Iran War – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Tue, 29 Sep 2026 08:20:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Iran War – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 ईरान से जंग पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- अमेरिका जल्द जीतेगा युद्ध https://eveningtimescg.com/trump-makes-a-bold-claim-on-the-iran-war-saying-america-will-win-it-soon/ Tue, 29 Sep 2026 08:20:00 +0000 https://eveningtimescg.com/trump-makes-a-bold-claim-on-the-iran-war-saying-america-will-win-it-soon/ वाशिंगटन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध को लेकर एक फिर हुंकार बनी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बहुत जल्द ही ईरान के खिलाफ युद्ध जीतने वाले हैं। बता दें कि पिछले काफी दिनों से दोनों देशों के बीच मामला गर्म चल रहा है। जहां ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। वहीं, ईरान ने भी कहा है कि वह अमेरिका पर दोबारा हमले करेगा और उसे बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि ईरान के साथ टकराव जल्द ही खत्म हो जाएगा। लेकिन उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। ट्रंप ने रविवार को पीजीए टूर प्रेसिडेंट्स कप के दौरान फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि हम यह युद्ध बहुत जल्द जीत लेंगे। उन्होंने कहा कि टकराव खत्म होने के बाद दुनियाभर में तेल की कीमतें काफी गिर सकती हैं।

उनसे जब पूछा गया कि क्या अमेरिका मध्यावधि चुनावों से पहले और हमले कर सकता है, तो ट्रंप ने इस संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि मेरा मतलब है, ऐसा हो सकता है लेकिन मैं अभी ऐसा कहना नहीं चाहता। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई और आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए ईरान पर दबाव बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को पहले ही काफी सैन्य सफलताएं मिल चुकी हैं और ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है।

ट्रंप ने कहा कि ईरान में महंगाई बहुत अधिक बढ़ गई है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यह 318 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ये दावे ट्रंप ने किए थे और उनके बयानों में इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई थी। गौरतलब है कि ये टिप्पणियां ट्रंप द्वारा होर्मुज को फिर से खोलने और टकराव खत्म करने के ईरान के प्रस्ताव को खारिज करने के एक दिन बाद आईं। ट्रंप ने रविवार को एक्सिओस के साथ एक अलग बातचीत में कहा कि अमेरिकी वार्ताकार इस सप्ताह ईरानी प्रतिनिधियों के साथ और बातचीत कर सकते हैं।

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ईरान जंग का असर, UAE की चमक फीकी; करोड़ों कमाने वाली इंडस्ट्री का पलायन शुरू https://eveningtimescg.com/impact-of-the-iran-conflict-uaes-luster-fades-multi-million-dollar-industry-begins-exodus/ Fri, 22 May 2026 04:52:00 +0000 https://eveningtimescg.com/impact-of-the-iran-conflict-uaes-luster-fades-multi-million-dollar-industry-begins-exodus/ दुबई

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने सिर्फ तेल बाजार या मिडिल ईस्ट की राजनीति को ही नहीं हिलाया, बल्कि दुबई जैसे ग्लोबल बिजनेस हब की बुनियाद तक को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. जिस UAE को पिछले कुछ सालों में दुनिया का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल सेंटर माना जाने लगा था, वहां अब शिपिंग सेक्टर से जुड़े कई विदेशी प्रोफेशनल्स दूसरे देशों में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं। 

मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के मुताबिक, दुबई में काम कर रहे कई वेस्टर्न एक्सपैट्स अब ग्रीस की राजधानी एथेंस और साइप्रस जैसे देशों को विकल्प के तौर पर देख रहे हैं. इसकी वजह यही है कि होर्मुज स्ट्रेट में खतरा, जहाजों की आवाजाही में रुकावट और युद्ध के लंबे खिंचने का डर बना हुआ है। 

दरअसल, फरवरी में ईरान जंग शुरू होने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट लगभग जाम जैसी स्थिति में पहुंच गया है. अमेरिका और ईरान दोनों अपनी-अपनी तरह से समुद्री नियंत्रण लागू कर रहे हैं, जिसकी वजह से करीब 2000 जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंस गए. हालांकि इससे ग्लोबल शिपिंग रेट्स में भारी उछाल आया है और कई टैंकर कंपनियां रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं, लेकिन UAE की अर्थव्यवस्था पर इसका उल्टा असर पड़ रहा है। 

जेबेल अली पोर्ट पर कारोबार की रफ्तार धीमी
दुबई का जेबेल अली पोर्ट दुनिया के सबसे बड़े ट्रांसशिपमेंट हब्स में गिना जाता है, जहां एक जहाज से सामान दूसरे जहाज में ट्रांसफर होकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जाता है. लेकिन युद्ध और ब्लॉकेड के कारण यहां कारोबार की रफ्तार धीमी पड़ गई है. पूरे खाड़ी में ये पोर्ट 60% से भी ज्यादा के कार्गो को मैनेज करता है। 

UAE का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट यानी तेल भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, क्योंकि होर्मुज पर ईरान की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, एक शिप ओनर ने कहा कि समस्या सिर्फ बिजनेस की नहीं है, बल्कि भरोसे की भी है. उनका कहना था, "अगर युद्ध बढ़ता है तो क्या दुबई से परिवार को सुरक्षित तरीके से लंदन या पेरिस भेज पाना आसान होगा? यही चिंता लोगों को परेशान कर रही है। 

दुबई के रियल एस्टेट सेक्टर पर भी जंग की मार
युद्ध का असर अब दुबई के रियल एस्टेट सेक्टर पर भी दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले महीनों में दुबई की हजारों प्रॉपर्टी एजेंसियां बंद हो सकती हैं. कई छोटी कंपनियां, जो तेजी से बढ़ते प्रॉपर्टी मार्केट और सट्टेबाजी वाले निवेश पर निर्भर थीं, अब टिक नहीं पा रही हैं। 

कोविड के बाद दुबई ने दुनिया भर के निवेशकों, क्रिप्टो कारोबारियों और अमीर प्रोफेशनल्स को आकर्षित किया था. टैक्स में छूट, आसान नियम और तेज ग्रोथ ने इसे ग्लोबल फाइनेंस हब बना दिया था. लेकिन अब ईरान जंग ने पहली बार इस मॉडल की कमजोरी को उजागर कर दिया है। 

हालांकि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि UAE के पास अभी भी मजबूत आर्थिक संसाधन हैं और दुबई पूरी तरह कमजोर नहीं होगा, लेकिन यह साफ हो गया है कि होर्मुज संकट और क्षेत्रीय युद्ध ने खाड़ी की सबसे चमकदार अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। 

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