Umesh Pal – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Mon, 05 Oct 2026 16:30:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Umesh Pal – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन कहां हैं? अरमान से पूछताछ में खुल सकते हैं अतीक गैंग के बड़े राज https://eveningtimescg.com/where-are-guddu-muslim-and-shaista-parveen-interrogation-of-arman-could-reveal-major-secrets-of-the-atiq-gang/ Mon, 05 Oct 2026 16:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/where-are-guddu-muslim-and-shaista-parveen-interrogation-of-arman-could-reveal-major-secrets-of-the-atiq-gang/ प्रयागराज
प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में पांच लाख रुपये का इनामी आरोपी अरमान अब प्रयागराज पुलिस की कस्टडी में है. करीब साढ़े तीन साल तक गया की जेल में बंद रहने के बाद उसे प्रयागराज लाया गया है. अरमान की अहमियत सिर्फ इस वजह से नहीं है कि उस पर उमेश पाल हत्याकांड में शामिल होने का आरोप है, बल्कि पुलिस के मुताबिक वारदात वाले दिन वही बाइक चला रहा था जिस पर बमबाज गुड्डू मुस्लिम बैठा था. इसके अलावा अरमान को अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन का बेहद करीबी बताया जाता रहा है. ऐसे में पुलिस की पूछताछ का फोकस सिर्फ उमेश पाल हत्याकांड तक सीमित रहने के बजाय गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता के लंबे समय से फरार रहने की कड़ी तक पहुंच सकता है। 

43 महीने बाद खुला एक ऐसा दरवाजा, जिसके पीछे छिपे हैं कई सवाल
24 फरवरी 2023… प्रयागराज की सड़क पर उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की हत्या हुई. कैमरों में कैद हुई तस्वीरों ने पूरे हत्याकांड को समझने की एक अहम कड़ी पुलिस को दी. बम बरसा रहा था गुड्डू मुस्लिम और बाइक चला रहा था अरमान. वारदात के बाद दोनों उसी बाइक से फरार हुए थे. अरमान अतीक अहमद के नेटवर्क से जुड़ा बताया गया और बाद में उसकी तलाश में पांच लाख रुपये का इनाम घोषित हुआ.  लेकिन कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट इसके बाद आया. जिस अरमान को यूपी पुलिस तीन साल से तलाश रही थी, वह यूपी से बाहर किसी नए नाम या पहचान के साथ नहीं, बल्कि बिहार की गया जेल में बंद था. अब उसे पुलिस प्रयागराज लेकर आ रही है। 

सबसे बड़ा सवाल, गुड्डू मुस्लिम कहां गया
उमेश पाल हत्याकांड के बाद कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए, कुछ मुठभेड़ में मारे गए और कुछ के खिलाफ अदालत में कार्रवाई आगे बढ़ी. लेकिन गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. गुड्डू मुस्लिम पर पांच लाख रुपये का इनाम है, जबकि शाइस्ता परवीन पर भी इनामी राशि घोषित की गई थी. पुलिस ने दोनों की तलाश में कई राज्यों में दबिश दी, लेकिन उनका पता नहीं चल सका. अब पुलिस के हाथ ऐसा व्यक्ति लगा है जो गुड्डू मुस्लिम के बेहद करीब रहा था. अरमान ने गुड्डू को अपनी बाइक पर बैठाकर उमेश पाल के घर तक पहुंचा था. यानी पुलिस के सामने अब एक ऐसा आरोपी है जो वारदात से ठीक पहले गुड्डू के साथ था और वारदात के बाद उसके साथ ही वहां से निकला था. यही वजह है कि अरमान की पूछताछ इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। 

क्या अरमान बता सकता है गुड्डू मुस्लिम का आखिरी ठिकाना 
पुलिस के लिए पहला बड़ा सवाल यही हो सकता है कि 24 फरवरी 2023 की वारदात के बाद गुड्डू मुस्लिम कहां गया? दोनों साथ भागे थे. ऐसे में पुलिस यह जानना चाहेगी कि वारदात के बाद दोनों के रास्ते कब और कहां अलग हुए. क्या गुड्डू पहले से तय किसी ठिकाने पर पहुंचा था? किसने उसे वहां पहुंचाने में मदद की? क्या उसके पास पहले से सुरक्षित ठिकानों की पूरी सूची थी? क्या फरारी के दौरान उसे किसी ने आर्थिक या लॉजिस्टिक मदद पहुंचाई?

इन सवालों के जवाब अगर अरमान की पूछताछ में मिलते हैं तो जांच की दिशा एक बार फिर बदल सकती है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि अरमान के पास वर्तमान में गुड्डू मुस्लिम के बारे में कोई ऐसी जानकारी है या नहीं. यह पुलिस की पूछताछ के बाद ही सामने आएगा. दूसरा बड़ा सवाल हो सकता है कि शाइस्ता की फरारी का नेटवर्क कौन चला रहा था ? अरमान को लेकर एक और बात उसे इस केस में महत्वपूर्ण बनाती है. पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि अरमान शाइस्ता परवीन के बेहद करीब रहता था और उसके मूवमेंट तथा सुरक्षा व्यवस्था में साथ रहता था। 

गया का ही रहने वाला है अरमान 
उमेश पाल के हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी शूटर अरमान बिहार के गया जिला के कठोत्तर तालाब का रहने वाला है. और उमेश पाल के हत्या के बाद अरमान उत्तर प्रदेश से गया आ गया. गया शहर के कटारी तालाब के पास एक अंडा व्यवसाय पर गोली चलाने के पुराने मामले में गया कोर्ट में 27 फरवरी 2023 को आत्मसमर्पण कर दिया. जहां से उसको गया के सेंट्रल जेल में 27 फरवरी 2023 को भेज दिया गया था और अभी तक अरमान गया के सेंट्रल जेल में बंद है. प्रयागराज के धूमनगंज थाना की पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि उमेश पाल का हत्याकांड में शामिल आरोपी बिहार के गया जिला के सेंट्रल जेल में बंद है तो उत्तर प्रदेश की पुलिस गया के सेंट्रल जेल पहुंची और गया के सेंट्रल जेल में बंद अरमान से पूछताछ कर उमेश पाल के हत्याकांड में शामिल आरोपी अरमान की पहचान की. यूपी पुलिस ने पांच लाख के इनामी हत्याकांड के आरोपी अरमान को अपने साथ उत्तर प्रदेश ले जाने के लिए कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए अर्जी भी दी. अब पुलिस उसे लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हो चुकी है। 

परिवार वालों को एनकाउंटर का डर 
वही उमेश पाल के हत्या के आरोपी अरमान के पिता समीम मलिक ने बताया की मेरा बेटा अरमान उत्तर प्रदेश के उमेश पाल हत्या में शामिल था और वहां से भाग कर वह गया आया . गया में एक पुराने मामले भोलू अंडा वाला के केश में गया कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था. मगर तीन -चार साल के बाद उत्तर प्रदेश की पुलिस अरमान को उत्तर प्रदेश ले जाने के लिए आई थी. अब हम लोगों को डर लग रहा है की उत्तर प्रदेश की पुलिस अरमान को ले जाते समय एनकाउंटर न कर दे क्योंकि उत्तर प्रदेश की पुलिस आरोपी के हाथ में बंदूक देकर एनकाउंटर कर देती है. उन्होंने कहा कि उमेश पाल के हत्या के चार आरोपियों को उत्तर प्रदेश की पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है और यह पांचवां आरोपी है तो हमें लग रहा है की इसका भी एनकाउंटर न कर दें. उन्होंने कहा कि अरमान उत्तर प्रदेश में एक बर्फ फैक्ट्री में काम करता था मगर वहां से कुछ लोगों ने उसको अतीक अहमद के साथ जुड़ा दिया था. मेरा बेटा अरमान अतीक अहमद के साथ नहीं रहता था. मेरा बेटा अरमान अतीक अहमद के बीवी शाहिस्ता और मली भाई के साथ रहता था। 

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