rail bridge – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Mon, 05 Oct 2026 11:10:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg rail bridge – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 मोकामा में नया डबल रेल पुल तैयार, राजेंद्र सेतु के समानांतर दौड़ेंगी ट्रेनें https://eveningtimescg.com/a-new-double-rail-bridge-is-ready-in-mokama-trains-will-run-parallel-to-the-rajendra-setu/ Mon, 05 Oct 2026 11:10:00 +0000 https://eveningtimescg.com/a-new-double-rail-bridge-is-ready-in-mokama-trains-will-run-parallel-to-the-rajendra-setu/  पटना
मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र पुल के समानांतर बनाए गए नए डबल लाइन रेल पुल के परिचालन का रास्ता साफ हो गया है।

रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), पूर्वी सर्किल कोलकाता गुरु प्रकाश ने शनिवार व रविवार को नवनिर्मित पुल, राजेंद्रपुल-हाथीदह ऊपर-रामपुर डुमरा रेलखंड तथा टाल स्टेशन का दो दिवसीय संरक्षा निरीक्षण पूरा कर लिया।

सीआरएस से प्राधिकार प्राप्त होते ही नया रेल पुल माल और यात्री ट्रेनों का परिचालन के लिए सोमवार से उपलब्ध हो गया है। रविवार रात रेलवे की इस उपलब्धि की जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने इंटरनेट मीडिया हैंडल एक्स पर साझा की।

रेल मंत्री नए रेल पुल पर ट्रायल का एक वीडियो पर पोस्ट किया है। रविवार को नए पुल से ट्रेन का अलग अलग स्पीड में ट्रायल किया गया। जिसके बाद रविवार रात सीआरएस ने अपनी रिपोर्ट दी।

करीब 2400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह नया रेल पुल वर्तमान राजेंद्र सेतु के समानांतर, पटना छोर की तरफ करीब 50 मीटर की दूरी पर बनाया गया है।

इस पर दोहरी रेल लाइन बिछाई गई है। करीब 15.5 किलोमीटर लंबे पूरे प्रोजेक्ट में गंगा नदी पर 1.9 किलोमीटर का मुख्य पुल शामिल है। मुख्य पुल में गंगा के ऊपर 17 स्टील स्पैन बनाए गए हैं। इसके अलावा 3.6 किलोमीटर लंबा रेल वायडक्ट, आठ लघु पुल, दो सड़क उपरि पुल और तीन रेल ओवर रेल का निर्माण किया गया है।

एक पुराने पुल के साथ दो नई लाइनें, अब गंगा पर कुल तीन लाइनें
नए डबल लाइन पुल के चालू होने के बाद पुराने राजेंद्र सेतु से भी रेलवे परिचालन जारी रहेगा। इस तरह राजेंद्र पुल क्षेत्र में कुल तीन रेल लाइनों की उपलब्धता हो जाएगी।

इससे मोकामा-राजेंद्र पुल रेलखंड की क्षमता में बड़ी वृद्धि होगी और उत्तर तथा दक्षिण बिहार के बीच ट्रेनों के संचालन को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

नए पुल के दोनों छोर के स्टेशन वर्तमान रेल नेटवर्क से ही जुड़े रहेंगे। उत्तर दिशा में हाथीदह, टाल और रामपुर डुमरा तथा दक्षिण दिशा में राजेंद्रपुल और बरौनी स्टेशन से इसका संपर्क रहेगा। नए पुल का निर्माण इस तरह किया गया है कि मौजूदा पुल के एप्रोच में न्यूनतम बदलाव करना पड़े।

उत्तर-पूर्व के लिए भी मजबूत होगा रेल संपर्क
नए पुल के चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के साथ देश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों के बीच रेल संपर्क को भी मजबूती मिलेगी। अतिरिक्त दोहरी लाइन उपलब्ध होने से यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी सुविधा होगी।

रेलवे के अनुसार, इस परियोजना के बाद इस क्षेत्र में रेल यातायात की क्षमता में अनुमानतः 2.5 गुना तक वृद्धि हो सकती है।

अतिरिक्त रेल लाइन मिलने से ट्रेनों के संचालन में अधिक लचीलापन आएगा। मालगाड़ियों के परिचालन में समय और लागत कम होने की उम्मीद है, जिसका असर व्यापारिक गतिविधियों और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही पर भी पड़ेगा।

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