Instead of spending – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Tue, 29 Sep 2026 15:00:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Instead of spending – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 ₹2.75 करोड़ बैनर और आयोजनों पर खर्च करने के बजाय कॉलेजों की हालत सुधारने में लगाए सरकार साथ ही छात्रों को प्रमाण पत्र की नहीं बल्कि संस्थान से बहार निकलने के बाद रोजगार की जरूरत है. https://eveningtimescg.com/instead-of-spending-%e2%82%b92-75-crore-on-banners-and-events-the-government-should-invest-the-funds-in-improving-the-condition-of-colleges-furthermore-what-students-need-is-employment-after-leavin/ Tue, 29 Sep 2026 15:00:00 +0000 https://eveningtimescg.com/instead-of-spending-%e2%82%b92-75-crore-on-banners-and-events-the-government-should-invest-the-funds-in-improving-the-condition-of-colleges-furthermore-what-students-need-is-employment-after-leavin/ इटारसी

कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता रमेश के. साहू ने प्रदेश के 55 शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों को सेवा संकल्प अभियान के लिए ₹5-₹5 लाख दिए जाने पर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “प्रदेश के कॉलेज बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और सरकार को एक महीने के अभियान, बैनर, पोस्टर तथा पार्टी के औपचारिक आयोजनों की चिंता है।”

उन्होंने कहा कि ये राशि  ₹2 करोड़ 75 लाख  वास्तविक शिक्षा व्यवस्था पर खर्च किए जाएं तो कॉलेजों की प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण, पुस्तकालयों में उपयोगी पुस्तकें, विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, परिसर की सुरक्षा तथा जरूरी मरम्मत जैसे अनेक काम हो सकते हैं।

रमेश साहू ने कहा कि तकनीकी शिक्षा केवल भाषण, पोस्टर और फोटो खिंचवाने से मजबूत नहीं होगी। इसके लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं, योग्य शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति, नियमित प्रायोगिक प्रशिक्षण और विद्यार्थियों को रोजगार से जोड़ने वाली मजबूत प्लेसमेंट व्यवस्था आवश्यक है।
एडवोकेट साहू ने तंज कसते हुए कहा, विद्यार्थियों को रोजगार चाहिए, प्रचार के प्रमाणपत्र नहीं।”
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव रमेश के साहू एडवोकेट  ने कहा की सेवा संकल्प की राशि भाजपा नेताओं की लॉन्चिंग और ब्रांडिंग पर खर्च हो रही है वे हैरान है कि कार्यक्रम के अतिथियों की सूची पूर्व निर्धारित कर जारी की गई जिसमें पालकों और जन भागीदारी का कोई स्थान नहीं है।

अधिवक्ता साहू ने मांग की कि सरकार प्रचार की बजाय कॉलेजों की स्थायी शैक्षणिक सुविधाओं और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर खर्च किया जाए।

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