Passport – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Thu, 24 Sep 2026 10:41:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Passport – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 70 बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट का खुलासा, STF ने आरोपी गया प्रसाद को दबोचा https://eveningtimescg.com/fraudulent-passports-for-70-bangladeshis-exposed-stf-nabs-accused-gaya-prasad/ Thu, 24 Sep 2026 10:41:00 +0000 https://eveningtimescg.com/fraudulent-passports-for-70-bangladeshis-exposed-stf-nabs-accused-gaya-prasad/ ग्वालियर
स्पेशल टास्क फोर्स (STF) मध्य प्रदेश ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 70 फर्जी पासपोर्ट बनवाने के बड़े रैकेट में एक और बड़ी सफलता हासिल की है।एसटीएफ भोपाल की टीम ने इस मामले में 6वें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान गया प्रसाद गौतम पिता कच्ची राम निवासी बनवार चीनौर भितरवार ग्वालियर के रूप में हुई है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पूर्व में जान-पहचान न होने के बावजूद पासपोर्ट बनवाने वालों के निवास पते की फर्जी तस्दीक (वेरिफिकेशन) करता था और गवाह के रूप में अपनी भूमिका निभाता था। ग्वालियर के डबरा से बने सभी 17 पासपोर्ट में यह इकलौता गवाह है।

भंते के रूप में रहता था, वहीं से शुरू हुआ नेटवर्क
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी गया प्रसाद ने वर्ष 2019 में बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी। इसके बाद वर्ष 2021-22 में वह अम्बेडकर पार्क, सिमरिया टेकड़ी (डबरा, ग्वालियर) में भंते के रूप में रहने लगा।

स्थानीय निवासी होने के कारण उसने इसी दौरान वर्ष 2022 में बौद्ध भिक्षु संबंधी कार्यक्रम आयोजित कराया था। इसी कार्यक्रम के दौरान उसकी पहचान मैत्तानंद भिक्षु उर्फ रेयाल चौधरी भिक्षु से हुई। इसके बाद आरोपी ने मैत्तानंद भिक्षु के कहने पर 17 बांग्लादेशियों के फर्जी निवास प्रमाण की पुष्टि की और खुद गवाह बना।

एक ही पते पर दर्ज कराए गए फर्जी पासपोर्ट
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने जिन भी लोगों के पासपोर्ट बनवाने में आपराधिक सहयोग किया, उन सभी में निवास स्थान के रूप में एक ही पता"सिमरिया टेकड़ी, डबरा, जिला ग्वालियर" दर्ज कराया गया था। बिना किसी पूर्व परिचय के भी आरोपी झूठा गवाह बनकर फर्जी पासपोर्ट जारी करवा रहा था।

इन गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
एसटीएफ भोपाल के अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत दर्ज इस प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 465, 467, 468, 471 एवं 120-बी के अलावा धारा 12 (पासपोर्ट अधिनियम), धारा 14 (विदेशी विषयक अधिनियम) तथा धारा 17 (भारतीय नागरिकता अधिनियम) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

 

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ग्वालियर में 17 फर्जी पासपोर्ट का खुलासा, एक मोबाइल नंबर और पते से बने दस्तावेज https://eveningtimescg.com/17-fake-passports-exposed-in-gwalior-documents-issued-using-a-single-mobile-number-and-address/ Tue, 22 Sep 2026 09:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/17-fake-passports-exposed-in-gwalior-documents-issued-using-a-single-mobile-number-and-address/  ग्वालियर
 जाली दस्तावेजों के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनने के लिए मामले में अब जांच पुलिसकर्मियों तक पहुंच गई है। ग्वालियर के डबरा स्थित बौद्ध विहार के पते पर एक ही मोबाइल नंबर और एक ही पते पर 17 बांग्लादेशी नागरिकों के हिंदू नाम से पासपोर्ट बन गए।

इसके बाद यह लोग चाइना, थाइलैंड, म्यामांर व अन्य देशों की यात्रा भी कर आए। कुछ विदेश भी भाग गए। इस मामले में एसटीएफ ने तत्कालीन डबरा थाना प्रभारी विनायक शुक्ला और पासपोर्ट के लिए पुलिस सत्यापन का काम देख रहे आरक्षक भूपेंद्र गुर्जर की लापरवाही मानी है।

एसटीएफ डीआईजी ने लिखा पत्र
इसके चलते एसटीएफ के डीआईजी राहुल लोढ़ा द्वारा ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह को इन दोनों पुलिसकर्मियों की प्राथमिक-विभागीय जांच के लिए पत्र लिखा गया है। पत्र ग्वालियर आने के बाद इस मामले में जांच शुरू हो जाएगी।

एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक, अगर पुलिस सत्यापन में ही एक ही मोबाइल नंबर व अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच हो जाती तो उस समय ही यह फर्जीवाड़ा खुल सकता था। पासपोर्ट नहीं बनते और यह लोग भी पकड़े जा सकते थे, जो बांग्लादेशी हैं, बल्कि बौद्ध भिक्षु बनकर भारत में रह रहे थे।

पुलिस विभाग की लापरवाही आई सामने
पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण पासपोर्ट बने। इसमें से कुछ बांग्लादेशी विदेश भी भाग चुके हैं। भोपाल पुलिस आयुक्त और बैतूल पुलिस अधीक्षक को भी लिखा पत्र भोपाल के गोविंदपुरा स्थित अन्नानगर बौद्ध मठ से 40 बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बने।

वहीं, बैतूल से 11 पासपोर्ट बने, इसमें भी पुलिस सत्यापन में लापरवाही बरती गई। डीआईजी राहुल लोढ़ा ने बताया कि भोपाल में तत्कालीन गोविंदपुरा थाना प्रभारी, बैतूल में पुलिस सत्यापन प्रक्रिया में शामिल थाना प्रभारी, पासपोर्ट सेल प्रभारी की जांच के लिए पत्र लिखा है।

विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार, नोटिस जारी होंगे
इन सभी पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच रिपोर्ट एसटीएफ द्वारा संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक से ली जाएगी। इस दौरान इन्हें नोटिस जारी होंगे और पासपोर्ट बनाने वाले केस में एसटीएफ भी बयान दर्ज करेगी।

सेवा केंद्र के कर्मचारी की तलाश में लगी टीमें
भोपाल में रहने वाले एजेंट नसीम अख्तर ने पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारी का नाम बताया था। पासपोर्ट सेवा केंद्र का कर्मचारी पंजाब-हरियाणा बार्डर के जिले में पदस्थ है। अब उसकी तलाश में टीमें लगी हैं। इसके बाद आगे की चेन पता लगेगी।

    पुलिस सत्यापन में लापरवाही हुई, इसलिए पासपोर्ट जारी हुए। पहले ही यह चूक पकड़ ली जाती तो बड़ा नेटवर्क का राजफाश हो सकता था। लापरवाही की जांच के लिए संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। नोटिस भी जारी किए जाएंगे, एसटीएफ सभी के बयान लेगी। डी. वर्मा, एडीजी, एसटीएफ

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फर्जी पासपोर्ट कांड में MP STF का बड़ा एक्शन, 7 राज्यों में दबिश; ग्वालियर-भोपाल से जुड़े तार https://eveningtimescg.com/major-action-by-mp-stf-in-fake-passport-scandal-raids-across-7-states-links-traced-to-gwalior-and-bhopal/ Tue, 15 Sep 2026 10:41:00 +0000 https://eveningtimescg.com/major-action-by-mp-stf-in-fake-passport-scandal-raids-across-7-states-links-traced-to-gwalior-and-bhopal/ ग्वालियर
जाली दस्तावेजों के सहारे भारतीय पासपोर्ट हासिल करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों और इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के मददगारों के खिलाफ मध्य प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने सात राज्यों में डेरा डाल दिया है।

इस फर्जीवाड़े का केंद्र बने ग्वालियर और भोपाल के कई संदिग्धों को चिह्नित कर लिया गया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। यह जाली दस्तावेज बनाने वाले चेहरे हैं, जिनके जरिये बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बने।

एसटीएफ ने भेजी टीमें
एसटीएफ अधिकारियों ने महाराष्ट्र, दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, असम और पश्चिम बंगाल में अपनी टीमें भेजी हैं। प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बने पासपोर्ट का इस्तेमाल कर बांग्लादेशी नागरिक इन राज्यों के विभिन्न शहरों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहे हैं।

जांच अधिकारियों के अनुसार, जाली आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र और अन्य स्थानीय प्रमाण पत्र तैयार करने वाले गिरोह में भोपाल के कुछ शातिर जालसाज शामिल हैं। एसटीएफ ने भोपाल के इस नेटवर्क के कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है।

गिरोह के सदस्य मोटी रकम लेकर अवैध रूप से भारत में घुसे बांग्लादेशियों के फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करवाते थे, जिसके आधार पर पासपोर्ट जारी हो जाते थे।

जल्द होगा बड़ा राजफाश
एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न राज्यों में भेजी गई टीमों से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। संदिग्धों की धरपकड़ के साथ ही पासपोर्ट बनवाने की पूरी प्रक्रिया में शामिल बिचौलियों को बेनकाब किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आने वाले कुछ दिनों में इस पूरे मामले का एक बड़ा खुलासा किया जाएगा।

 

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भोपाल-डबरा से बने 70 से ज्यादा फर्जी पासपोर्ट, STF की रडार पर 15 अफसर-पुलिसकर्मी https://eveningtimescg.com/over-70-fake-passports-issued-from-bhopal-and-dabra-15-officers-and-police-personnel-on-stfs-radar/ Sun, 13 Sep 2026 13:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/over-70-fake-passports-issued-from-bhopal-and-dabra-15-officers-and-police-personnel-on-stfs-radar/ ग्वालियर/भोपाल.

मध्य प्रदेश में जाली दस्तावेज से बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनाने वाले नेटवर्क की कारगुजारियों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस मामले की जांच कर रही राज्य एसटीएफ ने अब तक जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से नागपुर से पकड़े गए एक आरोपित का पासपोर्ट गुजरात में कच्छ जिले के मथल गांव के पते पर बना पाया गया। कच्छ के पास पाकिस्तान बार्डर लगता है, इसलिए एसटीएफ ने इस आरोपित जाय चौधरी बरूआ से गहन पूछताछ कर रही है।

बौद्ध विहार के पते पर बना प्रियान राय का पासपोर्ट
वहीं महाराष्ट्र के उल्लासनगर से पकड़े गए प्रियान राय का पासपोर्ट ग्वालियर के डबरा स्थित बौद्ध विहार के पते पर बना है। अब एसटीएफ के राडार पर सरकारी विभागों का वह सिस्टम है, जो सत्यापन से लेकर दस्तावेज बनाने वाली प्रक्रिया में शामिल है। यह वही दस्तावेज हैं, जिनके जरिये पासपोर्ट बने हैं। अब तक पुलिस और दूसरे विभागों के कर्मचारियों को मिलाकर 15 लोगों के नाम सूची में हैं। इसमें ग्वालियर के डबरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विनायक शुक्ला, एचसीएम भूपेंद्र गुर्जर सहित अन्य पुलिसकर्मी व पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारी भी हैं।

एसटीएफ ने की डबरा के पते पर बने पासपोर्टों की पड़ताल
बता दें कि अभी तक मध्य प्रदेश के दतिया के डबरा स्थित बौद्ध मठ के पते पर 17, भोपाल के अन्ना नगर स्थित बौद्ध मठ के पते पर 40, बैतूल से 11, छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले से एक-एक फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने का मामला सामने आया है। एसटीएफ ने अभी डबरा के पते पर बने पासपोर्टों की पड़ताल की है। इसमें सामने आया था कि सभी के फर्जी तरीके से आधार कार्ड आरोपित रियाल चौधरी ने बनवाए थे। वह असम के कामरूप जिले का रहने वाला है। अन्य जिलों से बने पासपोर्ट में भी उसकी भूमिका हो सकती है। मामले में अभी तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है। एसटीएफ की जांच के दायरे में प्रदेश के पांच जिले ग्वालियर, भोपाल, पांणूर्ना, छिंदवाड़ा, बैतूल के अलावा दूसरे जिले भी हैं। यहां बौद्ध विहार व आंबेडकर पार्क के पते पर कितने ऐसे लोगों के पासपोर्ट बने जो कुछ समय पहले ही यहां आए थे। इन सभी के दस्तावेज, पासपोर्ट जांच के दायरे में हैं।

200 तक पहुंच सकती है, पासपोर्ट की संख्या
जांच अधिकारियों को आशंका है कि जाली दस्तावेजों के आधार पर बने पासपोर्टों की संख्या 200 तक पहुंच सकती है। अभी अन्य पासपोर्ट की जांच जारी है, जो इन्हीं पते पर बने हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच में अब तक ऐसे 70 फर्जी पासपोर्ट की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अभी 100 से ज्यादा पासपोर्ट और हैं, जिनकी जांच चल रही है। यह भी संदिग्ध हैं।

सत्यापन कर्मचारियों की सूची तैयार –
नागपुर से पकड़े गए बांग्लादेशी का पासपोर्ट गुजरात के कच्छ के पते पर बना था। वहां भी एक टीम भेजी जाएगी। सत्यापन प्रक्रिया में शामिल पुलिस अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं दूसरे विभागों के सरकारी कर्मचारियों की सूची तैयार की है।
– राजेश सिंह भदौरिया, एसपी, एसटीएफ।

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जापान-जर्मनी-इंग्लैंड भी फेल! एमपी के पेपर से बनेगा देश का नया पासपोर्ट https://eveningtimescg.com/even-japan-germany-and-england-fall-short-countrys-new-passport-to-be-made-using-paper-from-mp/ Fri, 28 Aug 2026 15:33:00 +0000 https://eveningtimescg.com/even-japan-germany-and-england-fall-short-countrys-new-passport-to-be-made-using-paper-from-mp/ नर्मदापुरम
 भारत के पासपोर्ट निर्माण में नर्मदापुरम की सिक्योरिटी पेपर मिल (एसपीएम) ने बड़ी पहल की है। भाई-बहन के स्नेह उत्सव रक्षाबंधन पर मिल ने देश को पासपोर्ट पेपर में आत्मनिर्भर कर दिया। इसके अंतर्गत देश का पासपोर्ट अब पूर्ण स्वदेशी पेपर पर बनाया जाएगा। मिल ने इसके लिए 50 टन पेपर तैयार किया है। इसे सरकार को सौंपने की कार्रवाई शुरू हो गई है। एसपीएम ने जापान, जर्मनी, इंग्लैंड जैसे देशों को पीछे छोड़कर यह उपलब्धि हासिल की है।

एसपीएम देश की करेंसी का कागज, ज्युडिशियल स्टांप पेपर का निर्माण करती है। मेक इन इंडिया के तहत एसपीएम ने पूर्व मे पासपोर्ट पेपर का ट्रायल किया था। टेस्टिंग में पासपोर्ट के लिए निर्धारित सरकार के मापदंडों में खरा उतरा। सरकार से हरी झंड़ी मिलते ही एसपीएम ने पासपोर्ट पेपर का निर्माण किया है।

कच्चा कागज अभी जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम और जापान जैसे देशों से आयात
देश में पासपोर्ट बनाने के लिए विशेष कच्चा कागज अभी जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम और जापान जैसे देशों से आयात किया जाता है। अब नर्मदापुरम के कारखाना में 50 टन स्वदेशी पासपोर्ट पेपर तैयार कर सरकार को भेजने की तैयारी कर ली गई है।

पेपर में वाटर मार्क, सुरक्षा धागा जैसे कई फीचर
पासपोर्ट पेपर में विशेष प्रकार के वॉटरमार्क है। यह रोशनी में देखने पर ही स्पष्ट दिखाई देता है। पेपर के अंदर छोटे-छोटे दृश्य और अदृश्य फाइबर ए्बेडेड केवल अल्ट्रा- वायलेट प्रकाश में ही चमकते हैं। पासपोर्ट के हर पन्ने पर लेजर तकनीक, विशेष स्याही से यूनिक सीरियल नंबर उकेरा जाता है।

पेपर की नकल करना किसी भी हाल में संभव नहीं
खास बात यह है कि पेपर की नकल करना किसी भी हाल में संभव नहीं है। एसपीएम का यह पेपर फटने, पानी से गलने और आसानी से खराब नहीं होता है। इसमें कोई छेड़छाड़ होने पर उसका पता चल जाता है। पासपोर्ट का मुख्य पहचान विवरण वाला पेज मजबूत पॉलीकार्बोनेट सामग्री से बना होता है। इसमें बायोमेट्रिक माइक्रोचिप और हॉलोग्राम रहते हैं।

डीजीएम एवं पीआरओ संजय भावसार बताते हैं कि पासपोर्ट पेपर का निर्माण कर एसपीएम ने देश को आत्मनिर्भर किया है। कर्मचारियों और प्रबंधन के बेहतर तालमेल के रक्षा बंधन पर्व पर एक उपलब्धि मिल गई है।

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Passport Rule Change: 14 साल बाद पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा, 1 जुलाई से बढ़ेंगी फीस, जानें नई रेट लिस्ट https://eveningtimescg.com/passport-rule-change-getting-a-passport-becomes-costlier-after-14-years-fees-to-rise-from-july-1-check-the-new-rate-list/ Fri, 26 Jun 2026 07:32:00 +0000 https://eveningtimescg.com/passport-rule-change-getting-a-passport-becomes-costlier-after-14-years-fees-to-rise-from-july-1-check-the-new-rate-list/  नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने पासपोर्ट और उससे जुड़ी सर्विस की फीस में बड़ा बदलाव किया है. ये बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब देश भर में पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण माने जाने को लेकर बहस चल रही है. विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 जारी करते हुए इसे अगले महीने से ही लागू करने के निर्देश दिए हैं। 

साल 2012 में आखिरी बार हुआ था फीस में बदलाव
नए नियमों के तहत 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट के नए शुल्क लागू होंगे. इस बदलाव के तहत अब पासपोर्ट बनवाना दो हजार रुपये तक महंगा पड़ सकता है. इससे पहले साल 2012 में आखिरी बार पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ाई गई थी. इस तरह ये बदलाव 14 साल बाद हुआ है। 

सरकार ने इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद नया पासपोर्ट बनवाने, पासपोर्ट रिन्यू कराने और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए संशोधित शुल्क देना होगा. इसके साथ ही पासपोर्ट नियम, 1980 की पुरानी शुल्क सूची (शेड्यूल-IV) को हटाकर नई शुल्क सूची लागू कर दी जाएगी. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि 1 जुलाई 2026 से सभी पासपोर्ट सेवाओं पर नए शुल्क लागू होंगे। 

फीस में कितना हुआ बदलाव

1 जुलाई से पासपोर्ट शुल्क में बदलाव, जानिए अब कितना देना होगा
 
36 पेज का पासपोर्ट (नया/री-इश्यू):
पहले: ₹1,500 → अब: ₹2,500 (नॉर्मल)
पहले: ₹3,500 → अब: ₹5,000 (तत्काल)

60 पेज का पासपोर्ट (नया/री-इश्यू):
पहले: ₹2,000 → अब: ₹3,500 (नॉर्मल)
पहले: ₹4,000 → अब: ₹6,000 (तत्काल)

36 पेज का खोया/क्षतिग्रस्त पासपोर्ट:
पहले: ₹1,500 → अब: ₹5,000 (नॉर्मल)
पहले: ₹3,500 → अब: ₹7,500 (तत्काल)

60 पेज का खोया/क्षतिग्रस्त पासपोर्ट:
पहले: ₹2,000 → अब: ₹6,000 (नॉर्मल)
पहले: ₹4,000 → अब: ₹8,500 (तत्काल)

18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का 36 पेज का पासपोर्ट:
पहले: ₹1,000 → अब: ₹1,750 (नॉर्मल)
पहले: ₹3,000 → अब: ₹4,250 (तत्काल)

नाबालिगों का खोया/क्षतिग्रस्त पासपोर्ट:
पहले: ₹1,000 → अब: ₹4,250 (नॉर्मल)
पहले: ₹3,000 → अब: ₹6,750 (तत्काल)

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