Shivraj – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Wed, 30 Sep 2026 14:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Shivraj – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 राहुल गांधी की लीडरशिप पर शिवराज का बड़ा दावा, बोले- INDIA गठबंधन नहीं मानता नेता https://eveningtimescg.com/shivraj-makes-a-bold-claim-regarding-rahul-gandhis-leadership-says-the-india-alliance-does-not-accept-him-as-its-leader/ Wed, 30 Sep 2026 14:36:00 +0000 https://eveningtimescg.com/shivraj-makes-a-bold-claim-regarding-rahul-gandhis-leadership-says-the-india-alliance-does-not-accept-him-as-its-leader/ नई दिल्ली

दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर भारतीय जनता पार्टी हमलावर है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने INDIA गठबंधन की मीटिंग पर निशाना साधते हुए कहा है कि "इंडी गठबंधन राहुल गांधी को नेता मानने को तैयार नहीं है. साथ ही कांग्रेस के नेता भी राहुल गांधी को नेता मानने को तैयार नहीं हैं. उन्होने कहा कि जिसे कांग्रेसी नेता नहीं मान रहे, उसे देश नेता कैसे मानेगा?"

शिवराज ने आरोप लगाते हुए आगे कहा कि "राहुल गांधी की लीडरशिप इंडी गठबंधन को स्वीकार नहीं है, इसलिए सहयोगी बैठक में नहीं आ रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि" राहुल गांधी खुद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कह रहे हैं कि मुझे नेता मानो, मुझ पर विश्वास करो। 

INDIA गठबंधन की मीटिंग पर तंज
उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन, बैठक से पहले ही बिखर गया है, DMK बैठक में नहीं आ रही है. अखिलेश यादव कहीं और व्यस्त हैं, "आप" ने पहले ही बैठक में आने से मना कर दिया है. साथ ही उद्धव ठाकरे फिजिकली नहीं, वर्चुअली जुड़ेंगे। 

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी नेताओं पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन हताशा में है और यह गठबंधन राहुल गांधी को अपना नेता मानने को तैयार नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए। 

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इंडिया गठबंधन का कोई विजन नहीं है. साथ ही, राहुल गांधी को 50वीं बार लॉन्च करने की तैयारी चल रही है. केंद्रीय कृषि मंत्री ने आगे कहा कि एक के बाद एक चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद माना जा रहा था कि कांग्रेस जनता से माफी मांगेगी. लेकिन कांग्रेस ने तय कर लिया है कि हम नहीं सुधरेंगे।

शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा
SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के हालिया मामले पर बचाव करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि "शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा है, अगर वोटर लिस्ट में गलत नाम जुड़ते हैं तो लोकतंत्र ही मर जाएगा. जो जीवित ही नहीं बचा, उसका नाम वोटर लिस्ट से काटने पर विपक्ष को इतनी आपत्ति क्यों है? प्रश्न तो यह है कि "जो देश का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट में क्यों जुड़ना चाहिए? पवित्र लोकतंत्र के लिए वोटर लिस्ट का शुद्ध होना जरूरी है। 

विपक्ष अपनी हार पर बहाने बनाता है
SIR पर विपक्ष की आपत्ति को लेकर शिवराज ने कहा कि "ये लोग मैदान में जीत नहीं पाते हैं, इसलिए हार का ठीकरा प्रधानमंत्री मोदी पर फोड़ते रहते हैं. अगर सब कुछ में धांधली है तो "उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की 37 सीटें कैसे आ गईं?

"अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग चुनाव परिणाम क्यों आते हैं? ये लोग हार जाते हैं तो वोट चोरी का बहाना बनाते हैं. वोट बिल्कुल भी चोरी नहीं हुए है, देश सब कुछ समझता है, इसीलिए जनता ने कांग्रेस को और इनके सहयोगियों को वोट देना बंद कर दिया है। 

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लाड़ली बहनों के लिए शिवराज सिंह चौहान के 3 बड़े प्लान, रक्षाबंधन पर लिया नया संकल्प https://eveningtimescg.com/shivraj-singh-chouhans-3-major-plans-for-his-beloved-sisters-a-new-pledge-taken-on-raksha-bandhan/ Fri, 28 Aug 2026 13:32:00 +0000 https://eveningtimescg.com/shivraj-singh-chouhans-3-major-plans-for-his-beloved-sisters-a-new-pledge-taken-on-raksha-bandhan/ भोपाल

देश के कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान को एमपी में लाड़ली बहना योजना के लिए जाना जाता है। करीब ढाई साल पहले उन्होंने ही तत्कालीन सीएम के रूप में ​महिलाओं के बैंक खातों में हर माह पैसे डालने की यह स्कीम चालू की थी। लाड़ली बहनों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए शिवराजसिंह चौहान अभी भी जुटे हैं। उन्होंने महिलाओं को स्वसहायता समूह से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्लान बनाया है। राखी के मौके पर शिवराजसिंह चौहान ने ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने लखपति दीदी को अब ‘मिलेनियम दीदी’ बनाने का संकल्प भी जताया है।

नई दिल्ली के कृषि भवन में शिवराजसिंह चौहान ने रक्षाबंधन के अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की बहनों से संवाद किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारी बहनें आत्मनिर्भर बनें, आर्थिक रूप से सशक्त हों और अपनी मेहनत से समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुएं— इसी संकल्प के साथ हम निरंतर प्रयासरत हैं।

केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भावुक होते हुए कहा कि रक्षाबंधन पर बहनों ने मेरी कलाई पर राखी बांधी है और इतनी सारी बहनों से वर्चुअली जुड़ा हूं। मैं सभी बहनों को प्रणाम करता हूं और रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने सभी बहनों के सदैव सुखी रहने, कीर्ति और प्रतिष्ठा निरंतर आगे बढ़ने व उनके कल्याण की मंगलकामना भी व्यक्त की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।

स्व सहायता समूह से जुड़कर आय बढ़ाने का प्लान
महिलाओं के लिए लाड़ली बहना योजना लानेवाले शिवराजसिंह चौहान ने अब स्व सहायता समूह से जुड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्लान बनाया है। इसके लिए 3 अलग अलग चरणों के लिए उन्होंने महिलाओं को संकल्प लेने का कहा।

इस संबंध में अपने एक्स हेंडल पर केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने लिखा-

मेरी बहनों, आज राखी की पूर्व संध्या पर हम सब तीन संकल्प लें…

पहला संकल्प: जो बहनें स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़ी हैं, उन्हें समूह से जोड़ेंगे।

दूसरा संकल्प: जो बहनें स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और जिनकी आमदनी कम है, उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाएँगे।

तीसरा संकल्प: जो बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं, उन्हें अब ‘मिलेनियम दीदी’ बनना है।

क्या है लखपति दीदी योजना
लखपति दीदी योजना भारत सरकार द्वारा 2023 में शुरु की गई। इसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की वार्षिक घरेलू आय को कम से कम ₹1 लाख तक पहुंचाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है। देश भर में 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना का लक्ष्य तय किया गया। इसके लिए महिलाओं को सिलाई, कृषि, एलईडी निर्माण और अन्य छोटे व्यवसायों का कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाता है। बैंकों के माध्यम जरूरत के अनुसार से कर्ज भी उपलब्ध कराया जाता है।

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मानहानि मामले में राहुल गांधी का यू-टर्न, बोले- बयान का आशय शिवराज या कार्तिकेय से नहीं था https://eveningtimescg.com/rahul-gandhi-makes-a-u-turn-in-defamation-case-states-his-remarks-were-not-directed-at-shivraj-or-kartikeya/ Thu, 25 Jun 2026 11:35:00 +0000 https://eveningtimescg.com/rahul-gandhi-makes-a-u-turn-in-defamation-case-states-his-remarks-were-not-directed-at-shivraj-or-kartikeya/ जबलपुर 

कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच चल रहे बहुचर्चित मानहानि विवाद में समझौते की संभावनाओं के संकेत उभरते दिखाई दिए हैं। हाई कोर्ट में राहुल गांधी ने एक विस्तृत लिखित आवेदन प्रस्तुत कर कहा है कि उनके वर्ष 2018 के चुनावी भाषण को गलत संदर्भ में लिया गया, जबकि उनका आशय न तो तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से था और न ही कार्तिकेय सिंह चौहान से।

बुधवार को न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने राहुल गांधी का आवेदन रिकॉर्ड पर लेते हुए कार्तिकेय सिंह चौहान से लिखित जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की सुनवाई 25 जून को पुनः होगी।

'राहुल गांधी ने पैर पकड़ कर माफी मांगी'
बीजेपी नेता और भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तेजिंदर बग्गा ने एक्स पर लिखा है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से 'पैर पकड़ कर माफी मांगी' है। बग्गा ने दावा किया है कि राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान के बेटे के खिलाफ झूठे आरोप लगाए और इसकी वजह से उन्हें मानहानि के केस का सामना करना पड़ा।

राहुल गांधी के आवेदन में क्या था?
अब वहीं, राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट में दायर आवेदन में कहा गया है कि उनका बयान कार्तिकेय सिंह के संबंध में नहीं था. उनके वकील ने कोर्ट में बताया कि जिस टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ, उसका संबंध कार्तिकेय सिंह से नहीं था और अगर किसी तरह की गलतफहमी हुई है तो इसके लिए उन्हें बहुत खेद है। 

BJP ने साधा राहुल गांधी पर निशाना
वहीं, इस मामले को लेकर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी को शायद अपने नाम के साथ ‘सॉरी’ जोड़ लेना चाहिए, क्योंकि उन्हें कई बार अपने बयानों पर माफी मांगनी पड़ी है. अमित मालवीय ने कहा कि अगर राहुल गांधी का बयान कार्तिकेय सिंह के बारे में नहीं था, तो फिर उनका नाम क्यों लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर बिना वजह बड़े-बड़े आरोप लगाते हैं और बाद में कोर्ट या तथ्यों के सामने आने पर अपने बयान से पीछे हट जाते हैं। 

मालवीय ने आगे कहा कि विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदार व्यवहार की उम्मीद की जाती है. उनका कहना है कि राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर ऐसे बयान देते समय फैक्ट्स की जांच कर लेनी चाहिए। 

तेजिंदर बग्गा का दावा
बीजेपी नेता और भाजपा युवा मो
र्चा के राष्ट्रीय सचिव तेजिंदर बग्गा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से जुड़े मानहानि मामले में पैर पकड़कर माफी मांगी है। 

    राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के बेटे कार्तिकेय सिंह से पैर पकड़ कर माफ़ी माफ़ी । राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह पर झूठे आरोप लगाए थे और मानहानि का केस झेल रहे थे ।

बग्गा का आरोप है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह के खिलाफ झूठे आरोप लगाए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज हुआ. हालांकि, मामले में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और अदालत में सुनवाई चल रही है। 

राहुल के वकील ने दी यह दलील
राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा व अजय गुप्ता ने दलील दी कि झाबुआ में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित बयान में मध्य प्रदेश नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के एक पूर्व मुख्यमंत्री का संदर्भ था। आवेदन में यह भी कहा गया कि बयान को लेकर यदि कोई भ्रम उत्पन्न हुआ, तो उस पर पहले ही खेद व्यक्त किया जा चुका है। 

कार्तिकेय सिंह ने लगाया मानहानि केस
दरअसल, कार्तिकेय सिंह चौहान ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स प्रकरण का उल्लेख करते हुए ऐसा वक्तव्य दिया, जिससे उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। इसी आधार पर भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का मामला दायर किया था। कोर्ट से राहुल गांधी को समन जारी हुआ था। 

इसी समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी हाई कोर्ट पहुंचे हैं। अब उनके ताजा स्पष्टीकरण के बाद अदालत ने प्रतिपक्ष का पक्ष जानना जरूरी माना है। राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा है कि मामला टकराव के बजाय सहमति के रास्ते की ओर बढ़ सकता है। आज की सुनवाई इस बहुचर्चित विवाद की दिशा तय कर सकती है।

राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से खेद जताया

    दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिका डाली है।
    इस याचिका में उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह के खिलाफ अपने कथित अपमानजनक बयान के लिए खेद प्रकट किया है।
    याचिका में राहुल गांधी की ओर से कहा गया है कि कांग्रेस नेता ने जो टिप्पणी की थी, उसका कार्तिकेय सिंह से संबंध नहीं था।

राहुल गांधी के खिलाफ किया मानहानि केस

    इससे पहले कार्तिकेय सिंह ने भोपाल की एक अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत की थी।
    उनका आरोप है कि राहुल गांधी के बयान से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।
    एमपी-एमएलए कोर्ट में कार्तिकेय सिंह की ओर से दायर शिकायत में कहा गया कि 2018 में झाबुआ की एक चुनावी रैली में राहुल गांधी ने पनामा पेपर लीक स्कैंडल का जिक्र करते हुए, उससे उनका नाम जोड़ दिया।
    इसी शिकायत के आधार पर अदालत ने राहुल गांधी को उसके सामने निजी तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था।
    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसी समन और मानहानि की कार्यवाही को खारिज करने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया है।

 

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PM मोदी पर लिखी शिवराज की किताब का विमोचन, बोले- करीब से देखा उनका कर्मयोगी व्यक्तित्व https://eveningtimescg.com/shivrajs-book-on-pm-modi-released-says-i-witnessed-his-karmayogi-persona-up-close/ Tue, 26 May 2026 10:35:00 +0000 https://eveningtimescg.com/shivrajs-book-on-pm-modi-released-says-i-witnessed-his-karmayogi-persona-up-close/ भोपाल 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपनी नई पुस्तक 'अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव' का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की पारंपरिक कार्यशैली और तकनीक को अपनाने में आई शुरुआती झिझक का जिक्र किया। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता पारंपरिक तरीके से काम करते रहे हैं और कई बार तकनीक का व्यापक उपयोग करने की मानसिकता नहीं रही। उन्होंने मोबाइल फोन के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय इसे 'फाइव-स्टार कल्चर' से जोड़ा जाता था।

सुनाया ईमेल आईडी और पीएम मोदी से जुड़ा किस्सा
विमोचन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि जब नरेंद्र मोदी पार्टी के प्रभारी के तौर पर मध्य प्रदेश आए थे, तब मैं राज्य इकाई में महासचिव था। इस दौरान चुनाव तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई थी।

शिवराज सिंह ने कहा, ''बैठक के दौरान जब पीएम मोदी ने पूछा कि किसके पास ईमेल आईडी है, तो उस समय शायद ही किसी के पास इसका जवाब था। लोग एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। तब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर ने मजाक में पूछा, ''नरेंद्र भाई, आप यह 'फीमेल-फीमेल' क्या कह रहे हैं? इस फीमेल-ईमेल से क्या होगा?" इस पर सब हंस पड़े और कुछ लोगों के चेहरे पर व्यंग्यात्मक भाव भी थे।''इस पुस्तक का विमोचन पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने किया। समारोह में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान समेत करीब एक दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।

शिवराज ने की पीएम मोदी की दूरदर्शिता की तारीफ
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद नरेंद्र भाई ने ईमेल और तकनीक के महत्व पर जोर दिया। चौहान ने कहा कि पीएम मोदी ने दूसरों से बहुत पहले यह समझ लिया था कि अगर भारत के भविष्य को आकार देना है और एक विकसित भारत का निर्माण करना है, तो प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनकी यह दूरदर्शिता पार्टी के भीतर तकनीक को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

पीएम मोदी के साथ पहली मुलाकात का किया जिक्र
अपनी पुस्तक के विमोचन पर केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी बताया। उन्होंने कहा, "आतंकवाद अपने चरम पर था। कश्मीर घाटी में, कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। डॉ. मुरली मनोहर जोशी भाजपा के अध्यक्ष थे। भाजपा ने तय किया कि एकता यात्रा का नेतृत्व वे करेंगे और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा।"

उन्होंने आगे कहा, "नरेंद्र भाई को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। जब मैं पहली बार नरेंद्र भाई से मिला, तो उस पहली मुलाकात में ही मैंने उनके विचार देखे: जनता तक पहुंचना, लोगों को एकजुट करना और देशभक्ति की भावना जगाना। उन्होंने कहा  कि तिरंगा सिर्फ श्रीनगर के लाल चौक पर ही नहीं फहराया जाएगा। तिरंगा देश के हर नागरिक के दिल में लहराना चाहिए।" 

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और गिरिराज सिंह सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हैं।

1991 से लेकर अब तक के अनुभव
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह किताब उनके लिए सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिताए लंबे समय का अपनापन है। 1991 की एकता यात्रा से लेकर आज तक के अनुभवों को इसमें शामिल किया गया है। उस समय मुरली मनोहर जोशी की यात्रा में नरेंद्र मोदी संगठनात्मक प्रभारी थे।

किताब युवाओं को प्रेरित करेगी
शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि यह पुस्तक युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित करेगी। इसमें अनुशासन, तपस्या, समर्पण और लोगों के साथ अपनापन से बड़े लक्ष्य हासिल करने की सीख दी गई है। किताब में मोदी जी के नेतृत्व, सुशासन, राष्ट्र सेवा और नीति निर्माण के व्यक्तिगत पक्षों को खास तौर पर उजागर किया है।

वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी-कभी आपको ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने का मौका मिलता है जिसे दुनिया नेता कहती है, लेकिन वास्तव में वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान होते हैं। वह इंसान हैं नरेंद्र मोदी।

आज 26 मई का वह ऐतिहासिक दिन है, जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 12 वर्ष पूरे हो गए, लेकिन मेरा और उनका साथ 35 साल पुराना है। इन 35 वर्षों में मैंने उन्हें हर क्षण देश के लिए जीते हुए देखा है। उनका हर कदम देश की प्रगति और विकास के लिए उठा है। मुझे उनके साथ अनेक भूमिकाओं में संगठन के कार्यकर्ता के नाते काम करने का मौका मिला।

मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया
शिवराज ने कहा- मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया और फिर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में तथा बाद में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री के नाते उनके साथ काम कर रहा हूं। मैंने उनसे अनेक प्रेरणाएं प्राप्त कीं। कैसे ऐसे निर्णय लिए जाएं, जिनसे जनता का जीवन बदले।

इसलिए लिखी अपनापन
शिवराज ने कहा- मुझे लगा कि यह अनुभव केवल मेरे पास तक क्यों रहे। यह केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग प्रशासनिक अधिकारी, प्रोफेशनल्स, उद्योगपति, समाज सुधारक, महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण से जुड़े लोगों सभी के लिए उपयोगी है।

इसलिए मेरे मन में यह भाव आया कि अपने अनुभवों और सीख को एक पुस्तक के रूप में देशवासियों को समर्पित करूं। इसी का परिणाम है ‘अपनापन’।

एकता यात्रा से शुरू हुआ था मेरा-उनका साथ
मेरा और उनका पहला साथ एकता यात्रा से प्रारंभ हुआ था। उस समय आतंकवाद चरम पर था और कश्मीर घाटी के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की कल्पना भी कठिन थी। भाजपा ने तय किया कि उनके नेतृत्व में एकता यात्रा निकलेगी और कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा, जिससे पूरे भारत को भावनात्मक रूप से एक किया जा सके।

इस यात्रा का संचालन नरेंद्र मोदी को मिला। मैं उस समय लोकसभा उपचुनाव जीतकर पहुंचा था। मेरे पास प्रमोद महाजन का फोन आया कि एकता यात्रा के लिए केसरिया वाहिनी बनाई जा रही है, तुम्हें उसका संयोजक बनाया जा रहा है।

हर नौजवान के दिल में फहराया जाएगा तिरंगा
मेरी पहली मुलाकात नरेंद्र भाई से उसी दौरान हुई। पहली बैठक में उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल श्रीनगर के लाल चौक पर ही नहीं, बल्कि देश के हर नौजवान के दिल में फहराया जाएगा। 23 जनवरी को फगवाड़ा में आतंकवादियों ने यात्रा में शामिल बस पर हमला किया, जिसमें छह कार्यकर्ता बलिदान हो गए।

लोगों ने सोचा कि यात्रा रुक जाएगी, लेकिन नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का संकल्प पूरा होगा।

उस समय केंद्र सरकार ने यात्रा रोकने की कोशिश की, लेकिन देशभक्ति के दीवाने कहां रुकने वाले थे। अंततः निर्णय हुआ कि कुछ लोग ही आगे बढ़ेंगे और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा। डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी ने लाल चौक पर तिरंगा फहराया।

उनका गला रुंध गया और वे भावुक हो गए
जम्मू में लौटने पर लाखों कार्यकर्ताओं की सभा हुई, जहां उनका भाषण आज भी याद है। उन्होंने कहा था कि वे कार्यकर्ता भी लाल चौक नहीं पहुंच पाए जो दिन-रात इस यात्रा में लगे थे। यह कहते-कहते उनका गला रुंध गया और वे भावुक हो गए। मैंने देखा कि काम के लिए जितने कठोर नरेंद्र मोदी हैं, उतने ही कार्यकर्ताओं के लिए संवेदनशील भी हैं।

भविष्य की टेक्नोलॉजी को पहले ही पहचान लिया
पहले जब मोबाइल का उपयोग शुरू हुआ था, तब भी कई लोग इसे ‘फाइव स्टार संस्कृति’ मानते थे। मध्य प्रदेश में जब नरेंद्र मोदी प्रभारी बनकर आए थे, तब मैंने देखा कि वे ईमेल आईडी और कंप्यूटर का महत्व समझते थे। उस समय जब उन्होंने पूछा कि किसके पास ईमेल आईडी है तो सन्नाटा छा गया। कुछ लोग इसे समझ नहीं पाए, लेकिन उन्होंने भविष्य की टेक्नोलॉजी को पहले ही पहचान लिया था।

50 हजार से कम फॉलोअर तो नहीं मिलेगी टिकट
उन्होंने हमेशा टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और आधुनिक साधनों के महत्व को समझा और समय के अनुसार उनका उपयोग किया। जब सोशल मीडिया का महत्व लोग ठीक से नहीं समझते थे, तब भी उन्होंने कहा था कि जनता से जुड़ने के लिए इसका उपयोग जरूरी है।

उन्होंने सुझाव दिया था कि हर सांसद और विधायक के 50 हजार से कम फॉलोअर होने पर टिकट मिलने में भी कठिनाई हो सकती है, ताकि जनता से सीधा संवाद मजबूत हो सके।

केंद्रीय मंत्री शिवराज ने मोदी से जुड़े किस्से सुनाए

पानी : मोदी जी ने रेगिस्तान, हमने मालवा में पानी पहुंचा दिया
शिवराज ने कहा– कांग्रेस सरकारों के दौरान नर्मदा पर बांधों को लेकर आंदोलन खड़े किए जाते थे। ऐसा नैरेटिव बनाया जाता था कि बांध बनने से मध्य प्रदेश डूब जाएगा और गुजरात को फायदा होगा। मैं 2005 में मुख्यमंत्री बना। मोदी जी ने मुझे गुजरात भवन बुलाया और फैसला किया कि जो बांध बन चुके हैं, उन्हें भरा जाएगा और उनकी ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। मोदी जी ने गुजरात के रेगिस्तान तक पानी पहुंचा दिया। हमने मालवा के पठार और निमाड़ क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में पानी लिफ्ट कर जल की व्यवस्था की।

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