Pragati – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Wed, 30 Sep 2026 10:20:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Pragati – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 रांची को मिली बड़ी जिम्मेदारी, देश के 50 शहरों में ‘प्रगति’ पहल के लिए चयन https://eveningtimescg.com/ranchi-has-been-given-a-significant-responsibility-selected-among-50-cities-across-the-country-for-the-pragati-initiative/ Wed, 30 Sep 2026 10:20:00 +0000 https://eveningtimescg.com/ranchi-has-been-given-a-significant-responsibility-selected-among-50-cities-across-the-country-for-the-pragati-initiative/  रांची
राजधानी रांची को केंद्र की ‘प्रगति’ पहल के तहत चुने गए देश के 50 शहरों में शामिल किया गया है। झारखंड से सिर्फ रांची का चयन हुआ है। सूची में रांची के साथ रांची नगर निगम को संबंधित नगरीय निकाय के रूप में शामिल किया गया है।

रांची को इस सूची में शामिल किए जाने के बाद शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर करने की चुनौती बढ़ गई है। इसमें सिर्फ सड़कों की सफाई और घर-घर से कचरा उठाना ही नहीं, बल्कि कचरे का संग्रहण, अलग-अलग करना, प्रसंस्करण और अंतिम निस्तारण तक पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करना शामिल है।

देश के 50 शहरों में रांची
प्रगति की सूची में देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 50 शहर शामिल हैं। इनमें पटना, गया, रायपुर, अहमदाबाद, सूरत, गुरुग्राम, इंदौर, भोपाल, मुंबई, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद, लखनऊ, वाराणसी, जयपुर और कोलकाता जैसे शहर शामिल हैं। झारखंड से रांची अकेला शहर है।

क्या है प्रगति?
प्रगति का पूरा नाम ‘सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन’ है। यह केंद्र सरकार की ऐसी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी की जाती है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय के साथ लंबित मामलों को दूर करने और योजनाओं को समय पर पूरा कराने पर जोर दिया जाता है।

रांची के सामने अब क्या चुनौती
रांची में कचरा उठाव, कचरे का पृथक्करण, नालियों की सफाई, जल निकासी और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करना होगा। खासकर कचरे के पूरे चक्र को व्यवस्थित करना बड़ी चुनौती होगी।

यानी प्रगति की सूची में रांची का शामिल होना सिर्फ उपलब्धि नहीं, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को जमीन पर बेहतर साबित करने की नई जिम्मेदारी भी है।

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