New Education Policy – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Fri, 10 Jul 2026 07:09:31 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg New Education Policy – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 योगी सरकार की नई शिक्षा नीति और वैश्विक पहचान का असर: लखनऊ विश्वविद्यालय में 77 देशों से आए रिकॉर्ड 3421 आवेदन https://eveningtimescg.com/the-impact-of-the-yogi-governments-new-education-policy-and-global-recognition-lucknow-university-received-a-record-3421-applications-from-77-countries/ Wed, 01 Jul 2026 07:01:00 +0000 https://eveningtimescg.com/the-impact-of-the-yogi-governments-new-education-policy-and-global-recognition-lucknow-university-received-a-record-3421-applications-from-77-countries/ लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा, निवेश और नवाचार के साथ-साथ अब वैश्विक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, विश्वविद्यालयों के आधुनिकीकरण, सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की नीतियों का सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण लखनऊ विश्वविद्यालय है, जहां शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 77 देशों से रिकॉर्ड 3421 अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
यह संख्या पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 के 2083 आवेदनों की तुलना में 1338 अधिक है, अर्थात विश्वविद्यालय ने मात्र एक वर्ष में 64 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश अब केवल देश के छात्रों का ही नहीं, बल्कि दुनिया के विद्यार्थियों का भी भरोसेमंद शैक्षणिक गंतव्य बनता जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस वर्ष 77 देशों के विद्यार्थियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इनमें बांग्लादेश, नेपाल, नाइजीरिया, सूडान और तंजानिया से सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त जर्मनी और पोलैंड जैसे यूरोपीय देशों से भी आवेदन प्राप्त होना विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण माना जा रहा है।

पाठ्यक्रमवार आंकड़ों पर नजर डालें तो स्नातक (यूजी) कार्यक्रमों के लिए सर्वाधिक 2552 आवेदन प्राप्त हुए हैं। स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के लिए 595 छात्रों ने आवेदन किया है, जबकि विभिन्न विषयों में पीएचडी के लिए 274 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में बढ़ती रुचि विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता और अनुसंधान क्षमता को भी रेखांकित करती है।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, स्मार्ट कैंपस, उद्योग आधारित पाठ्यक्रम, शोध संस्कृति को प्रोत्साहन तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन ने उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों की वैश्विक छवि को मजबूत किया है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में विदेशी छात्र अब उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं।

इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आवेदनों में हुई यह अभूतपूर्व वृद्धि विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों और छात्र-अनुकूल वातावरण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित बहुविषयक पाठ्यक्रम, वैश्विक अनुसंधान के अवसर तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दुनिया भर में सराहना मिल रही है। विश्वविद्यालय अपने सभी विदेशी विद्यार्थियों को सुरक्षित, समावेशी, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ ने प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी आवेदनों का दस्तावेज सत्यापन, पात्रता परीक्षण तथा वीजा संबंधी औपचारिकताओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा ताकि विदेशी विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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UP स्कूलों में बड़ा बदलाव, ‘अरुणोदय’ कैलेंडर से बच्चों को हर दिन मिलेगी नई सीख https://eveningtimescg.com/major-change-in-up-schools-children-to-gain-new-insights-daily-through-the-arunoday-calendar/ Sat, 02 May 2026 13:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/?p=57127 लखनऊ

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 से बच्चों को हर दिन कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने पूरे वर्ष के लिए दैनिक गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया है, जिसे जल्द ही सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। यह पहल अपने आप में अनोखी मानी जा रही है।

नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार इस कैलेंडर को ‘अरुणोदय’ नाम दिया गया है। इसके तहत हर दिन किसी न किसी विषय जैसे पर्यावरण, स्वास्थ्य, महापुरुषों की जयंती, नदियां, शब्द ज्ञान, कला, कहानी-कविता, देशभक्ति और स्वतंत्रता से जुड़े प्रसंग पर बच्चों को जानकारी दी जाएगी।

यह गतिविधियां सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान आयोजित होंगी। संबंधित शिक्षक या प्रधानाध्यापक बच्चों को विषय की जानकारी देंगे और उससे जुड़ी गतिविधियां भी कराएंगे। खास बात यह है कि प्रत्येक विषय के साथ क्यूआर कोड भी जोड़ा गया है, जिससे शिक्षक अतिरिक्त जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। कैलेंडर को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के अनुसार अलग-अलग तैयार किया गया है, ताकि बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप सामग्री मिल सके।
 
विविध विषयों से होगा सर्वांगीण विकास
कैलेंडर में बच्चों से छुट्टियों के अनुभव साझा कराने से लेकर मौसमी फल-सब्जियों के लाभ, वर्णमाला, शब्द निर्माण, विलोम शब्द, कहानी-कहानी, सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक सेंस, स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल हैं।

इसके अलावा वर्षा जल संरक्षण, पौधरोपण, बाढ़ से बचाव, संचारी रोगों की रोकथाम, विद्यालय शिष्टाचार, वाद्ययंत्र और लोकगीतों की जानकारी भी दी जाएगी। बच्चों को अच्छी आदतें, पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता, जीवन मूल्य, प्रकृति, आपदा प्रबंधन, ऋतुओं का ज्ञान और खेल-खेल में विज्ञान भी सिखाया जाएगा।
 
अखबारों से भी जोड़ने की पहल
एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान के अनुसार, सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए बच्चों को अखबारों से भी जोड़ा जाएगा। उन्हें नए और पुराने अखबारों की उपयोगिता, समाचारों की समझ और उनसे जुड़ी चर्चाओं के माध्यम से जागरूक किया जाएगा।

साथ ही गणित के डर को दूर करने के लिए खेल, पहेलियां, गणित किट और भारतीय गणितज्ञों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य बच्चों का बहुमुखी विकास करना है, ताकि वे विभिन्न विषयों की समग्र जानकारी प्राप्त कर सकें। इसे जल्द ही प्रदेशभर के स्कूलों में लागू किया जाएगा।

 

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