irrigation – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Mon, 28 Sep 2026 13:27:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg irrigation – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 17.42 करोड़ रुपये स्वीकृत https://eveningtimescg.com/%e2%82%b917-42-crore-sanctioned-for-irrigation-projects-in-rajnandgaon-and-mohla-manpur-ambagarh-chowki/ Mon, 28 Sep 2026 13:27:00 +0000 https://eveningtimescg.com/%e2%82%b917-42-crore-sanctioned-for-irrigation-projects-in-rajnandgaon-and-mohla-manpur-ambagarh-chowki/ राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 17.42 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर,
छत्तीसगढ़-शासन
जल संसाधन विभाग द्वारा राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के सिंचाई योजनाओं के विभिन्न कार्यों के लिए 17 करोड़ 42 लाख 31 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं।

जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में राजनांदगांव जिले के पार्रीकला एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 94 लाख 06 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। कोपेडीह जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य केलिए 2 करोड़ 55 लाख 31 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने से 71 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। अण्डी जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 35 लाख 01 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने से 81 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसी तरह से पिनकापार जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 3 करोड़ 20 लाख 82 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 145 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के बिरझूटोला जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 37 लाख 11 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं।

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कबीरधाम जिले में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 15.86 करोड़ रुपये स्वीकृत https://eveningtimescg.com/rs-15-86-crore-sanctioned-for-irrigation-projects-in-kabirdham-district/ Thu, 24 Sep 2026 08:29:00 +0000 https://eveningtimescg.com/rs-15-86-crore-sanctioned-for-irrigation-projects-in-kabirdham-district/ कबीरधाम जिले में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 15.86 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर
 छत्तीसगढ़-शासन जल संसाधन विभाग द्वारा कबीरधाम जिले विभिन्न सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 15 करोड़ 86 लाख 8 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं।    जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में कबीरधाम जिले के नरसिंहपुर जलाशय के शीर्ष कार्य एवं नहरों का मरम्मत कार्य के लिए एक करोड़ 71 लाख 47 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 45 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। विकासखण्ड पंडरिया के कामठी जलाशय के नहरों का लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 82 लाख 98 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 112 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। विकासखण्ड पंडरिया की मोहपार जलाशय के शीर्ष कार्य एवं नहरों का जीर्णेाद्धार तथा लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 99 लाख 15 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने से 95 हेक्टेयर क्षेत्र मंे सिंचाई सुविधा मिलेगी।

    इसी तरह से विकासखण्ड सहसपुर लोहारा की दमऊनाला व्यपवर्तन के नहर का लाईनिंग कार्य के लिए 3 करोड़ 76 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 75 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। छिरहा डायवर्सन के गेट उन्नयन एवं नहर लाईनिंग कार्य एवं पक्के संरचनाओं का निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ 31 लाख 72 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 48 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

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जल संरक्षण और सिंचाई विस्तार की उपलब्धि, जीपीएम में सिंचाई क्षमता छह गुना से अधिक बढ़ी https://eveningtimescg.com/achievement-in-water-conservation-and-irrigation-expansion-irrigation-capacity-in-gpm-increases-more-than-sixfold/ Fri, 18 Sep 2026 03:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/achievement-in-water-conservation-and-irrigation-expansion-irrigation-capacity-in-gpm-increases-more-than-sixfold/ जल संरक्षण और सिंचाई विस्तार की उपलब्धि, जीपीएम में सिंचाई क्षमता छह गुना से अधिक बढ़ी

जल संसाधन विभाग की 25 वर्षों की विकास यात्रा ने बदली कृषि की तस्वीर, 4,458 हेक्टेयर से बढ़कर 25,936 हेक्टेयर हुई सिंचाई क्षमता

रायपुर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जल संसाधन विभाग की 25 वर्षों की विकास यात्रा ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में आए महत्वपूर्ण बदलावों को रेखांकित करती है। राज्य निर्माण के बाद जिले में सिंचाई अधोसंरचना के विस्तार से सिंचाई क्षमता 4,458 हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2026 में 25,936 हेक्टेयर हो गई है।

राज्य गठन के समय सीमित थीं सिंचाई सुविधाएं

          राज्य गठन के समय जिले में जल संसाधन अधोसंरचना सीमित थी। 1 नवंबर 2000 से पूर्व जिले में कुल 28 जल संसाधन परियोजनाएं निर्मित थीं। इनमें 17 जलाशय, 4 व्यपवर्तन योजनाएं, 2 स्टॉप डेम और 5 एनीकट शामिल थे। इन परियोजनाओं से मात्र 4,458 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो पाती थी। सिंचाई के सीमित साधनों के कारण कृषि मुख्यतः मानसूनी वर्षा पर निर्भर थी।

25 वर्षों में 57 नई परियोजनाओं का निर्माण

          राज्य गठन के पश्चात जल संसाधन विभाग ने चरणबद्ध तरीके से सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया। पिछले 25 वर्षों में जिले में 57 नई जल संसाधन परियोजनाओं का निर्माण पूर्ण किया गया। पूर्व की 28 परियोजनाओं और नई 57 परियोजनाओं को मिलाकर जिले में कुल 85 जल संसाधन योजनाओं का आधार तैयार हुआ है।

          पुरानी नहरों के जीर्णाेद्धार और विस्तार के साथ दूर-दराज के खेतों तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए गए। कम पानी में अधिक क्षेत्र में सिंचाई के लिए माइक्रो एवं लिफ्ट इरिगेशन को बढ़ावा दिया गया। सोलर पंप और डिजिटल तकनीक के उपयोग से जल वितरण की निगरानी जैसे नवाचार भी किए गए। इसके साथ ही नदियों के संरक्षण, एनीकट निर्माण और भू-जल संवर्धन की दिशा में भी कार्य किया गया।

4,458 से बढ़कर 25,936 हेक्टेयर हुई सिंचाई क्षमता

           जल संसाधन विभाग के प्रयासों का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम जीपीएम की सिंचाई क्षमता में दिखाई देता है। राज्य गठन के समय जहां 4,458 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई संभव थी, वहीं वर्ष 2026 तक यह क्षमता बढ़कर 25,936 हेक्टेयर हो गई है। इस प्रकार 25 वर्षों में सिंचाई क्षमता में 21,476 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि राज्य गठन के समय की तुलना में छह गुना से अधिक है।

सिंचाई के विस्तार से कृषि को मिला नया आधार

           सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि की तस्वीर में बदलाव आया है। खेतों में पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि गतिविधियों को आगे बढ़ाने और बहुफसलीय खेती की दिशा में बढ़ने का अवसर मिला है। सिंचाई का दायरा बढ़ने से कृषि उत्पादन में सुधार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।

          जीपीएम जिले की प्रमुख जल संरचनाओं में ग्राम देवरगांव का मलनिया जलाशय, ग्राम आंदुल का जोगीडोंगरी जलाशय तथा ग्राम बनझोरका का एनीकट शामिल हैं। ये जल संरचनाएं जिले में विकसित जल अधोसंरचना और जल संरक्षण के प्रयासों को प्रदर्शित करती हैं।

जल प्रबंधन में आधुनिक तकनीक और संरक्षण पर जोर

          जीपीएम में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के साथ जल के बेहतर उपयोग और संरक्षण पर भी ध्यान दिया गया है। माइक्रो एवं लिफ्ट इरिगेशन, सोलर पंप तथा डिजिटल तकनीक के उपयोग से जल प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। नदियों के संरक्षण, एनीकट निर्माण और भू-जल संवर्धन जैसे प्रयास जल की उपलब्धता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

          जल संरचनाओं के निर्माण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का सीधा संबंध खेतों में पानी की उपलब्धता, कृषि गतिविधियों के विस्तार और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक संभावनाओं से है। जिले में सिंचाई क्षमता का 4,458 हेक्टेयर से बढ़कर 25,936 हेक्टेयर होना इस दीर्घकालीन प्रयास का महत्वपूर्ण परिणाम है।

          प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन में जल, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती को महत्वपूर्ण आधार माना गया है। इसी व्यापक दृष्टि के अनुरूप जल संसाधनों का बेहतर उपयोग, सिंचाई अधोसंरचना का विस्तार और आधुनिक तकनीक का समावेश ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

         मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का जोर भी प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और किसानों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने पर है। जीपीएम में जल संसाधन विभाग की उपलब्धियां इस दिशा में जिले में हुए अधोसंरचनात्मक विस्तार को दर्शाती हैं।

नई योजनाओं से सिंचाई क्षमता में और विस्तार की उम्मीद

          जिले में वर्तमान में भी कई नई सिंचाई योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनके पूर्ण होने के बाद सिंचाई क्षमता में और विस्तार होगा। इससे कृषि क्षेत्र को अतिरिक्त आधार मिलेगा और जल प्रबंधन की अधोसंरचना और मजबूत होगी।

          जल संसाधन विभाग की 25 वर्षों की यह यात्रा केवल जल संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खेतों तक पहुंचते पानी, बढ़ती कृषि संभावनाओं, ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों की विकास गाथा भी है। गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले की यह उपलब्धि जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार और जनकल्याण को विकास के साथ जोड़ने की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों को रेखांकित करती है।

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छत्तीसगढ़- सात सिंचाई योजनाओं के लिए 30.74 करोड़ रूपए स्वीकृत https://eveningtimescg.com/chhattisgarh-%e2%82%b930-74-crore-approved-for-seven-irrigation-schemes/ Mon, 07 Sep 2026 14:41:00 +0000 https://eveningtimescg.com/chhattisgarh-%e2%82%b930-74-crore-approved-for-seven-irrigation-schemes/ छत्तीसगढ़- सात सिंचाई योजनाओं के लिए 30.74 करोड़ रूपए स्वीकृत

किसानों को मिलेगी बेहतर सिंचाई सुविधा

बलौदाबाजार-भाटापारा और रायपुर जिले के हजारों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को मिलेगा फायदा

रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार के जल संसाधन विभाग ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सात प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए कुल 30 करोड़ 74 लाख 39 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि का उपयोग नहरों के जीर्णाेद्धार, रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग और भूमिगत पाइपलाइन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाएगा।

              जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलेवार स्वीकृत कार्यों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के बलौदा शाखा नहर (वितरक 11 एवं 12)में रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग एवं पक्के निर्माण कार्यों के लिए 4.99 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, इससे 339.05 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। इसी प्रकार सोंढूर परियोजना (बेन्द्री वितरक नहर) के भाटापारा शाखा नहर के बेन्द्री वितरक नहर की रिमॉडलिंग व सीसी लाइनिंग के लिए 4.82 करोड़ मंजूर। इससे 355 हेक्टेयर क्षेत्र को पानी मिलेगा। 

            रायपुर जिला (धरसींवा विकासखंड) के भाटापारा शाखा नहर कार्य में महानदी परियोजना अंतर्गत विभिन्न सुधार कार्यों हेतु 4.20 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 14) के आर.डी. 2700 मीटर से 3500 मीटर तक नहर को ह्यूम पाइप के माध्यम से भूमिगत करने के लिए 4.90 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। मांढ़र ब्रांच केनाल सर्विस रोडरू आर.डी. 31600 मीटर से 32900 मीटर तक डामर रोड निर्माण के लिए 1.90 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 8 व माइनर 1) में भूमिगत पाइपलाइन तथा कंक्रीट व मुरमीकरण रोड निर्माण के लिए 4.92 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 11।, 13, 14 व माइनर्स) महानदी परियोजना समूह के अंतर्गत जीर्णाेद्धार कार्यों के लिए 4.97 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।

           जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत इन विकास कार्यों से क्षेत्र में जल प्रबंधन बेहतर होगा और अंतिम छोर (टेल एरिया) तक किसानों के खेतों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।

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MP के 14 जिलों को बड़ी सौगात, केन-मंदाकिनी लिंक प्रोजेक्ट से 6 लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा बढ़ेगा https://eveningtimescg.com/major-boost-for-14-mp-districts-ken-mandakini-link-project-to-increase-irrigation-area-by-6-lakh-hectares/ Sun, 28 Jun 2026 03:35:00 +0000 https://eveningtimescg.com/major-boost-for-14-mp-districts-ken-mandakini-link-project-to-increase-irrigation-area-by-6-lakh-hectares/ भोपाल
 मध्य प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में बताया कि प्रदेश के 14 जिलों की सिंचाई परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है और अगले छह माह में इनके लोकार्पण के साथ लगभग 6 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचाई के दायरे में आएगी।

वहीं, केन-मंदाकिनी लिंक परियोजना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है और स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन भी जल्द किया जाएगा।इससे 93 हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का विकास होगा। वहीं, नर्मदा को सोन नदी से जोड़ने वाली स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन भी शीघ्र किया जाएगा।

14 जिलों की सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को इसकी तैयारी के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खंडवा, खरगोन, आलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मंडला जिलों की सिंचाई परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है। अब इनका लोकार्पण होना है।

अंतरराज्यीय नदी जोड़ो परियोजना पर फोकस
केन-मंदाकिनी लिंक अंतरराज्यीय सिंचाई परियोजना से 93 हजार 310 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के साथ 15.8 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा सकेगा। 20 किलोमीटर लंबी टनल भी बनाई जाएगी। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र के दस जिलों में 8.11 लाख हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई के साथ 130 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन होगा।

परियोजना में भू-अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के लिए विशेष पैकेज के तहत अवार्ड पारित कर 90 प्रतिशत भुगतान किया चुका है। बीना कॉम्प्लेक्स बहुउद्देश्य परियोजना में चकरपुर एवं मड़िया बांध का काम पूरा हो गया है।

संशोधित पार्वती काली सिंध चंबल अंतरराज्यीय नदी जोड़ो परियोजना में 13 जिलों के 6.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। वर्ष 2022 में क्षतिग्रस्त हुए कारम बांध के पुनर्निर्माण के काम पूरा हो गया है।

सिंहस्थ को लेकर तैयारी
सिंहस्थ की दृष्टि से महत्वपूर्ण सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82 प्रतिशत काम हो चुका है। कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना में 66 प्रतिशत काम प्रगति पर है। शिप्रा तट पर 29 किलोमीटर लंबाई में बनाए जा रहे घाटों का निर्माण कार्य भी 60 प्रतिशत पूरा हो गया है।

जल्द होगा स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन
बरगी नहर से ढाई लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी बैठक में मुख्यमंत्री ने नर्मदा को सोन नदी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण स्लीमनाबाद टनल के उद्घाटन की तैयारी के निर्देश दिए।

बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत जबलपुर स्थित बरगी बांध से निकलने वाली यह ट्रांस-वैली केनाल प्रदेश की सबसे ज्यादा 227 क्यूमेक डिस्चार्ज करयिंग कैपेसिटी वाली नहर के माध्यम से जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और पन्ना के लगभग डेढ़ हजार गांव की करीब ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करेगी। टनल का काम डेढ़ दशक से चल रहा था, जो लगभग पूर्ण हो चुका है।

 

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