UP International Trade Show – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Fri, 25 Sep 2026 15:50:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg UP International Trade Show – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 चार साल में 60 से 90 देशों तक पहुंचा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो https://eveningtimescg.com/up-international-trade-show-expands-reach-from-60-to-90-countries-in-four-years/ Fri, 25 Sep 2026 15:50:00 +0000 https://eveningtimescg.com/up-international-trade-show-expands-reach-from-60-to-90-countries-in-four-years/ ग्रेटर नोएडा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर वर्ष 2023 में शुरू हुआ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो चार साल में 60 से 90 देशों तक पहुंच गया है। पहले संस्करण में 1,914 प्रदर्शक आए थे, इस बार संख्या 2,400 के पार है। 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी खरीदार भी इसमें शामिल हो रहे हैं। डेढ़ लाख से ज्यादा बी2बी विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद है।
 
चार साल के आंकड़े ट्रेड शो के बढ़ते दायरे की तस्वीर भी साफ करते हैं। वर्ष 2024 के दूसरे संस्करण में प्रदर्शकों, बी2बी विजिटर्स और विदेशी खरीदारों की संख्या बढ़ी। वर्ष 2025 में 2,228 प्रदर्शकों के साथ 85 देशों के खरीदार आए। कुल 5.07 लाख से अधिक लोगों ने ट्रेड शो देखा, इनमें 1.40 लाख से ज्यादा बी2बी विजिटर्स थे। इस बार 4.5 लाख से अधिक सामान्य विजिटर्स के आने का अनुमान है।
 
छह देशों के विशेष पवेलियन

इस बार ऑस्ट्रिया, बेलारूस, जापान, रूस, सिंगापुर और वियतनाम को पार्टनर देशों के रूप में जोड़ा गया है। इनके विशेष पवेलियन भी बनाए गए हैं। यहां प्रदेश के कारोबारी विदेशी कंपनियों और खरीदारों से सीधे बात कर सकेंगे। कारोबार के साथ तकनीकी सहयोग और संयुक्त उद्यम पर भी बातचीत होगी।
 
1,882 करोड़ के एमओयू, 11,200 करोड़ की इन्क्वायरी

पिछले साल के आंकड़े बताते हैं कि ट्रेड शो अब सिर्फ उत्पाद दिखाने तक सीमित नहीं है। वर्ष 2025 में यहां 1,882 करोड़ रुपये के 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। 11,200 करोड़ रुपये से अधिक की बिजनेस इन्क्वायरी भी मिली थी। ओडीओपी पवेलियन में लगे 466 स्टॉल से 20.77 करोड़ रुपये की बिजनेस लीड और डील सामने आई थीं।
 
एक करोड़ से अधिक एमएसएमई को मिल रहा बाजार

उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं। प्रदेश के कुल निर्यात में इनकी हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है। ट्रेड शो में इन छोटे और मध्यम उद्यमों को देश-विदेश के खरीदारों के सामने अपने उत्पाद रखने का मौका मिल रहा है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के ब्रासवेयर समेत अलग-अलग जिलों के ओडीओपी उत्पाद भी यहां पहुंचे हैं।
 
80 हजार करोड़ से करीब दो लाख करोड़ पहुंचा निर्यात

प्रदेश का निर्यात वर्ष 2017 में करीब 80 हजार करोड़ रुपये था, जो मार्च 2025 तक करीब दो लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। अब एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2025-30 में वस्तु एवं सेवा निर्यात को वित्त वर्ष 2024 के 21 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है। इसमें एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों पर खास जोर है। सभी जिलों को निर्यात से जोड़ने की भी तैयारी है।
 
निर्यात बढ़ाने की यह कवायद प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का भी हिस्सा है। इसके लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ यूपी में बने उत्पादों के लिए देश और विदेश में नए बाजार तैयार करने पर जोर है।
 
हस्तशिल्प के साथ एआई और ईवी भी

ट्रेड शो में यूपी के उद्योगों का बदलता चेहरा भी नजर आ रहा है। हस्तशिल्प, हैंडलूम और परंपरागत उत्पादों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रेड और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उत्पाद भी यहां हैं। एक तरफ भदोही का कालीन और मुरादाबाद का ब्रासवेयर है तो दूसरी तरफ एआई, ईवी और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग। चार साल में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का दायरा इसी तरह परंपरागत हुनर से नई तकनीक तक फैल गया है।

]]>