Shoaib Akhtar – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Wed, 15 Jul 2026 13:30:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Shoaib Akhtar – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 हकीम की दवा’ बताकर ड्रग्स का सच छिपाते रहे शोएब अख्तर? ऐसे खुली पूरे मामले की पोल https://eveningtimescg.com/did-shoaib-akhtar-hide-the-truth-about-drugs-by-calling-it-hakims-medicine-here-is-how-the-whole-matter-was-exposed/ Wed, 15 Jul 2026 13:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/did-shoaib-akhtar-hide-the-truth-about-drugs-by-calling-it-hakims-medicine-here-is-how-the-whole-matter-was-exposed/  नई दिल्ली

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ से जुड़े ड्रग्स के खुलासों पर क्रिकेट की दुनिया हैरान है. गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने कहा है कि पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ी  शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ समेत टीम के दूसरे सदस्य जब भी भारत आते थे ड्रग्स के लेकर आते थे. इस खुलासे ने पाकिस्तान क्रिकेट के काले सच को उजागर कर दिया है। 

आरवीएस मणि ने एएनआई के साथ एक पॉडकास्ट में कहा है कि शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ ने स्वीकार किया था कि शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ ने भारत में  पाकिस्तानी हाई कमिश्नर के सामने खुद स्वीकार किया कि वे ड्रग्स लेकर आए हैं, इसके बाद पाकिस्तान हाई कमिश्नर ने इन खिलाड़ियों को वापस भेज दिया। 

ये घटना 20 साल पहले की है. अक्टूबर 2006 में भारत में चैम्पियंस ट्राफी के मैच हो रहे थे। 

तब पाकिस्तान क्रिकेट टीम एक के बाद एक विवादों में उलझी थी. ओवल में बॉल टेम्परिंग विवाद, कप्तानी संकट और बोर्ड में बदलाव के बीच पाकिस्तानी खिलाड़ी टीम इंडिया के खिलाफ तैयारियों में जुटी थी. लेकिन ठीक मैच से एक दिन पहले 16 अक्टूबर को पाकिस्तान क्रिकेट को सबसे बड़ा झटका लगा. 17 अक्तूबर को पाकिस्तान-श्रीलंका के बीच पहला मैच था। 

क्रिकेट की दुनिया में सनसनी
तभी एक धमाका सा हुआ. पा
किस्तान टीम के टीम के दो मुख्य तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए. इसका मतलब था कि ये दोनों खिलाड़ी खेल के नियमों के विपरित प्रतबंधित सामग्री का इस्तेमाल कर रहे थे। 

पाकिस्तान टीम में तूफान मच गया, दोनों खिलाड़ियों को भारत की पहली ही फ्लाइट से वापस पाकिस्तान भेज दिया गया। 

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन नसीम अशरफ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बोर्ड ने 25 खिलाड़ियों का टेस्ट किया था और दो पॉज़िटिव नतीजों की पुष्टि अब मलेशिया में वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) से मान्यता प्राप्त लैब ने कर दी है। 

पहली फ्लाइट से पाकिस्तान निकले
अशरफ़ ने आगे कहा था कि पाकिस्तान ने उन दो खिलाड़ियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और उन्हें चैंपियंस ट्रॉफ़ी से हटा दिया है. उन्होंने कहा, "खिलाड़ी सबसे पहली उपलब्ध फ़्लाइट से घर लौटेंगे। 

शोएब अख्तर अपनी बेगुनाही साबित करते रहे. उन्होंने कहा कि वे एक हकीम की दवा खा रहे थे. लेकिन जांच टीम के सामने वे न तो अपनी बेगुनाही साबित कर सके और न ही ये बता सके कि जो 'सब्सटेंस' वो ले रहे थे वो हकीम द्वारा दी गई एक दवा थी। 

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने सितंबर के अंत में 19 खिलाड़ियों का आंतरिक डोप टेस्ट कराया था. यह टेस्ट कोच बॉब वूल्मर के आग्रह पर पहली बार किया गया था. सैंपल मलेशिया की WADA लैब में भेजे गए, जहां दोनों खिलाड़ियों के सैंपल नंद्रोलोन (एक प्रतिबंधित एनाबोलिक स्टेरॉयड) के लिए पॉजिटिव पाए गए.

PCB ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खिलाड़ियों को जयपुर से वापस भेजने का फैसला किया ताकि टूर्नामेंट के दौरान कोई और शर्मिंदगी न हो। 

शोएब अख्तर उस समय न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि दुनिया के सबसे चर्चित और विवादास्पद तेज गेंदबाज थे. उन्होंने शुरुआत में इनकार किया. 2006 से लाहौर से आई एक रिपोर्ट में शोएब अख्तर ने कहा था मैंने जानबूझकर कोई परफॉर्मेंस एन्हांसिंग ड्रग नहीं लिया है और न कभी अपनी टीम या विरोधियों के साथ धोखा करूंगा। 

झूठा निकला बेगुनाही का दावा
Bigstarcricket.com वेबसाइट पर अपनी डायरी में उन्होंने कहा था, "जो कुछ हुआ है, उसके बारे में मैं अभी ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता, लेकिन मैं बस सबको यकीन दिलाना चाहता हूं कि मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है जो मुझे नहीं करना चाहिए था, और मैं बेगुनाह हूं। 

अख्तर ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के तब के पैट्रन और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उनसे इस मामले पर कोई भी विस्तृत टिप्पणी न करने को कहा था. दरअसल ये पूरी कोशिश पाकिस्तान की इमेज बचाने की थी। 

इस डायरी में अख्तर ने लिखा, "मैं बस इतना कह सकता हूं कि मैंने जान-बूझकर परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली कोई दवा नहीं ली है और मैं कभी भी अपने साथियों या प्रतिद्वंद्वियों के साथ इस तरह से धोखा नहीं करूंगा। 

"मैंने हमेशा खेल ईमानदारी से खेला है और अपना 100 प्रतिशत दिया है, मुझे नहीं लगता कि अपनी बॉलिंग को बेहतर बनाने के लिए मुझे किसी दवा की ज़रूरत है। 

हकीम की दवा का सच आया सामने
लेकिन जांच के निष्कर्ष, डोप टेस्ट की रिपोर्ट के सामने उनका कोई बचाव काम नहीं आया। 

स्पोर्ट्स वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइन्फो की 20 साल पुरानी एक रिपोर्ट के अनुसार इस जांच पैनल के चेयरमैन शाहिद हामिद ने कहा, "हमने दोनों तेज गेंदबाज़ों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया और अच्छी तरह जांच-पड़ताल के बाद हमें लगा कि वे अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाए। 

इस पैनल में पूर्व कप्तान इंतखाब आलम और मेडिकल एक्सपर्ट वकार अहमद भी शामिल थे. उन्होंने कहा, "डोपिंग की प्रक्रिया की बारीकी से जांच की गई. हमने यह पक्का किया कि टेस्ट सही ढंग से हों, सैंपल सुरक्षित रूप से मलेशिया की लैब तक पहुंचें और लैब में टेस्टिंग में कोई गलती न हो. दोनों खिलाड़ी संतुष्ट थे,उन्होंने टेस्ट को माना और अपना पक्ष भी रखा, लेकिन पूरी जांच के बाद और वाडा (वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी) और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के तहत हमने यह फैसला लिया। 

शाहिद हामिद ने जांच प्रक्रिया के बारे में बताया कि बाद में शोएब अख्तर ने दावा किया कि वे हाई-प्रोटीन डाइट (बीफ, चिकन और डाइटरी सप्लीमेंट्स) ले रहे थे और चोट से उबरने के लिए एक हकीम से कुछ हर्बल दवाएं ली थीं. शाहिद हमीद ने कहा कि शोएब अख्तर इन दावों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं पेश कर सके। 

शोएब अख्तर और आसिफ को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए फिर से टेस्ट का मौका दिया गया. लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को खारिज दिया. इसका मतलब ये था कि वे पहले टेस्ट के नतीजे पर सवाल नहीं उठा रहे थे। 

1 नवंबर 2006 को PCB के तीन सदस्यीय डोपिंग ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया. शोएब अख्तर को दो साल का प्रतिबंध और मोहम्मद आसिफ को एक साल का प्रतिबंध लगा दिया गया। 

बॉब वूल्मर के कहने पर हुए थे टेस्ट 
बता दें कि ये टेस्ट पाकिस्तान के कोच बॉब वूल्मर के कहने पर शुरू किए गए थे और माना जाता है कि पाकिस्तान क्रिकेट में ये अपनी तरह के पहले टेस्ट थे. इस ओर भारत के गृह मंत्रालय के अधिकारी रहे आरवीएस मणि ने भी अपने पॉडकास्ट में ध्यान दिलाया था. उन्होंने कहा कि इस घटना के 6 महीने बाद मार्च में पाकिस्तान टीम के इंग्लिश कोच बॉब वूल्मर जो पाकिस्तानियों द्वारा ड्रग्स टैफिकिंग का विरोध कर रहे थे उन्हें संदिग्ध परिस्थितियों में मार दिया गया. बॉब वूल्मर की मौत 18 मार्च 2007 को हुई थी. वे उस समय पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच थे। 

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पूर्व MHA अधिकारी का बड़ा दावा, शोएब अख्तर और आसिफ पर लगाए गंभीर आरोप, बयान से मचा बवाल https://eveningtimescg.com/former-mha-official-makes-major-claims-levels-serious-allegations-against-shoaib-akhtar-and-asif-sparking-a-controversy/ Tue, 14 Jul 2026 13:34:00 +0000 https://eveningtimescg.com/former-mha-official-makes-major-claims-levels-serious-allegations-against-shoaib-akhtar-and-asif-sparking-a-controversy/  नई दिल्ली

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों, डिलीगेशन को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा किया है, उन्होंने कहा है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर, डिलीगेशन के मेंबर्स और शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ जैसे खिलाड़ी जब भी भारत दौरे पर आते थे वे ड्रग्स की खेप लेकर आते थे. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान की टीम भारत में आते वक्त ड्रग्स ट्रैफिकिंग करती थी. इस मामले में उन्होंने ISI का हाथ बताया है। 

आरवीएस मणि केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारी हैं. 2006-2010 के दौरान वे गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत थे. वे अब सेवानिवृत हो चुके हैं. उनका काम जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और आतंकवाद  से जुड़े संवेदनशील मुद्दों से संबंधित था। 

एएनआई के एक पॉडकास्ट में उन्होंने ये सनसनीखेज खुलासे किए हैं. 

भारत में आतंकवाद फैलाने में ड्रग्स ट्रैफिकिंग का रोल उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद की फंडिंग का 30 फीसदी ड्रग्स ट्रैफिकिंग से आता है। ड्रग्स ट्रैफिकिंग करते थे शोएब अख्तर और आसिफ
उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान भारत आने वाले सभी पाकिस्तानी डेलिगेशन भारत ड्रग्स लेकर आते थे. उन्होंने कहा, "देखिए इस केस की रिपोर्ट हुई है कि शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ जो क्रिकेटर हैं उन्होंने पाकिस्तानी हाई कमिश्नर के सामने खुद स्वीकार किया कि वे ड्रग्स लेकर आए हैं, इसके बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। 

उन्होंने आगे कहा कि, "जब कभी पाकिस्तान की डेलिगेशन, टीम या कोई और भारत आता था वे ड्रग्स ट्रैफिंकिंग करते थे. ये पर्सनल कंजश्मन के लिए नहीं था. ये 16 अक्तूबर को हुआ था. फिर लगभग 6 महीने के बाद मार्च में पाकिस्तान टीम के इंग्लिश कोच बॉब वूल्मर जो पाकिस्तानियों द्वारा ड्रग्स टैफिकिंग का विरोध कर रहे थे उन्हें संदिग्ध परिस्थितियों में मार दिया गया। 

बता दें कि बॉब वूल्मर की मौत 18 मार्च 2007 को हुई थी. वे उस समय पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच थे. 2007 क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान जमैका (किंगस्टन) में पाकिस्तान के आयरलैंड से हारने के एक दिन बाद उनके होटल रूम में बेहोश अवस्था में पाया गया. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वे बच नहीं सके। 

गृह मंत्रालय से सेवानिवृत अधिकारी आरवीएस मणि ने कहा कि सभी बिन्दुओं को जोड़ना पड़ेगा. पाकिस्तान का डेलिगेशन भारत में ड्रग्स लाया करता था और उस समय के DIA के अनुसार भारत में होने वाले 30 फीसदी आतंकी हमलों की फंडिंग ड्रग्स ट्रैफिंकिंग से होती थी. भारत में ड्रग्स भेजना पाकिस्तानी की सरकारी नीति है। 

जलालाबाद में फसल अच्छी हुई तो...
आरवीएस मणि ने गृह मंत्रालय की चर्चाओं को याद करते हुए कहा कि यही वजह है कि हमलोग कहा करते थे कि अगर जलालाबाद में फसल अच्छी हुई है तो भारत में ज्यादा आतंकी हमले होने वाले हैं. हम इस तरह आकलन करते थे, हम कहते थे कि इस बार देखो भाई जलालाबाद में ज्यादा अफीम तो नहीं हुई है, नहीं तो हमारे लिए सरदर्दी हो जाएगी। 

जब पॉडकास्ट के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान इतने बड़े शख्सियतों का इस्तेमाल ड्रग्स ट्रैफिकिंग के लिए कर सकता है तो उन्होंने कहा कि, "मोहम्मद आसिफ और शोएब अख्तर हाई प्रोफाइल शख्सियत हैं, इसी तरह और भी लोग हैं, हो सकता है जिनका नाम नहीं आया है, लेकिन इसमें पूरी टीम थी और वे ऐसा किया करते थे। 

पीपुल टू पीपुल कॉन्टैक्ट फ्रॉड
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ पीपुल टू पीपुल कॉन्टैक्ट सबसे बड़ा धोखा है. क्योंकि वहीं ये सब चीजें हुआ करती थीं. झूठे नैरेटिव तैयार किए जाते थे। 

उनसे पूछा गया कि क्या IB इन लोगों को ट्रैक नहीं करती थी तो आरवीएस मणि ने कहा कि कई रिपोर्ट, कई मूवमेंट रिपोर्ट गृह मंत्रालय में पड़े हुए हैं, क्योंकि IB का काम हमें अलर्ट करना है, जानकारी देना है, आगे का काम बाकी विभागों का है। 

आरवीएस मणि से पूछा गया कि गृह मंत्रालय में आप लोगों को इन सभी चीजों की जानकारी थी, आपको ये सब देखकर कैसा लगता था. तो उन्होंने कहा कि बहुत बुरा लगता था। 

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शोएब अख्तर के भाई के जनाजे का वीडियो वायरल, लश्कर आतंकी की मौजूदगी के दावों से मचा बवाल https://eveningtimescg.com/video-of-shoaib-akhtars-brothers-funeral-goes-viral-claims-of-a-lashkar-terrorists-presence-spark-an-uproar/ Sat, 27 Jun 2026 08:32:00 +0000 https://eveningtimescg.com/video-of-shoaib-akhtars-brothers-funeral-goes-viral-claims-of-a-lashkar-terrorists-presence-spark-an-uproar/ इस्लामाबाद

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि उनके बड़े भाई शाहिद अख्तर का जनाजा है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि नमाज-ए-जनाजा में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उससे जुड़े राजनीतिक संगठन पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहिद अख्तर का जनाजा इस्लामाबाद के H-8 कब्रिस्तान में हुआ. वायरल वीडियो में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान समेत कई लोगों के दिखाई देने का दावा किया गया है. सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि वीडियो PMML से जुड़े आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया। 

इनाम-उर-रहमान का नाम पहले भी चर्चा में रहा है. पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग को लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद से जुड़ा राजनीतिक मंच बताया जाता रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों में इनाम-उर-रहमान को पहलगाम हमले के कथित मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी के साथ भी दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। 

हाफिज सईद करीबी थे शामिल 
शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर के जनाजे में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की पॉलिटिकल पार्टी से जुड़े नेताओं की मौजूदगी देखी गई. जिसमें आतंकी हाफिज सईद के कई करीबी हुए जनाजे में शामिल हुए हैं. पीएमएमएल इस्लामाबाद के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान कम्बोह के शामिल होने की तस्वीरें सामने आई हैं. यह तस्वीरें और वीडियो लश्कर-ए-तैयबा  और पीएमएमएल की तरफ से आधिकारिक रूप से जारी किया गया है. शहीद अख्तर की जनाजे की नमाज पर पाकिस्तान सेंट्रल मुस्लिम लीग इस्लामाबाद के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान कंबोह, उप महासचिव अब्दुल्ला तूर, जोनल महासचिव हाफिज उमर, खिदमत कमेटी के अध्यक्ष अमजद भट्टी और अन्य मित्र उपस्थित थे। 
कौन-कौन थे शामिल 
शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में इनाम उर रहमान काम्बोह दिखा था. यह इस्लामाबाद में संगठन का बड़ा चेहरा है. जिसके साथ कई जनाजे में शामिल दूसरे लोग भी लश्कर ए तैयबा से जुड़े हैं. बता दें कि पीएमएमएल पार्टी आतंकी हाफिज सईद के समर्थन से बनी पार्टी मानी जाती है. क्योंकि उसके संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिबंध लग चुका है. ऐसे में पाकिस्तान की राजनीति में एक्टिव रहने के लिए हाफिज सईद के समर्थन से पीएमएमएल को बनाया गया था. लेकिन इस पार्टी से जुड़े लोग जब शोएब अख्तर के जनाजे में पहुंचे तो सवाल उठना लाजिमी है। 

नेशनल असेंबली के स्पीकर और आतंकी भी जनाजे में शामिल
इसी बीच पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक भी शोएब अख्तर के घर पहुंचे और शाहिद अख्तर के निधन पर परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की. नेशनल असेंबली की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि स्पीकर ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत देने की कामना की। 

आतंकी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं
जनाजे में कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों की मौजूदगी के दावों ने पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों और उनके राजनीतिक नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह आरोप लगते रहे हैं कि कुछ प्रतिबंधित संगठन अलग-अलग नामों और मंचों के जरिए अपनी गतिविधियां जारी रखते हैं। 

बता दें कि शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर की मौत के बाद पाकिस्तान में बड़ी-बड़ी हस्तियों ने दुख जताया है. देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी शोक संदेश भेजा है. जबकि पाकिस्तान की राजनीति से जुड़े दूसरे कई लोग और सेलिब्रिटीज और क्रिकेटर्स ने भी दुख जताया है. लेकिन जनाजे में पीएमएमएल और लश्कर ए तैयबा से जुड़े लोगों के पहुंचने से अब सवाल खड़े हो रहे हैं. क्योंकि पाकिस्तान में शोएब अख्तर बड़ा नाम माने जाते हैं। 

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