ISRO – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Fri, 04 Sep 2026 09:30:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg ISRO – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 ISRO ने रचा इतिहास, GSLV-F17 से EOS-05 की सफल लॉन्चिंग; बढ़ेगी भारत की सर्विलांस ताकत https://eveningtimescg.com/isro-makes-history-with-the-successful-launch-of-eos-05-via-gslv-f17-indias-surveillance-capabilities-set-to-be-boosted/ Fri, 04 Sep 2026 09:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/isro-makes-history-with-the-successful-launch-of-eos-05-via-gslv-f17-indias-surveillance-capabilities-set-to-be-boosted/ श्रीहरिकोटा
 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ई.ओ.एस.05 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और बड़ी उपलब्धि है। 

इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने कहा, 'मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि जीएसएलवी-एफ17 व्हीकल ने एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ई.ओ.एस.05 को तय और जरूरी ऑर्बिट में सफलतापूर्वक और सही तरीके से पहुंचा दिया है। 

रियल-टाइम इमेजरी देने और खेती और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे एरिया में देश की मदद करने के लिए तैयार जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट पेलोड लेकर स्पेसपोर्ट से भारतीय समयानुसार सुबह 2:55 बजे आसमान में उड़ा। 

यह प्रक्षेपण जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट पर किया गया, जो भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) की ईओएस-05 के रूप में सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (सब-जीटीओ) की ओर 19वीं उड़ान है. मिशन में शामिल इसरो और साइंटिस्ट्स की तारीफ करते हुए डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा, 'अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी छलांग! जीएसएलवी-एफ17/ई.ओ.एस.05 के सफल लॉन्च पर टीम इसरो को बधाई। 

ई.ओ.एस.05 एक अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है और जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है, जो विजिबल, इंफ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपरस्पेक्ट्रल बैंड में एडवांस्ड इमेजिंग को सक्षम बनाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूर की सोच वाली लीडरशिप से भारत की स्पेस कैपेबिलिटी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है, जिससे ग्लोबल स्पेस पावर के तौर पर हमारी जगह और मजबूत हो रही है। 

इस मिशन ने लोगों का काफी ध्यान खींचा, स्टूडेंट्स, टीचर्स और स्पेस के शौकीन लोग लॉन्च देखने के लिए श्रीहरिकोटा में इकट्ठा हुए. बारिश के बावजूद लोग रॉकेट को उड़ान भरते देखने के लिए लॉन्च-व्यूइंग एरिया में मौजूद रहे. ई.ओ.एस.05 सैटेलाइट को पृथ्वी के बड़े हिस्सों का बार-बार ऑब्जर्वेशन करने और मौसम, खेती से जुड़े अपडेट वगैरह से जुड़ी जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया है। 

स्पेसक्राफ्ट को जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट से ले जाया गया, जिसके पेलोड फेयरिंग में 4-मीटर डायमीटर का ओगिव कम्पोजिट कॉन्फ़िगरेशन है. इस व्हीकल का मिशन ई.ओ.एस.05 को सब-जीटीओ में रखना है, जिसके बाद सैटेलाइट के अपने ऑपरेशनल ऑर्बिट में पहुंचने की उम्मीद है। 

ऐसे कक्षा से उपग्रह को पृथ्वी के बड़े हिस्सों का बार-बार अवलोकन करने और मौसम, खेती से जुड़े अपडेट वगैरह से जुड़ी जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया है. पिछले जीएसएलवी मिशन, जीएसएलवी-एफ16 ने जुलाई 2025 में नासा -इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था. जीएसएलवी-एफ17 के सफल लॉन्च के साथ, इसरो ने एक बार फिर भारत के अर्थ ऑब्जर्वेशन प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हुए अपने जीएसएलवी प्लेटफ़ॉर्म की क्षमताओं को दिखाया है। 

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ISRO 4 सितंबर को लॉन्च करेगा EOS-05, 36 हजार किमी ऊपर से भारत के बड़े हिस्से पर रखेगा नजर https://eveningtimescg.com/isro-to-launch-eos-05-on-september-4-will-monitor-vast-swathes-of-india-from-an-altitude-of-36000-km/ Tue, 01 Sep 2026 13:34:00 +0000 https://eveningtimescg.com/isro-to-launch-eos-05-on-september-4-will-monitor-vast-swathes-of-india-from-an-altitude-of-36000-km/ श्रीहरिकोटा 
इसरो 4 सितंबर को
EOS-05 सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहा है. इसे GSLV-F17 रॉकेट से सुबह 2:55 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से भेजा जाएगा. EOS-05 भारत का पहला ऐसा सैटेलाइट होगा, जो 36 हजार किलोमीटर ऊपर रहकर भारत के बड़े हिस्से की तस्वीरें लेगा. एक ही इलाके पर कई बार नजर रख सकेगा। 

इस सैटेलाइट से चक्रवात, बाढ़, बादल फटने और जंगलों में आग जैसी घटनाओं पर नजर रखने में मदद मिलेगी. इससे बड़े इलाके की तस्वीरें मिलेंगी, जिससे जमीन पर हो रहे बदलावों का पता लगाया जा सकेगा. सीमा के पास होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने में भी इससे मदद मिल सकती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक ही इलाके को बार-बार देख सकेगा। 

36 हजार KM ऊपर से देखेगा भारत
EOS-05 को धरती से करीब 36 हजार किलोमीटर ऊपर भेजा जाएगा. इसे ऐसे ऑर्बिट में रखा जाएगा, जहां यह धरती के साथ उसी गति से घूमेगा. इससे सैटेलाइट लंबे समय तक भारत के बड़े हिस्से पर नजर रख सकेगा. आम तौर पर तस्वीरें लेने वाले सैटेलाइट धरती के काफी करीब घूमते हैं. वे कुछ समय बाद किसी इलाके के ऊपर से दोबारा गुजरते हैं. लेकिन EOS-05 की ऑर्बिट की वजह से भारत के बड़े हिस्से की तस्वीरें बार-बार मिल सकेंगी। 

GSLV-F17 रॉकेट कितना बड़ा है?
GSLV-F17 रॉकेट की 19वीं उड़ान है. इसमें GSLV Mk II का इस्तेमाल किया जाएगा. यह रॉकेट करीब 51.7 मीटर लंबा है. लॉन्च के समय इसका वजन करीब 420.5 टन होगा. यह रॉकेट तीन हिस्सों में काम करेगा. पहले यह EOS-05 को धरती के चारों ओर एक शुरुआती ऑर्बिट में पहुंचाएगा. इसके बाद सैटेलाइट को उसकी तय ऑर्बिट तक पहुंचाया जाएगा। 

बाढ़ और जंगल की आग में आएगा काम
EOS-05 से मिलने वाली तस्वीरें चक्रवात और बाढ़ के समय काफी काम आ सकती हैं. इससे पता लगाने में मदद मिल सकती है कि बाढ़ कितने इलाके में फैली है या चक्रवात से कौन से इलाके प्रभावित हुए हैं। 

जंगल में आग लगने पर भी सैटेलाइट से प्रभावित इलाके की जानकारी मिल सकती है. यह जानकारी मौसम से जुड़ी एजेंसियों, आपदा से निपटने वाली टीमों और दूसरी सरकारी एजेंसियों के काम आएगी. खेती और जमीन में हो रहे बदलावों पर नजर रखने में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। 

2021 में ऐसा ही मिशन हुआ था फेल
EOS-05 का यह मिशन 2021 में भेजे गए EOS-03 सैटेलाइट से जुड़ा है. 12 अगस्त 2021 को GSLV-F10 रॉकेट से EOS-03 को लॉन्च किया गया था. लेकिन रॉकेट के आखिरी हिस्से में तकनीकी खराबी आ गई थी. इसके कारण सैटेलाइट अपनी तय ऑर्बिट तक नहीं पहुंच सका था। 

अब इसरो EOS-05 के जरिए इस तरह की सैटेलाइट सेवा को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है. अगर मिशन सफल रहता है, तो भारत को अंतरिक्ष से बड़े इलाके पर बार-बार नजर रखने की नई सुविधा मिलेगी। 

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बेंगलुरु में ISRO मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; परिसर खाली कराया गया https://eveningtimescg.com/bomb-threat-at-isro-headquarters-in-bengaluru-security-agencies-on-alert-premises-evacuated/ Thu, 02 Jul 2026 12:36:00 +0000 https://eveningtimescg.com/bomb-threat-at-isro-headquarters-in-bengaluru-security-agencies-on-alert-premises-evacuated/ बेंगलुरु
कर्नाटक की राजधानीबेंगलुरु में स्थित इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) के हेडक्वार्टर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सूचना मिलने के बाद अलर्ट जारी किया गया। मौके पर पुलिस और बम स्क्वाड हेडक्वार्टर में जांच-पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक, ISRO के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के ऑफिस को धमकी भरा ईमेल आया था। इसके बाद इसरो के कैंपस को खाली कराया गया। कई टीमें संदिग्ध वस्तुओं की जांच की। अधिकारियों के अनुसार इसरो को धमकी भरा मेल गाजियाबाद से भेजा गया था। वहां पर उस व्यक्ति का पता लगाकर उसे पकड़ लिया गया है।

कैंपस खाली करवाकर सर्च ऑपरेशन
पुलिस के मुताबिक एहतियात के तौर पर सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया और इमारत की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली और बाद में धमकी को झूठा करार दिया गया है। पुलिस ने ईमेल भेजने वाले से पूछताछ कर रही है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में न्यू बीईएल रोड पर स्थित 'अंतरिक्ष भवन' में स्थित है।

29 जून को बम धमकी के फर्जी ईमेल भेजने वाला पकड़ा गया
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कई संगठनों और एक एयर इंडिया की उड़ान को बम की धमकी वाले फर्जी ईमेल भेजने के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़ा है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यह व्यक्ति गाजियाबाद का निवासी है। 36 वर्षीय आरोपी 2008 से मानसिक बीमारी का इलाज करा रहा है।

29 जून को भेजे गए इन ईमेल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय  सहित कई उच्च सुरक्षा प्रतिष्ठानों में बम होने का दावा किया गया था। नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान के लिए भी एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया। इससे तत्काल सुरक्षा जांच शुरू हुई और कई एजेंसियों को सतर्क किया गया। पुलिस ने बताया कि सभी संबंधित संगठनों और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया था। मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया और धमकियां फर्जी पाई गईं। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें ईमेल के डिजिटल ट्रेल को ट्रैक किया गया। तकनीकी जांच के दौरान, पुलिस ने दो मेल खातों का विश्लेषण किया। इन खातों का उपयोग ईमेल भेजने के लिए किया गया था। ईमेल ट्रेल की विस्तृत जांच से जांचकर्ताओं को खातों से जुड़े एक मोबाइल नंबर तक पहुंचने में मदद मिली।

तकनीकी निगरानी का उपयोग करते हुए, पुलिस दल ने 30 जून को संदिग्ध को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के संयोग नगर में खोज निकाला। पुलिस मौके पर पहुंची और उसके निवास पर संदिग्ध निशांत त्यागी की जांच की। पुलिस के अनुसार, त्यागी ने ओपन स्कूलिंग के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी की थी। उसने 2010 में स्नातक डिग्री कार्यक्रम में दाखिला लिया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया।

मानसिक स्वास्थ्य और आगे की जांच
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह कथित तौर पर 2008 से मानसिक बीमारी से पीड़ित है। वह वर्षों से विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में इलाज करा रहा है। उसके परिवार के सदस्यों ने भी पुलिस को उसके लंबे चिकित्सा इतिहास के बारे में बताया। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। ईमेल भेजने के पीछे के मकसद और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है, जिसके परिणाम के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसरो का गतिविधियों का होता है प्रबंधन
इसरो का मुख्यालय होने के कारण इस इलाके की सुरक्षा व्यवस्था काफी चाक चौबंद रहती है। बेंगलुर से इसरो की सभी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष गतिविधियों का प्रबंधन किया जाता है। इसकी स्थापना 15 अगस्त 1969 को हुई थी। मूल इकाई (INCOSPAR) के रूप में यह 1962 में अस्तित्व में आया था और 1972 में इसे अंतरिक्ष विभाग (DOS) के अंतर्गत लाया गया। अंतरिक्ष भवन जो कि इसरो का प्रशासनिक केंद्र है। यह लगभग 4.3 एकड़ (17,400 वर्ग मीटर) के परिसर में फैला हुआ है। इसरो के मुख्यालय को उड़ाने की धमकी देने वाले शख्स की गिरफ्तारी के बाद बेंगलुरु पुलिस उत्तर प्रदेश पुलिस के संपर्क में है। अरेस्ट किए गए शख्स से पूछताछ करने के साथ उसका बैकग्राउंड खंगाला जा रहा है। 

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