LNCT – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Thu, 02 Jul 2026 06:35:42 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg LNCT – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 LNCT समूह पर ED का शिकंजा, भोपाल-इंदौर समेत 3 शहरों में छापे; 200 करोड़ की हेराफेरी का आरोप https://eveningtimescg.com/ed-cracks-down-on-lnct-group-raids-conducted-in-three-cities-including-bhopal-and-indore-allegations-of-%e2%82%b9200-crore-misappropriation/ Wed, 24 Jun 2026 08:03:00 +0000 https://eveningtimescg.com/ed-cracks-down-on-lnct-group-raids-conducted-in-three-cities-including-bhopal-and-indore-allegations-of-%e2%82%b9200-crore-misappropriation/  भोपाल
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भोपाल के एलएनसीटी समूह से जुड़े कई स्थानों पर सोमवार को छापा मारा। जांच देर शाम तक जारी रही। ईओडब्ल्यू में सितंबर 2025 में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत ईडी ने प्रकरण कायम कर कार्रवाई की है।

बताया जा रहा है कि भोपाल के अतिरिक्त ईडी ने इंदौर और बिलासपुर में भी संस्था से जुड़े स्थानों पर तलाशी ली है। सभी जगह से दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस जब्त की गई हैं।

200 करोड़ की हेराफेरी का आरोप
ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर के अनुसार पूरे मामले में लगभग 200 करोड़ रुपये के हेरफेर का आरोप है। इसके अनुसार आस्था फाउंडेशन फॉर एजुकेशन सोसायटी के माध्यम से गड़बड़ी की गई थी, जिसमें ग्रुप के मालिकों, अधिकारियों को मिलाकर सात लोगों को आरोपित बनाया गया है।

फीस, स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के लेन-देन जांच के दायरे में
जांच में छात्रों की फ़ीस, स्कॉरशिप और एजुकेशन लोन से जुड़े वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताएं सामने आईं हैं। जो राशि संस्था को मिलनी थी उसे दूसरी जगह उपयोग करने का आरोप है। ईओडब्ल्यू की जांच में सोसायटी में दर्ज कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाकर दिखाने की बात सामने आई थी।

दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही ईडी
ईडी फिलहाल जब्त दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं के जरिए प्राप्त राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया और क्या इसमें धन शोधन के तत्व शामिल हैं।

 इस संबंध में पक्ष लेने के लिए मालिकों में शामिल अनुपम चौकसे को फोन लगाया, मैसेज भी किया, पर कोई जवाब नहीं मिला।

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