Sai Cabinet – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Wed, 09 Sep 2026 11:30:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Sai Cabinet – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी; NSTI के लिए 10 एकड़ जमीन आवंटित https://eveningtimescg.com/major-decision-by-the-sai-cabinet-export-promotion-policy-2026-30-approved-10-acres-of-land-allocated-for-nsti/ Wed, 09 Sep 2026 11:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/major-decision-by-the-sai-cabinet-export-promotion-policy-2026-30-approved-10-acres-of-land-allocated-for-nsti/ रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में लिए गए निर्णयों के संबंध में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी दी।

मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक एवं मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को ‘राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।

मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को आज के उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

NSTI की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा नवा रायपुर को देश में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस निर्णय से शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों एवं अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज उक्त भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है। इस निर्णय से दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा और न्यायिक अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

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Sai Cabinet Meeting में बड़ा फैसला, ग्रामीण रोजगार की 2 नई योजनाएं मंजूर; बायोगैस नीति को भी हरी झंडी https://eveningtimescg.com/major-decision-at-sai-cabinet-meeting-two-new-rural-employment-schemes-approved-biogas-policy-also-gets-the-green-light/ Tue, 23 Jun 2026 10:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/major-decision-at-sai-cabinet-meeting-two-new-rural-employment-schemes-approved-biogas-policy-also-gets-the-green-light/ रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में आज मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1.    मंत्रिपरिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, सशक्तीकरण, विभागीय योजनाओं के अभिसरण और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने के लिए आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ’’विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़’’ के प्रारूप का अनुमोदन किया है। भारत सरकार के अधिनियम, 2025 के अनुरूप लागू की जा रही इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी।
इस योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण, आजीविकामूलक परिसंपत्तियों के विकास तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत आधारित समेकित विकास, विभागीय योजनाओं के अभिसरण तथा पीएम गति शक्ति से समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। विकास कार्यों की बेहतर कार्ययोजना एवं निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणालियों का उपयोग करते हुए पारदर्शिता, सुशासन एवं जवाबदेही को सुदृढ़ किया जाएगा। 
इस योजना के क्रियान्वयन में केंद्र एवं राज्य के व्यय का अनुपात 60ः40 रहेगा तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

2.    मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से ’’अटल आजीविका समृद्धि हाट’’ योजना प्रारंभ करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सृजन केंद्र (हथकरघा, बुनाई-सिलाई, हस्तशिल्प आदि), प्रसंस्करण इकाइयां (दलहन, तिलहन, राइस मिल, डेयरी आदि), सेवा केंद्र (कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत, अटल डिजिटल केंद्र आदि), विपणन केंद्र तथा आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इस योजना का उद्देश्य उपलब्ध अधोसंरचना और मशीनरी का बेहतर उपयोग करते हुए स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
’’अटल आजीविका समृद्धि हाट’’ के माध्यम से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सेवा व्यवसाय, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा तथा ग्रामीण बाजारों को नई गति मिलेगी और प्रदेश की ग्रामीण आजीविका को मजबूत आधार प्राप्त होगा।

3.    मंत्रिपरिषद ने आज “छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy), 2026” के प्रारूप का भी अनुमोदन किया है। इस नीति के माध्यम से राज्य में उपलब्ध कृषि अवशेष, नगरीय ठोस अपशिष्ट, पशुधन अपशिष्ट एवं अन्य जैविक संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन कर उन्हें स्वच्छ गैसीय ईंधन कम्प्रेस्ड बायोगैस में परिवर्तित किया जाएगा। 
इस नीति से अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, जैव उर्वरक उत्पादन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अनुसार राज्य में लगभग 5 लाख टन प्रतिवर्ष CBG उत्पादन की संभावना है। इस नीति के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को राज्य नोडल एजेंसी तथा ऊर्जा विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रशासनिक आदेश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।

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