State-level SRG – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Mon, 28 Sep 2026 16:25:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg State-level SRG – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के अनुरूप शिक्षण के लिए राज्य स्तरीय एसआरजी उन्मुखीकरण शुरू https://eveningtimescg.com/state-level-srg-orientation-begins-for-teaching-aligned-with-the-national-curriculum-framework-ncf-2023/ Mon, 28 Sep 2026 16:25:00 +0000 https://eveningtimescg.com/state-level-srg-orientation-begins-for-teaching-aligned-with-the-national-curriculum-framework-ncf-2023/ भोपाल

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ)-2023 और नई एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के अनुरूप कक्षा 6 से 8 की शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य स्रोत समूह (एसआरजी) का चार दिवसीय राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण सोमवार को भोपाल स्थित आइकफ आश्रम में प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण में गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों के 153 एसआरजी सदस्य भाग ले रहे हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के पाठ्यक्रम कक्ष के विषय विशेषज्ञों के साथ सहयोगी संस्था पीपल द्वारा प्रशिक्षण में अकादमिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 ऐसी शिक्षा व्यवस्था की कल्पना करती है, जो विद्यार्थियों को 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करे। इसी दृष्टि को साकार करने के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) 2023 के माध्यम से विद्यालयी शिक्षा के विभिन्न स्तरों और विषयों में आवश्यक बदलावों को दिशा दी गई है। कक्षा 6 से 8 के स्तर पर विद्यार्थियों की मूलभूत दक्षताओं को सुदृढ़ करते हुए उन्हें आगे के अध्ययन के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है। विकसित कक्षा 7 की नवीन NCERT पाठ्यपुस्तकों में विषय-वस्तु की संरचना और शिक्षण-अधिगम के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण संशोधन अंगीकृत किए गए हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य इन बदलावों, पाठ्यपुस्तकों की दृष्टि और उनके प्रभावी शिक्षण को समझने में एसआरजी सदस्यों की क्षमता को मजबूत करना है।

पहले दिन राष्ट्रीय पाठ्यचर्या और नवीन पाठ्यपुस्तकों पर हुई चर्चा

प्रतिभागियों के परिचय और प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों की जानकारी के साथ पहले दिन प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। इसके बाद गत वर्ष के प्रशिक्षण का पुनरावलोकन, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 की अनुशंसाओं तथा नवीन पाठ्यपुस्तकों की विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पाठ्यपुस्तकों में किए गए बदलावों और

विद्यार्थियों के सीखने को बेहतर बनाने के लिए अपनाई गई नई शिक्षण दृष्टि को समझने पर विशेष जोर दिया गया। इसके बाद गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान के विषयवार सत्रों में अनुभवात्मक शिक्षण पर कार्य किया गया। गणित में भिन्न के साथ कार्य करने, विज्ञान में विद्युत परिपथ एवं उसके घटकों तथा सामाजिक विज्ञान में मौसम को समझने जैसे विषयों को गतिविधियों के माध्यम से समझाया गया। साथ ही, वास्तविक कक्षा के अवलोकन के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को कक्षा की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

अगले तीन दिन विविध विषयों पर होगी चर्चा

प्रशिक्षण के पहले दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता को शिक्षण सहायक के रूप में उपयोग करने पर चर्चा हुई। अगले तीन दिनों में आनंदमय शिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य, नैतिकता एवं मूल्य, कौशल बोध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दीक्षा एवं आईगॉट पोर्टल तथा पाठ योजना निर्माण सहित विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। राज्य शिक्षा केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के बाद प्रदेश के 10 संभागों में 1,932 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। इन मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से प्रदेश के लगभग 76 हजार शिक्षकों तक नई शिक्षण दृष्टि और पाठ्यपुस्तकों की समझ से संबंधित जानकारी प्रशिक्षण के माध्यम से पहुंचाई जाएगी। 

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