semiconductor factory – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Tue, 29 Sep 2026 06:53:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg semiconductor factory – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 18 साल के रेहान का कमाल, गुजरात में ₹80 करोड़ से लगाएंगे सेमीकंडक्टर फैक्ट्री https://eveningtimescg.com/18-year-old-rehan-plans-to-set-up-a-semiconductor-factory-in-gujarat-with-%e2%82%b980-crore/ Tue, 29 Sep 2026 06:53:00 +0000 https://eveningtimescg.com/18-year-old-rehan-plans-to-set-up-a-semiconductor-factory-in-gujarat-with-%e2%82%b980-crore/ आज के दौर में 18 साल की उम्र में ज्यादातर युवा कॉलेज, करियर और नौकरी के बारे में सोच रहे होते हैं. लेकिन गुजरात के अहमदाबाद के रहने वाले रेहान मनसूरी ने इतनी कम उम्र में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया में कदम रखा है. उनकी कंपनी Micronex गुजरात के सानंद में करीब ₹80 करोड़ के निवेश से सेमीकंडक्टर लीड फ्रेम बनाने की फैक्ट्री लगाने जा रही है.

खास बात यह है कि यह कोई ऐप या AI सॉफ्टवेयर स्टार्टअप नहीं है. कंपनी सीधे उस हार्डवेयर सप्लाई चेन में उतर रही है, जो चिप को पैकेज करने के लिए जरूरी होती है. कंपनी के मुताबिक फैक्ट्री में निर्माण का काम शुरू हो चुका है और मई 2027 तक प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. पहले चरण में हर साल करीब 50 करोड़ लीड फ्रेम यूनिट बनाने की योजना है. फैक्ट्री शुरू होने के बाद करीब 250 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है.

लीड फ्रेम होता क्या है?
नाम सुनकर आपको लग सकता है कि यह चिप के अंदर लगा कोई छोटा सा इलेक्ट्रॉनिक पार्ट है. असल में लीड फ्रेम एक बेहद पतले मेटल का स्ट्रक्चर होता है, जिस पर सेमीकंडक्टर चिप को लगाया जाता है. यह चिप को सपोर्ट देने के साथ-साथ उसे बाहरी सर्किट से जोड़ने में भी मदद करती है.

चिप और लीड फ्रेम  को बेहद पतले गोल्ड या कॉपर वायर से जोड़ा जाता है. इसके बाद पूरा पैकेज सर्किट बोर्ड से कनेक्ट किया जा सकता है. यानी आसान भाषा में कहें तो चिप बनने के बाद उसे इस्तेमाल करने लायक पैकेज बनाने की प्रक्रिया में लीड फ्रेम की अहम भूमिका होती है.

Micronex इन लीड फ्रेम्स  को कॉपर एलॉय से बनाने की योजना बना रही है. इनकी मोटाई 0.1mm से 0.25mm के बीच होगी. कंपनी के मुताबिक ये पार्ट चिप को मैकेनिकल सपोर्ट देने, गर्मी निकालने और मैन्युफैक्चरिंग के दौरान सुरक्षा देने में भी मदद करते हैं.

पहले कार और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, फि मोबाइल और टेलीकॉम
कंपनी की शुरुआती योजना लीड फ्रेम्स को पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और ओटोमोटिव सेक्टर के लिए तैयार करने की है. इसके बाद उत्पादन क्षमता बढ़ने पर कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम सेक्टर में भी विस्तार करने की योजना है.

Micronex ने SEMICON India 2026 के दौरान Kaynes Semicon के साथ MoU भी साइन किया है. इससे भविष्य में कंपनी के लीड फ्रेम्स को सेमीकंडक्टर कंपनियों तक सप्लाई करने का रास्ता खुल सकता है. कंपनी ने India Semiconductor Mission के Semicon 2.0 कार्यक्रम के तहत प्रस्ताव देने की भी योजना बताई है.

18 साल के रेहान ने सेमीकंडक्टर ही क्यों चुना?
Rehan Mansuri एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसका कारोबार प्लास्टिक वेस्ट रिसाइक्लिंग से जुड़ा है. रिपोर्टों के मुताबिक परिवार की भारत में सात रिसाइक्लिंग यूनिट हैं. इसी वजह से उन्हें कम उम्र से ही मैन्युफैक्चरिंग और बिजनेस का अनुभव मिला. रेहान के मुताबिक उन्होंने भारत की सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में लीड फ्रेम्स को लेकर एक गैप देखा. उनका फोकस शुरुआत में दुनिया की बड़ी कंपनियों से कीमत या स्केल पर सीधी टक्कर लेने के बजाय लोकल कंपनियों को स्थानीय सप्लाई, तेज डिलीवरी, इंजीनियरिंग सपोर्ट और डिजाइन बदलाव में मदद देने पर है.

गुजरात क्यों बन रहा है सेमीकंडक्टर का बड़ा सेंटर?
Micronex का यह प्रोजेक्ट ऐसे समय में आया है जब गुजरात में सेमीकंडक्टर से जुड़ा पूरा इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में करीब ₹1.4 लाख करोड़ के निवेश का जिक्र किया गया है. सानंद में पहले से ही सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े प्रोजेक्ट डेवेलप हो रहे हैं.

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