traffic rule – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sun, 26 Jul 2026 04:11:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg traffic rule – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 MP Traffic Rules: अब 60 दिन के भीतर भरना होगा चालान, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्ती https://eveningtimescg.com/mp-traffic-rules-traffic-fines-must-now-be-paid-within-60-days-strict-action-against-violators/ Sun, 26 Jul 2026 04:11:00 +0000 https://eveningtimescg.com/mp-traffic-rules-traffic-fines-must-now-be-paid-within-60-days-strict-action-against-violators/ भोपाल

परिवहन विभाग की लापरवाही से मध्य प्रदेश में बार – बार यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों पर विभाग अब शिकंजा कसेगा। पत्रिका के खुलासे के बाद अब तक सिर्फ ई-चालान कर कुंभकर्णी नींद में सोने वाला विभाग इस व्यवस्था को सख्ती करने की तैयारी करने के दावे कर रहा है। नई प्रस्तावित नीति के तहत ई – चालान जारी होने के बाद 60 दिन के अंदर जुर्माना जमा भरना अनिवार्य होगा। ऐसा न होने पर वाहन मालिक और चालक पर कार्रवाई होगी।

फिर भी नियम तोड़ने वाले बेखौफ
प्रदेश में ई-चालान की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2023 में करीब 90 हजार, 2024 में करीब 13 लाख और 2025 में 18 लाख से ज्यादा ई-चालान हुए। इसके बावजूद बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

परिवहन विभाग बोला- नियम तोडऩे वालों पर प्रभावी कार्रवाई उद्देश्य
परिवहन विभाग के शीर्ष अफसरों के अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ चालान की राशि वसूलना नहीं, बल्कि बार – बार नियम तोड़ने वाले वाहनों और चालकों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करना है।

मियाद पूरी, तब क्या होगा?
प्रस्तावित नीति में तय किया जा रहा है कि, 60 दिन की मियाद पूरी होने के बाद बकाया ई – चालान वाले वाहनों पर कैसी कार्रवाई होगी। इसमें नोटिस, वाहन के दस्तावेज से जुड़ी कार्रवाई, परमिट या फिटनेस पर रोक व गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

एक्सपर्ट व्यू
विशेषज्ञों की मानें तो चालान काटना तब प्रभावी है, जब उसके बाद की कार्रवाई भी सुनिश्चित हो। 60 दिन की समय सीमा के साथ चालान भुगतान की निगरानी, लंबित चालानों की स्वत: पहचान, बार-बार उल्लंघन करने वालों के लिए रिस्क कैटेगरी बनाना जरूरी है। वाहन, चालक और चालान का डेटा एकीकृत होने पर स्थायी सुधार संभव होगा।

 

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दिल्ली में 1 नवंबर से नए ट्रैफिक नियम लागू, कई वाहनों की नो एंट्री; पार्किंग फीस भी होगी दोगुनी https://eveningtimescg.com/new-traffic-rules-in-delhi-from-november-1-no-entry-for-several-vehicle-types-parking-fees-to-double/ Wed, 01 Jul 2026 14:33:00 +0000 https://eveningtimescg.com/new-traffic-rules-in-delhi-from-november-1-no-entry-for-several-vehicle-types-parking-fees-to-double/  नई दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हर साल सर्दियों का मौसम प्रदूषण की मार लेकर आता है. इस बार प्रदूषण पर नकेल के लिए सरकार पहले से ही एक्शन प्लान तैयार करने में जुटी है. दिल्ली सरकार ने इस बार प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कड़े नियमों का ऐलान कर दिया है. दिल्ली में इस बार एक नवंबर से 28 फरवरी तक वाहनों की आवाजाही से लेकर निर्माण कार्य तक, कड़े नियम लागू रहेंगे। 

दिल्ली सरकार का कहना है कि पिछले तीन वर्ष में सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता लगातार बहुत खराब से गंभीर श्रेणी तक पहुंचती रही है, इसलिए अब स्थायी और सख्त उपाय लागू किए जा रहे हैं. दिल्ली में अब बिना पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट के वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा. दिल्ली के सभी पेट्रोल और सीएनजी पंपों पर पूरे साल केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन मिलेगा, जिनके पास वैध पीयूसी होगा। 

दिल्ली में अब एएनपीआर कैमरों और डिजिटल डेटाबेस के जरिये निगरानी की जाएगी. बिना पीयूसी के पकड़े जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा. एक नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली में दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-VI से नीचे के वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. दिल्ली से बाहर के सभी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर इस अवधि के दौरान रोक रहेगी. हालांकि, CNG के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस की गाड़ियों को छूट दी जाएगी। 

दोगुनी होगी पार्किंग फी
एक नवंबर से 28 फरवरी तक पार्किंग की फीस भी महंगी होगी. अधिकृत पार्किंग स्थलों पर वाहन पार्क करने की फीस इस अवधि में दोगुनी वसूली जाएगी. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के पार्किंग स्थलों को इस फैसले से बाहर रखा गया है. इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि इससे लोग मेट्रो का अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। 

दफ्तर आएगा 50% स्टाफ
एक नवंबर से 31 जनवरी तक सरकारी और निजी कार्यालयों में केवल 50% कर्मचारी ही शारीरिक रूप से उपस्थित रह सकेंगे. बाकी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य होगा. निजी कंपनियों को कार-पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और अलग-अलग शिफ्ट लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. इस अवधि में निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर भी रोक रहेगी. 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच अधिकांश निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े काम पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। 

इस दौरान निर्माण सामग्री लेकर आने वाले वाहनों को भी दिल्ली में एंट्री नहीं दी जाएगी. तीन हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली सभी व्यावसायिक ऊंची इमारतों, मॉल, होटल और कार्यालय भवनों में एंटी-स्मॉग गन या मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा. सभी संस्थानों को 15 अगस्त तक यह व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी. एक हजार वर्गमीटर से बड़े निर्माण स्थलों पर भी मिस्ट सिस्टम लगाना जरूरी होगा। 

खुले में कूड़ा या पत्ते जलाने पर एक्शन
दिल्ली में आरडब्ल्यूए, हाउसिंग सोसाइटी, संस्थानों और सरकारी-निजी प्रतिष्ठान को अपने-अपने परिसर में खुले में आग जलाने की घटनाएं रोकने की जिम्मेदारी दी गई है. कूड़ा, पत्तियां, प्लास्टिक या बायोमास जलाने पर सख्त कार्रवाई होगी. खुले में आग जलाने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन आधारित निगरानी की जाएगी. रात के समय निगरानी और अधिक की जाएगी। 

नियम तोड़ने वालों पर केस
दिल्ली सरकार ने सख्त लहजे में कहा है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत कार्रवाई की जाएगी. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ जुर्माना, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति, परिसर सील करने से लेकर अभियोजन तक की कार्रवाई की जा सकती है. दिल्ली सरकार ने कहा है कि पिछले तीन वर्षों में नवंबर से फरवरी के बीच दिल्ली का AQI लगातार 312 से 342 के बीच रहा, जबकि अधिकतम AQI 461 से 494 तक पहुंचा। 

अधिकारियों का कहना है कि इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए सर्दियों के लिए यह स्थायी प्रदूषण नियंत्रण ढांचा तैयार किया गया है. कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण को आपदा के स्तर तक पहुंचने से रोकने के लिए अब तक का सबसे व्यापक और सख्त शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण आदेश जारी किया है. इसका असर सीधे आम नागरिकों, वाहन चालकों, दफ्तरों, बिल्डरों और व्यावसायिक संस्थानों पर पड़ेगा। 

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