hanuman – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Wed, 09 Sep 2026 09:21:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg hanuman – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 JCB-क्रेन भी नहीं हिला पाई ‘डॉक्टर हनुमान’, करीब 1000 साल पुरानी प्रतिमा हटाने पहुंचे IIT एक्सपर्ट्स https://eveningtimescg.com/even-jcbs-and-cranes-failed-to-budge-doctor-hanuman-iit-experts-arrive-to-relocate-the-nearly-1000-year-old-idol/ Wed, 09 Sep 2026 09:21:00 +0000 https://eveningtimescg.com/even-jcbs-and-cranes-failed-to-budge-doctor-hanuman-iit-experts-arrive-to-relocate-the-nearly-1000-year-old-idol/ उज्जैन 
उज्जैन में सड़क चौड़ी करने के लिए मंदिर का ढांचा तोड़ दिया गया। जेसीबी और क्रेन से खड़े हनुमान की प्रतिमा हटाने की कोशिश हुई, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से हिली तक नहीं। करीब 10 दिन की कोशिश के बाद प्रशासन ने एक्सपर्ट्स की मदद लेने का फैसला किया है।

अब IIT इंदौर की टीम को बुलाया गया है। टीम ने स्पेशल इक्विपमेंट से प्रतिमा की गहराई और आसपास की जमीन की जांच की। पुरातत्व एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि प्रतिमा करीब 1000 साल पुरानी हो सकती है। IIT की रिपोर्ट के बाद तय होगा कि इसे सुरक्षित तरीके से हटाया जा सकता है या नहीं।

वहीं, भक्तों के लिए यह सिर्फ प्रतिमा हटाने का मामला नहीं है। खड़े हनुमान को लोग ‘डॉक्टर हनुमान’ और मंदिर को ‘उज्जैन का एम्स’ कहते हैं। मान्यता है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। इसलिए प्रतिमा के नहीं हिलने को भक्त भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं।

सड़क चौड़ीकरण में मंदिर आड़े आया था
कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सड़क की चौड़ाई करीब 15 मीटर की जा रही है। इसी दायरे में खड़े हनुमान का मंदिर आ रहा था। कार्रवाई के दौरान मंदिर का ढांचा हटा दिया गया, लेकिन प्रतिमा को विस्थापित करने में परेशानी हुई।

प्रतिमा हटाने के लिए निगम की टीम कटर लेकर भी पहुंची थी। भक्तों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि ज्यादा बल लगाने या कटर चलाने से प्रतिमा को नुकसान हो सकता है। दो दिन पहले मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी। भक्तों ने निगम कमिश्नर को ज्ञापन देकर विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग की थी।

प्रतिमा के नीचे क्या है, IIT पता लगाएगी
आईआईटी इंदौर की टीम ने मंगलवार को करीब दो घंटे तक जांच की। विशेष उपकरणों से प्रतिमा की जमीन में गहराई और आसपास की संरचना की जानकारी जुटाई गई है। टीम अब अपनी रिपोर्ट देगी।

नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के मुताबिक मंदिर के पंडित के आग्रह पर आईआईटी की टीम को बुलाया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया और तारीख तय होगी। प्रशासन यह देख रहा है कि प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाना संभव है या नहीं।

पुरातत्व विशेषज्ञ बोले- 1000 साल पुरानी हो सकती है प्रतिमा

विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रमण सोलंकी के मुताबिक प्रतिमा करीब 1000 वर्ष पुरानी हो सकती है। उनके अनुसार पुराने समय में बड़ी प्रतिमाओं को इंटरलॉक तकनीक से स्थापित किया जाता था। खड़े हनुमान की प्रतिमा भी इसी तकनीक से स्थापित किए जाने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि प्रतिमा मालवा क्षेत्र में मिलने वाले मजबूत बेसाल्ट पत्थर की है। परमार वंश और राजा भोज के समय इस तरह के पत्थरों पर कलाकृतियां बनाने की परंपरा रही है। लंबे समय से सिंदूर चढ़ाए जाने के कारण प्रतिमा की मूल बनावट और भाव-भंगिमा साफ दिखाई नहीं देती।

भक्त इसे चमत्कार मान रहे
प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बाद इसके नहीं हिलने की चर्चा सोशल मीडिया तक पहुंच गई। स्थानीय लोग, पुजारी और हिंदू संगठन इसे भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं। इसे लेकर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और प्रतिमा हटाने का विरोध हुआ।

भक्तों के लिए यह सिर्फ मंदिर या प्रतिमा हटाने का मामला नहीं है। यहां खड़े हनुमान को ‘डॉक्टर हनुमान’ कहा जाता है, जबकि मंदिर को कई लोग ‘उज्जैन का एम्स’ कहते हैं। मान्यता है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं।

बच्चों के इलाज की मान्यता से पड़ा ‘डॉक्टर हनुमान’ नाम
पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक मंदिर में वर्षों से छोटे बच्चों को झाड़नी दी जाती है और ताबीज बांधे जाते हैं। उनका दावा है कि इससे कई बच्चों को फायदा मिला है।

उन्होंने एक बच्चे का उदाहरण देते हुए बताया कि उसका लीवर ट्रांसप्लांट होना था। परिवार एयर एंबुलेंस से बच्चे को दिल्ली ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हर बार उसकी तबीयत बिगड़ जाती थी। परिवार मंदिर आया और बच्चे को भगवान का ताबीज बांधा गया। इसके बाद उसे एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया और उसका लीवर ट्रांसप्लांट हुआ।

मुस्लिम परिवार भी मन्नत मांगने आते हैं
भक्त शिवेंद्र तिवारी के मुताबिक मंदिर में मुस्लिम समाज के परिवार भी मन्नत लेकर पहुंचते हैं। जिन परिवारों में संतान नहीं होती या जो किसी बीमारी से परेशान होते हैं, वे यहां मन्नत मांगते हैं। उनका कहना है कि वर्षों से लोग अपनी समस्याएं लेकर मंदिर आते रहे हैं और अब प्रतिमा को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है।

मंदिर के ऊपर लगाया गया टेंट
मंदिर का ढांचा हटाए जाने के बाद प्रतिमा की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने उसके ऊपर केनोपी यानी टेंट लगा दिया है। भक्त इसे अयोध्या के राम मंदिर से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि जिस तरह भगवान राम को एक समय टेंट में रहना पड़ा था, उसी तरह अब खड़े हनुमान भी टेंट के नीचे विराजित हैं।

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रात में हनुमान जी की पूजा क्यों मानी जाती है सबसे फलदायी? जानिए धार्मिक मान्यता https://eveningtimescg.com/why-is-worshipping-lord-hanuman-at-night-considered-the-most-rewarding-learn-about-the-religious-belief/ Tue, 23 Jun 2026 11:35:00 +0000 https://eveningtimescg.com/why-is-worshipping-lord-hanuman-at-night-considered-the-most-rewarding-learn-about-the-religious-belief/ हनुमान जी को कलयुग का जागृत देवता माना जाता है. मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ उनकी आराधना करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और साहस, शक्ति व आत्मविश्वास का वरदान मिलता है. ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, यदि पूजा पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ की जाए तो उसका प्रभाव और भी अधिक होता है. ज्येष्ठ माह के आखिरी बड़े मंगल के अवसर पर जानते हैं कि आखिर संध्या या रात्रि के समय हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी क्यों मानी जाती है.

रात में क्यों की जाती है हनुमान जी की पूजा?
आमतौर पर मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व बताया जाता है. लेकिन शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, यदि संभव हो तो संध्या या रात्रि के समय उनकी उपासना करना अधिक फलदायी माना गया है. मान्यता है कि संध्या काल में भगवान शिव समस्त सृष्टि का भ्रमण करते हैं. चूंकि हनुमान जी को भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है, इसलिए इस समय उनकी पूजा का महत्व और बढ़ जाता है.

ऐसी भी मान्यता है कि दिनभर हनुमान जी प्रभु श्रीराम की सेवा में लगे रहते हैं. इसलिए संध्या और रात्रि का समय उनकी आराधना के लिए विशेष माना गया है. इस समय हनुमान चालीसा का पाठ करना भी अधिक प्रभावशाली बताया गया है.

हनुमान जी की पूजा कैसे करें?
हनुमान जी की पूजा करने से पहले तन और मन की शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. पूजा के समय लाल रंग का आसन बिछाकर बैठना शुभ माना गया है. साधक को अपने विचार, वाणी और व्यवहार में संयम रखना चाहिए और यथासंभव सात्विक जीवनशैली अपनानी चाहिए.

पूजा स्थल पर भगवान श्रीराम और हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. सबसे पहले भगवान श्रीराम का पूजन करें, क्योंकि हनुमान जी स्वयं प्रभु श्रीराम के परम भक्त हैं. इसके बाद घी का दीपक जलाकर फल, पुष्प और मिष्ठान अर्पित करें. हनुमान चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती के बाद अपनी मनोकामना व्यक्त करें.

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