और 'ए' श्रेणी वाली में सबसे कम काम होंगे। वर्गीकरण का आधार अभी तक हुए विकास कार्य होंगे।

 

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