UP Election-2027 – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Fri, 25 Sep 2026 08:15:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg UP Election-2027 – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 UP Election 2027: अमित शाह से मिले केशव मौर्य, चुनावी रणनीति पर चर्चा https://eveningtimescg.com/up-election-2027-keshav-maurya-meets-amit-shah-discusses-election-strategy/ Fri, 25 Sep 2026 08:15:00 +0000 https://eveningtimescg.com/up-election-2027-keshav-maurya-meets-amit-shah-discusses-election-strategy/ लखनऊ
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव, संगठनात्मक तैयारियों और केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति समेत विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद मौर्य ने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के संकल्प को लेकर अमित शाह के साथ विस्तृत रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

घर-घर पहुंचाएंगे डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां
मौर्य ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता प्रदेशभर में विशेष जनसंपर्क अभियान चलाकर डबल इंजन सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से आम लोगों और गरीब परिवारों को मिले लाभ की जानकारी घर-घर पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर भी लोगों के बीच पार्टी का संदेश पहुंचाने की बात कही।

विपक्ष के 70 साल पर मोदी के 12 साल भारी
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में कई बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पक्के आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, डीबीटी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए काम से गरीब और वंचित वर्ग के जीवन में बदलाव आया है। मौर्य ने कहा कि भारत आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

यूपी चुनाव की रणनीति पर हुई चर्चा
मौर्य ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के साथ संगठन को भी चुनाव के लिए सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने और सरकार की योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री ने अमित शाह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री का मार्गदर्शन और संगठनात्मक अनुभव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। मौर्य ने कहा कि शाह के सुझावों से संगठन और सरकार को आगे की दिशा तय करने में मदद मिलती है। बैठक को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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UP Politics: बीजेपी के नए M-Y फॉर्मूले से बदलेगा सियासी समीकरण? 2027 में अखिलेश यादव के सामने बड़ी चुनौती https://eveningtimescg.com/up-politics-will-the-bjps-new-m-y-formula-alter-the-political-equation-a-major-challenge-awaits-akhilesh-yadav-in-2027/ Thu, 09 Jul 2026 07:34:00 +0000 https://eveningtimescg.com/up-politics-will-the-bjps-new-m-y-formula-alter-the-political-equation-a-major-challenge-awaits-akhilesh-yadav-in-2027/ लखनऊ 

उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से देश की सत्ता का रास्ता तय करती आई है. साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सूबे में सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने विनिंग'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के जरिए सत्ता का वनवास खत्म करना चाहते हैं. ऐसे में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए एम-वाई फॉर्मूले ही अपना सियासी तानाबाना बुन रही है. ये सपा का मुस्लिम-यादव समीकरण नहीं बल्कि बीजेपी की पीएम मोदी और सीएम योगी की जोड़ी की 'डबल इंजन' का है। 

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपने दो दिन के यूपी के दौरे पर इस बात को संदेश दे दिया है कि 2027 का चुनाव पार्टी पीएम मोदी और सीएम योगी के नाम और काम पर लड़ेगी. नितिन नवीन ने रविवार को अवध क्षेत्र के बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब ये समय नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ का है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान वाले वीडियो को तुरंत अपने आधिकारिक X अकाउंट पर शेयर कर पूरे संगठन में नया उत्साह करने का दांव चला. साथ ही नितिन नवीन ने जिस तरह से मोदी और योगी का जिक्र किया है, उससे यह साफ है कि बीजेपी अपने सबसे मजबूत जोड़ी के साथ सत्ता की हैट्रिक लगाने उतरेगी तो सूबे के सियासी रणभूमि में अखिलेश यादव कैसे सामना करेंगे? 

बीजेपी का यूपी में एम-वाई फार्मूला
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'एम-वाई' का मतलब 'मुस्लिम-यादव' समीकरण माना जाता था, जो सपा का मुख्य आधार रहा है. मुलायम सिंह यादव ने एम-वाई समीकरण के दम पर तीन बार सीएम बने तो एक बार अखिलेश यादव के सिर भी सत्ता का ताज सजा, लेकिन बीजेपी के राजनीतिक उभार के बाद सपा का एम-वाई समीकरण पूरी तरह फेल हो गया. ऐसे में अखिलेश ने मुस्लिम-यादव परस्त वाली छवि के बाहर निकलकर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले का दांव चला, जो 2024 में फिट रहा। 

बीजेपी ने सपा के नैरेटिव को पूरी तरह बदलकर रख दिया है और 2027 के लिए अपने एम-वाई फार्मूले यानि 'मोदी-योगी' के नाम पर चुनाव लड़ने की तैयारी की है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है. सभा में मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं ने उनके हर वाक्य पर तालियों से माहौल गूंजा दिया। 

नितिन नवीन इससे पहले भी कह चुके हैं कि योगी आदित्यनाथ यूपी के मुख्यमंत्री हैं और उनके नेतृत्व में सरकार चला रहे हैं, तो निश्चित रूप से उन्हीं का चेहरे पर ही यूपी में होगा. अब  नितिन नवीन ने भरे मंच से सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम पर मुहर लगा दी है और उनके ही चेहरे पर 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया है। 

2027 में बीजेपी लगाएगी सत्ता की हैट्रिक
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन अपने दो दिन के यूपी प्रवास पर न ही संगठन और सरकार के बीच समन्वय बनाने की कवायद की बल्कि 2027 में सत्ता की हैट्रिक लगाने की ठोस बुनियाद रखने का काम किया. नितिन नवीन ने दावे के साथ कहा कि वर्ष 2027 में भी उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ डबल इंजन सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने विकास के कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जोड़ी ने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। 

नितिन नवीन ने अपने भाषण में मोदी-योगी की जोड़ी को विकास, सुशासन और सुरक्षा का प्रतीक बताया. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में संगठन को और मजबूत बनाएं. यह बयान आगामी चुनावी रणनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सीएम योगी ने वीडियो शेयर करते हुए कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया. उन्होंने संकेत दिया कि मोदी और योगी के नेतृत्व में भाजपा का सफर अब नई ऊंचाइयों को छू रहा है। 

नितिन नवीन ने कहा कि निश्ति रूप से आप आवाम की जिन चीजों की पहली आवश्यकता होती है,गुड गवर्नेंस, डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों के जैसे काम कर रहा है. तो आम जनमानस इसको देखकर वोट करता है. अगर हमने गरीब की चिंता की. चाहे वो प्रधानमंत्री अन्न योजना से लेकर पूरी तरह से सरकार की योजनाओं को एकदम नीचे तक क्रियानवन किया। 

बीजेपी अध्यक्ष का कहना कि मोदी के विजन और योगी के सख्त प्रशासन ने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दी है. एक्सप्रेसवे, निवेश, राम मंदिर और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भाजपा की छाप साफ नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि यूपी में लॉ एंड ऑर्डर का जो सीएम योगी की यूएसपी है, वो जमीन पर दिख रहा है. तो ये सब चीजें हमारे लिए स्पष्ट रूप से हमारे तीसरे सरकार बनाने के लिए, हैट्रिक लगाने के लिए काफी है। 

बीजेपी के एम-वाई का कैसे सपा करेगी मुकाबला
2024 के लोकसभा चुनाव से भले ही सपा के हौसले बुलंद हो, लेकिन 2027 के चुनाव में बीजेपी की मोदी और योगी की जोड़ी का मुकाबला करना अखिलेश यादव के लिए आसान नहीं होगा. बीजेपी ने 2024 के बाद जिस तरह से हरियाणा से लेकर महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल की चुनावी जंग फतह करने में कामयाब रही है, उसके बाद यूपी में पूरे दमखम के साथ उतरेगी। 

पीएम मोदी और सीएम योगी को बीजेपी का सबसे लोकप्रिय चेहरा माना जाता है. 2022 के चुनाव में इस जोड़ी ने सपा के सारे समीकरण को ध्वस्त कर दिया था. पीएम मोदी को बीजेपी के लिए जीत का गारंटी वाला चेहरा माना जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्मा, उनकी जनकल्याणकारी योजनाएं (राशन, आवास, आयुष्मान योजना) और 'कल्याणकारी राज्य' की छवि ने जातियों के बंधन को तोड़कर एक बड़ा 'लाभार्थी वोट बैंक' तैयार किया है। 

योगी आदित्यनाथ का 'बुलडोजर मॉडल और हिंदुत्व की राजनीति के आगे विपक्ष के सारे गणित ध्वस्त हो जाते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'कठोर' कानून-व्यवस्था वाली छवि, अपराधियों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति और हिंदुत्व का चेहरा भाजपा का सबसे बड़ा ट्रंप कार्ड है। 

बीजेपी के 'मोदी-योगी' फार्मूला, जो राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों पर टिका है. चुनाव में मोदी-योगी की जोड़ी सूबे के सियासी रण में जब उतरेगी तो सपा के लिए उसका सामना करना आसान नहीं होगा, लेकिन अखिलेश यादव अपने पीडीए मॉडल को रख रहे हैं. साथ ही सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चलते नजर आ रहे हैं ताकि बीजेपी की एम-वाई जोड़ी का मुकाबला कर सकें। 

पीडीए के साथ अखिलेश का हिंदुत्व दांव
2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित अखिलेश यादव ने समझ लिया है कि केवल परंपरागत मुस्लिम-यादव समीकरण के भरोसे बीजेपी के 'मोदी-योगी' ब्रांड को नहीं हराया जा सकता. इसके लिए उन्होंने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा बुलंद किया है. अखिलेश यादव अब केवल यादव केंद्रित राजनीति से बाहर निकलकर कुर्मी, शाक्य, सैनी, मौर्य और निषाद जैसी गैर-यादव पिछड़ी जातियों पर भरोसा जता रहे हैं। 

अखिलेश की नजर मायावती की बसपाके कमजोर होने का सीधा फायदा उठाने के लिए लगातार दलितों (विशेषकर पासी और जाटव समाज) के बीच पैठ बना रही है. बाबा साहेब अंबेडकर के सहारे दांव चल रहे हैं तो 2027 में दलित समुदाय को बड़ी संख्या में टिकट देने की रणनीति बनाई है. इसके साथ ही सपा साफ्ट हिंदुत्व की राह पर भी चल रही है, जिसके लिए अखिलेश यादव इटावा में  'केदारेश्वर महादेव मंदिर' बनवा रहे हैं। 

 इटावा में बने रहे केदारेश्वर मंदिर के जरिए सॉफ्ट हिंदुत्व के एजेंडे को अखिलेश इसे और धार दे सकते है. सावन में मंदिर के भव्य लोकार्पण की तैयारी है. राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला लगातार उठा रहे हैं.बीजेपी की आक्रामकता वाली रणनीति पर विपक्ष और सधे कदमों से बढ़ने की तैयारी में जुट गया है, जिससे ध्रुवीकरण के बजाय 2027 का समर सामाजिक समीकरणों के हथियारों से लड़ा जा सके और बीजेपी को मात देने की है, लेकिन मोदी-योगी की जोड़ी से पार पाना उनके लिए एक कठिन चुनौती होगा। 

 

 

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UP Election 2027: 3-4 जुलाई को यूपी में क्या बड़ा होने वाला है? दिल्ली से आएंगे ‘मुखिया’, चुनावी रणनीति पर मंथन https://eveningtimescg.com/up-election-2027-what-major-development-is-expected-in-up-on-july-3-4-top-leadership-to-arrive-from-delhi-brainstorming-on-election-strategy/ Wed, 01 Jul 2026 03:32:00 +0000 https://eveningtimescg.com/up-election-2027-what-major-development-is-expected-in-up-on-july-3-4-top-leadership-to-arrive-from-delhi-brainstorming-on-election-strategy/ लखनऊ 
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है. प्रदेश की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हर राजनीतिक दल ने अपने तरकस से तीर निकालने शुरू कर दिए हैं. इसी सियासी हलचल के बीच बीजेपी ने अपनी तैयारियों को धार देने के लिए ‘मिशन मोड’ एक्टिव कर दिया है. इसी मिशन को धार देने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 3 और 4 जुलाई को लखनऊ का दौरा करने वाले हैं. राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव के बाद यह शीर्ष नेतृत्व का पहला बड़ा दौरा है. जानें इसके पीछे की कहानी। 

नई टीम के साथ ‘चुनावी मंत्र’
भाजपा ने उत्तर प्रदेश में विधानस
भा चुनाव की तैयारियों को धार देने के लिए हाल ही में प्रदेश इकाई में व्यापक फेरबदल किया है. यूपी अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में नई टीम का गठन हो चुका है, जिसमें 19 उपाध्यक्ष, आठ महासचिव और 19 सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. अब बारी इस टीम को ‘एक्टिव मोड’ में लाने की है. जानकारों का कहना है कि नितिन नवीन अपने इस दौरे के जरिए यह परखेंगे कि नई टीम जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी है और कार्यकर्ताओं के साथ उनका तालमेल कैसा है। 

3-4 जुलाई: लखनऊ में क्यों है हलचल?
नितिन नवीन का दो दिवसीय लखनऊ प्रवास केवल एक औपचारिक दौरा नहीं है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनका मुख्य फोकस आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रोडमैप तैयार करना है. 3 और 4 जुलाई को वे राज्य के वरिष्ठ नेताओं, क्षेत्रीय प्रभारियों और संबद्ध संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सिलसिलेवार बैठकें करेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी उनकी मुलाकात की संभावना है. स्पष्ट है कि पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर है। 

सीएम योगी संग होगी महाबैठक
लखनऊ दौरे के दौरान नितिन नबीन सिर्फ संगठन के लोगों से ही नहीं मिलेंगे. सूत्रों का कहना है कि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी होने वाली है. इस बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर गंभीर चर्चा होगी। 

संघ के पदाधिकारियों से होगी बातचीत
बीजेपी के इस महामंथन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका भी बड़ी होने वाली है. मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, नितिन नबीन अपने दौरे में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात कर सकते हैं. चुनाव से पहले संघ का फीडबैक भाजपा के लिए हमेशा से बहुत मायने रखता आया है। 

जमीनी कार्यकर्ताओं से लेंगे फीडबैक
सिर्फ बड़े नेताओं से मुलाकात ही इस दौरे का मकसद नहीं है. नितिन नबीन क्षेत्रीय स्तर के संगठन मंत्रियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठकें करेंगे. वह जानना चाहते हैं कि यूपी की जनता के बीच इस समय क्या माहौल है और विपक्ष के दांव काट ढूंढने के लिए क्या किया जाना चाहिए। 

तैयार होगा जीत का महाप्लान
इस पूरे दो दिवसीय दौरे का आखिरी मकसद साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एक अचूक रोडमैप तैयार करना है. दिल्ली से आ रहे मुखिया यह तय करेंगे कि आने वाले महीनों में पार्टी को कौन से बड़े कार्यक्रम करने हैं। 

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