helicopters landing – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Wed, 30 Sep 2026 14:02:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg helicopters landing – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 भारत-पाक सीमा के पास हाईवे बना मिलिट्री रनवे, सेना के हेलीकॉप्टरों ने की लैंडिंग https://eveningtimescg.com/a-highway-near-the-india-pakistan-border-has-been-converted-into-a-military-runway-with-army-helicopters-landing/ Wed, 30 Sep 2026 14:02:00 +0000 https://eveningtimescg.com/a-highway-near-the-india-pakistan-border-has-been-converted-into-a-military-runway-with-army-helicopters-landing/ बीकानेर
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी भूभाग में मंगलवार को एक अनूठा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नजारा देखने को मिला। बीकानेर जिले के दंतौर क्षेत्र में आम दिनों की तरह दौड़ने वाला नेशनल हाइवे-911 कुछ समय के लिए पूरी तरह से एक अस्थायी मिलिट्री रनवे में तब्दील हो गया। भारतीय सेना की एविएशन इकाइयों ने इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष हाईवे लैंडिंग अभ्यास को अंजाम दिया। इस दौरान देश के आधुनिक सैन्य बेड़े में शामिल रुद्र, ध्रुव और चेतक हेलीकॉप्टरों ने निर्धारित हाईवे स्ट्रेच पर न केवल सफलतापूर्वक लैंडिंग की, बल्कि सटीक टेकऑफ प्रक्रिया भी पूरी की। सीमावर्ती रेगिस्तान में इस तरह का प्रशिक्षण भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारियों और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का एक बड़ा प्रमाण माना जा रहा है।

रेगिस्तानी वातावरण और सामरिक चुनौतियों के बीच अभ्यास
दंतौर का यह क्षेत्र भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के काफी करीब स्थित है। पश्चिमी राजस्थान के इस रेगिस्तानी इलाके में लंबी दूरियां, गर्म और शुष्क मौसम, धूलभरी आंधियां और तेज हवाएं सैन्य अभियानों के सामने हमेशा से एक अलग तरह की चुनौतियां पेश करती रही हैं।

ऐसे कठिन भौगोलिक वातावरण में सैन्य एविएशन इकाइयों के लिए पारंपरिक एयरबेस या हेलीपैड के अलावा वैकल्पिक लैंडिंग क्षेत्रों की पहचान करना और उनका सुरक्षित उपयोग करना बेहद जरूरी होता है। इसी सामरिक जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह अभ्यास किया गया, ताकि युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों में पारंपरिक रनवे उपलब्ध न होने की स्थिति में इन वैकल्पिक स्थानों से भी सुरक्षित संचालन किया जा सके।

अभ्यास की मुख्य विशेषताएं और तकनीकी प्रक्रिया
सड़क पर हेलीकॉप्टर उतारना केवल पायलट की व्यक्तिगत दक्षता का मामला नहीं होता, बल्कि इसके लिए बेहद सटीक योजना और तकनीकी समन्वय की आवश्यकता होती है। इस अभ्यास के दौरान निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया।

सतह और दृश्यता का आकलन: लैंडिंग से पहले एयरक्रू द्वारा हाईवे की सतह, आसपास के दायरे, हवा की गति और दृश्यता का बारीकी से मूल्यांकन किया गया।

सटीक समन्वय: सुरक्षित लैंडिंग से लेकर दोबारा उड़ान भरने तक हवा में मौजूद एयरक्रू और जमीन पर तैनात ग्राउंड क्रू के बीच तालमेल बिठाया गया।

विविध प्लेटफार्मों की भूमिका: अभ्यास में शामिल रुद्र, ध्रुव और चेतक हेलीकॉप्टरों ने अलग-अलग सैन्य भूमिकाओं—जैसे सैनिकों की आवाजाही, लॉजिस्टिक सहायता और निगरानी—के तहत अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया।

ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी और सैन्य गतिशीलता
आधुनिक सैन्य अभियानों में किसी एक स्थायी बुनियादी सुविधा पर निर्भरता को कम करना और परिस्थितियों के अनुसार तुरंत वैकल्पिक विकल्पों का इस्तेमाल करना सबसे अहम माना जाता है। हेलीकॉप्टरों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि वे बेहद सीमित स्थानों से भी सुगमता से संचालित हो सकते हैं।

हाईवे लैंडिंग जैसे प्रशिक्षण एयरक्रू को गैर-पारंपरिक और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने का अमूल्य अनुभव प्रदान करते हैं। बीकानेर के इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस सैन्य अभ्यास ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देश की रक्षा और त्वरित कार्रवाई के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

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