Shiva temples – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Tue, 11 Aug 2026 17:00:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Shiva temples – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजे शिवालय, बारिश में भी भक्ति की बयार https://eveningtimescg.com/shiva-temples-resound-with-chants-of-har-har-mahadev-a-wave-of-devotion-prevails-even-amidst-the-rain/ Tue, 11 Aug 2026 17:00:00 +0000 https://eveningtimescg.com/shiva-temples-resound-with-chants-of-har-har-mahadev-a-wave-of-devotion-prevails-even-amidst-the-rain/ लखनऊ
 
सावन की शिवरात्रि पर मंगलवार को पूरा उत्तर प्रदेश शिवमय हो उठा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिवालयों से लेकर पूर्वांचल की काशी और रामनगरी अयोध्या तक, हर मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें और होठों पर ‘बम-बम भोले’ का जयघोष देखने को मिला। भोर से ही शिव भक्त गंगाजल और बेलपत्र लेकर मंदिरों के द्वार पर पहुंचने लगे थे। योगी सरकार ने मंदिरों के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर रखे थे। सुगम जलाभिषेक के लिए पुलिस-प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी। कुछ जिलों में लगातार बरसते मेघों का भी भक्तों के उत्साह पर असर नहीं पड़ा। मानो प्रकृति स्वयं भोलेनाथ के अभिषेक में भागीदार बन गई हो। इस शुभ दिन लोगों ने मंदिरों व घरों में रुद्राभिषेक किया। 

हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजती रही काशी

श्रावण माह के सोमवार से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब मंगलवार को सावन की शिवरात्रि तक बना रहा। काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में लाखों शिवभक्तों और कांवड़ियों ने पहुंचकर जलाभिषेक किया और आशीर्वाद लिया। सुगम दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी और पुलिस ने कांवड़ मार्ग से लेकर मंदिर परिसर तक चाक-चौबंद सुरक्षा बनाए रखी। काशी के मृत्युंजय महादेव मंदिर, श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर, मार्कंडेय महादेव मंदिर, गौरी केदारेश्वर मंदिर और शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य सभी शिवालयों में भी सुरक्षा और सुविधा के विशेष इंतजाम किए गए। पूरी काशी हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजती रही। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं में दर्शन-जलाभिषेक को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिला।
राम की नगरी अयोध्या में बम-बम भोले का जयघोष

रामनगरी अयोध्या भी सावन की शिवरात्रि पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठी। शिवालयों के साथ-साथ रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने पहले पवित्र सरयू में स्नान किया, फिर भगवान श्रीराम के पुत्र कुश द्वारा स्थापित बताए जाने वाले प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में भी दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती और चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था के बीच रामनगरी के अन्य शिवालयों में भी भक्तों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

भीड़ नियंत्रण को मंदिरो के बाहर कड़ा सुरक्षा घेरा

मेरठ के ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर में तड़के चार बजे से ही कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के अनुमान के बीच प्रशासन ने त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया। 400 पुलिसकर्मियों के साथ एटीएस, बम और डॉग स्क्वॉड तथा ड्रोन से लगातार निगरानी की गई। बागपत के प्रसिद्ध पुरा महादेव मंदिर में तेज बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह बरकरार रहा। गाजियाबाद के प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर में रात 12 बजे से ही जलाभिषेक की शुरुआत हो गई थी। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर से आधा किलोमीटर पहले ही वाहनों का प्रवेश रोककर यातायात डायवर्जन लागू कर दिया गया गया।

डाक कांवड़ियों के लिए विशेष मार्ग, गांव-गांव पहुंची शिव भक्ति

मुरादाबाद में भोर चार बजे से ही सिद्धपीठ चौरासी घंटा, झारखंडी शिव मंदिर, महाकालेश्वर धाम और ऋणमुक्तेश्वर महादेव (बुद्धि विहार) में कांवड़ियों और स्थानीय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अकेले चौरासी घंटा मंदिर में 10 हजार से अधिक भक्तों ने जलाभिषेक किया, जहां भव्य महाआरती में भी श्रद्धालु शामिल हुए। सहारनपुर में हरिद्वार से गंगाजल लेकर हरियाणा-पंजाब जाने वाले मुख्य मार्गों शिवभक्त ही दिखाई देते रहे। डाक कांवड़ियों के लिए विशेष मार्ग बनाया गया। मुजफ्फरनगर और शामली के शिवालयों में में भी दिन भर भक्तों की कतार रही।

विधिवत निभाई गई रात्रि प्रहर में पूजा की परंपरा

प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर, ब्रह्मेश्वर महादेव, सोमेश्वर महादेव और पड़िला महादेव मंदिरों में भी शिव भक्तों का तांता लगा रहा। मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक श्री धरानंद ब्रह्मचारी बताते हैं कि सावन के पूरे महीने में महादेव की पूजा, जलाभिषेक और शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का विशेष महत्व है, लेकिन सावन में पड़ने वाली शिवरात्रि का महत्व सबसे अधिक है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण कर भगवान शिव की आराधना करते हैं। रात्रि के चार प्रहरों में शिवजी की पूजा करने की सदियों पुरानी परंपरा आज भी उतनी ही श्रद्धा से निभाई जा रही है।

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हर हर महादेव से गूंजे शिवालय, सावन के सोमवार पर आस्था का समुद्र https://eveningtimescg.com/shiva-temples-resounded-with-chants-of-har-har-mahadev-a-sea-of-faith-on-mondays-of-the-month-of-sawan/ Mon, 10 Aug 2026 17:15:00 +0000 https://eveningtimescg.com/shiva-temples-resounded-with-chants-of-har-har-mahadev-a-sea-of-faith-on-mondays-of-the-month-of-sawan/ लखनऊ

काशी से अयोध्या और प्रयागराज तक सावन के पावन सोमवार पर पूरा प्रदेश भोलेनाथ की भक्ति में डूबा नजर आया। बाबा विश्वनाथ के दरबार से लेकर गली-मोहल्लों के छोटे-बड़े शिवालयों तक हर तरफ ‘हर हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों की गूंज सुनाई दी। मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा, जो देर शाम आरती तक थमने का नाम नहीं ले रहा था। कांवड़ियों के जत्थे कंधों पर गंगाजल लिए "बोल बम" के उद्घोष के साथ आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। जगह-जगह लोगों ने रुद्राभिषेक किया और और शिवार्चना की। 

काशी में उमड़ा भक्तिसागर, बाबा विश्वनाथ के दर्शन को लगी कतार

धर्मनगरी काशी में सावन के इस पावन सोमवार का उत्साह देखते ही बनता था। बाबा विश्वनाथ धाम के दर्शन को रविवार रात से ही श्रद्धालु काशी पहुंचने लगे थे। सड़क से लेकर मंदिर परिसर तक हर कोई बाबा के जलाभिषेक की धुन में मगन दिखा। कांवड़ियों ने गंगा में डुबकी लगाकर पवित्र जल भरा और फिर विश्वनाथ मंदिर की ओर कतारबद्ध होकर बढ़ चले। मंदिर परिसर घंटे-घड़ियाल और डमरू की ध्वनि से गूंजता रहा। सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा को दूध, दही, शहद, बेलपत्र और भांग-धतूरे से जलाभिषेक किया। शाम को गंगा आरती के समय पूरा घाट क्षेत्र दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। स्थानीय व्यापारियों ने भी श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह प्याऊ और भंडारे की व्यवस्था कर सेवा भाव दिखाया।

प्रयागराज के शिवालयों में भारी भीड़, जलाभिषेक

तीर्थराज प्रयागराज में मनकामेश्वर मंदिर समेत प्रमुख शिवालयों में भोर से ही दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। संगम तट पर स्नान कर श्रद्धालुओं ने पवित्र जल कलशों में भरा और फिर आसपास के शिव मंदिरों की ओर रुख किया। गलियों में कांवड़ियों की टोलियां भगवा वस्त्र पहने, कंधे पर बांस की कांवड़ लिए ‘जय भोलेनाथ’ के नारे लगाती नजर आईं। मंदिरों के बाहर फूल-माला और बेलपत्र की दुकानों पर भी खासी रौनक रही। शाम ढलते ही मंदिरों में विशेष शृंगार और रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ। 

राम की नगरी में शिव के जयकारे

त्रेतायुगीन नागेश्वरनाथ मंदिर से लेकर क्षीरेश्वरनाथ, पंचमुखी महादेव और झारखंडेश्वरनाथ समेत शहर के प्रमुख शिवालयों में देर शाम तक हर हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। रामलला के दरबार से हनुमानगढ़ी तक दर्शनार्थियों की भारी भीड़ जुटी रही। जय श्रीराम और बम-बम भोले के उद्घोष से पूरा अवध क्षेत्र गूंज उठा। सरयू तट पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र जल लेकर नागेश्वरनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिरों में रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पण और भजन-कीर्तन का सिलसिला दिन भर चलता रहा। राम की पैड़ी क्षेत्र में भी भक्तों की चहल-पहल देखने लायक थी, जहां आस्था और श्रद्धा का संगम राम भक्ति और शिव भक्ति के रूप में एक साथ नजर आया।

कांवड़ यात्रा का भक्तिमय माहौल, सड़कों पर गूंजा बोल बम

सावन के इस सोमवार पर प्रदेश भर के मार्गों पर कांवड़ यात्रा का उत्साह चरम पर रहा। भगवा वस्त्र धारण किए कांवड़िए कंधों पर सजी-धजी कांवड़ लेकर पैदल, साइकिल और वाहनों से अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ते दिखे। रास्ते में जगह-जगह स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों के लिए विश्राम शिविर, जलपान और चिकित्सा शिविर लगाए। डीजे की भक्ति धुनों पर झूमते कांवड़िए और ‘बोल बम, बोल बम’ के उद्घोष ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। कई स्थानों पर कांवड़ियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।

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