Inauguration – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sat, 03 Oct 2026 16:25:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Inauguration – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 धमतरी के धुमा में जिले के पहले मॉडल बालिका शौचालय का लोकार्पण https://eveningtimescg.com/inauguration-of-the-districts-first-model-girls-toilet-in-dhuma-dhamtari/ Sat, 03 Oct 2026 16:25:00 +0000 https://eveningtimescg.com/inauguration-of-the-districts-first-model-girls-toilet-in-dhuma-dhamtari/ ​रायपुर    

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अधोसंरचना के विकास के साथ-साथ बालिका शिक्षा, स्वच्छता और उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखते हुए धमतरी जिले में एक मिसाल कायम की गई है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कुरुद विकासखंड की ग्राम पंचायत धुमा स्थित प्राथमिक शाला में जिले के प्रथम सर्वसुविधायुक्त बालिका शौचालय का निर्माण कर इसका लोकार्पण 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरपंच द्वारा संपन्न इस लोकार्पण ने ग्रामीण अंचल में बेटियों के सम्मान, निजता और गरिमा को संवर्धित करने का एक सशक्त संदेश दिया है।        

​नव-निर्मित बालिका शौचालय परिसर को विशेष रूप से आकर्षक गुलाबी रंग से सजाया गया है, जिसकी मुख्य दीवार पर 'मेरी बेटी—मेरा स्वाभिमान' का संदेश उकेरा गया है। लोकार्पण समारोह के दौरान जब स्कूल की नन्हीं बालिकाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर इस संदेश को एक पंक्ति में प्रदर्शित किया, तो संपूर्ण वातावरण भावुक और प्रेरणादायी बन उठा। 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन ग्रामीण' (वीबी-जी रामजी योजना) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वीकृत 4.30 लाख रुपए की राशि से निर्मित यह परिसर केवल एक भवन नहीं, बल्कि बेटियों के लिए एक सुरक्षित और सहज माहौल तैयार करने का ठोस प्रयास है।

​लगभग 4.50 मीटर × 3.60 मीटर के दायरे में विकसित इस आधुनिक शौचालय में बालिकाओं की हर व्यावहारिक और सूक्ष्म आवश्यकता का ध्यान रखा गया है। परिसर में अलग शौचालय कक्ष, पर्याप्त वेंटिलेशन और प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ रनिंग वॉटर, वॉश एरिया, सेनेटरी नैपकिन डिस्पोजल और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए रैम्प की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्राथमिक स्तर पर ही ऐसी मूलभूत और स्वच्छ सुविधाओं की उपलब्धता से न केवल बालिकाओं में स्वच्छता की आदतों का विकास होगा, बल्कि स्कूल में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और ड्रॉप-आउट दर को रोकने में भी यह मील का पत्थर साबित होगा।      

​इस पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि धुमा पंचायत में निर्मित यह बालिका शौचालय जिले के लिए एक मॉडल है।बच्चों का स्वास्थ्य, निजता और स्वच्छता सीधे उनके आत्मसम्मान से जुड़ी होती है, और प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी कि आवश्यकतानुसार जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में भी ऐसे मानव-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाए। धुमा पंचायत का यह संवेदनशीलता से भरा प्रयास पूरे राज्य के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करता है कि किस प्रकार सीमित संसाधनों में भी बच्चों की वास्तविक आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

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