Saanwaliya seth temple – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Thu, 02 Jul 2026 06:45:09 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Saanwaliya seth temple – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 सांवलियाजी मंदिर में चढ़ावे की बरसात, पहले दिन ही निकले 11.30 करोड़ रुपये https://eveningtimescg.com/a-shower-of-offerings-at-sanwaliyaji-temple-%e2%82%b911-30-crore-collected-on-the-very-first-day/ Sat, 16 May 2026 16:10:00 +0000 https://eveningtimescg.com/a-shower-of-offerings-at-sanwaliyaji-temple-%e2%82%b911-30-crore-collected-on-the-very-first-day/ चित्तौड़गढ़

मेवाड़ के सुप्रसिद्ध और आस्था के सबसे बड़े केंद्र 'कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर' में शुक्रवार को जब राजभोग आरती के बाद भगवान का दानपात्र (भंडार) खोला गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें फटी की फटी रह गईं। मासिक मेले के पहले ही दिन नोटों का ऐसा पहाड़ नजर आया कि शुरुआती गिनती में ही आंकड़ा 11 करोड़ 30 लाख रुपये पार कर गया। सांवलिया सेठ के दरबार में उमड़े इस 'धनवर्षा' के सैलाब को संभालने के लिए तत्काल नोटों से भरे बैग अलग-अलग बैंकों में कड़ी सुरक्षा के बीच जमा कराए गए।

कड़े पहरे में खुला भंडार, जयकारों से गूंजा गर्भगृह
मंदिर मंडल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभा गौतम, प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिव शंकर पारीक और मंदिर बोर्ड के सदस्यों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच गर्भगृह के मुख्य दानपात्र को खोला गया। जैसे ही खजाने के ताले टूटे, मंदिर परिसर में मौजूद हजारों भक्तों ने एक सुर में 'सांवलिया सेठ के जयकारे' लगाने शुरू कर दिए। पूरा माहौल भक्ति के अनूठे रंग में सराबोर हो गया। भंडार खुलते ही मंदिर प्रशासन और बैंक कर्मियों की टीम तुरंत नोटों की गड्डियां बनाने और उनकी गिनती करने में जुट गई।

सोना-चांदी और चिल्लर की गिनती अभी बाकी!
चमत्कारी बात यह है कि 11.30 करोड़ रुपये तो सिर्फ पहले दिन गिने गए नोटों की रकम है। सांवलिया सेठ मंदिर के दानपात्र से बड़ी मात्रा में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने और चांदी के आभूषण भी निकले हैं, जिन्हें नोटों की गड्डियों से अलग कर सुरक्षित रख लिया गया है। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, अभी इन कीमती धातुओं का वजन किया जाना बाकी है। इसके अलावा, सिक्कों (चिल्लर) का एक बहुत बड़ा ढेर और भेंट कक्ष व कार्यालय में मनीऑर्डर या ऑनलाइन माध्यम से आई राशि का अंतिम मिलान होना बाकी है। जब यह पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी, तब सांवलिया सेठ के इस मासिक चढ़ावे का असली और अंतिम जादुई आंकड़ा सामने आएगा।

मासिक मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब
श्री सांवलियाजी को 'व्यापार का साझेदार' मानने वाले भक्तों की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां हर महीने करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है। राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, गुजरात और देश के कोने-कोने से व्यापारी और आम लोग यहां मन्नत पूरी होने पर अपने 'सेठ' को हिस्सा देने आते हैं। मासिक मेले के चलते इस समय भक्तों की भीड़ कई गुना बढ़ गई है, जिसे देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

 

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