Gopal Gupta – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Mon, 28 Sep 2026 12:30:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Gopal Gupta – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 निवेशकों के बीच भरोसे से बना उत्तर प्रदेश का क्रेडिट: नंदी https://eveningtimescg.com/uttar-pradesh-has-built-credibility-among-investors-nandi/ Mon, 28 Sep 2026 12:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/uttar-pradesh-has-built-credibility-among-investors-nandi/ निवेशकों के बीच भरोसे से बना उत्तर प्रदेश का क्रेडिट: नंदी

मंत्री गुप्ता- प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में बदली प्रदेश की औद्योगिक पहचान

अब निवेशकों के उद्योग लगने तक होगी हैंडहोल्डिंग- मंत्री नंद गोपाल गुप्ता

ग्रेटर नोएडा
 उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि प्रदेश ने निवेशकों के बीच अपना क्रेडिट और भरोसा संवाद, सुविधा और निरंतर सहयोग के माध्यम से बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ऐसा औद्योगिक वातावरण विकसित किया जा रहा है, जहां निवेशकों को केवल निवेश के लिए आमंत्रित करने तक सीमित न रहकर उद्योग स्थापित होने तक आवश्यक सहयोग और हैंडहोल्डिंग उपलब्ध कराई जा रही है।

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे दिन उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के ‘फ्रॉम योर फैक्ट्री टू द फ्रंट लाइन’ नॉलेज सेशन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों और प्रमुख शहरों में किए गए रोड शो तथा निवेशकों के साथ लगातार संवाद का परिणाम है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश के प्रति भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में विभिन्न देशों की भागीदारी भी इसी बढ़ते संवाद और विश्वास को दर्शाती है।

मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने बताया कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़ और आगरा में अब तक लगभग 40,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं तथा करीब 1,142 हेक्टेयर भूमि विभिन्न उद्योगों को आवंटित की जा चुकी है। 

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें निवेशक को फाइल लेकर एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। निवेशक के प्रदेश में आने के बाद उसकी जरूरतों को समझकर संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ समन्वय कर समाधान उपलब्ध कराया जाए।

‘निवेशक आए तो उद्योग लगने तक साथ खड़ी रहे सरकार’

नंदी ने कहा कि निवेशक के लिए केवल जमीन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। उसे नीति, कनेक्टिविटी, आधारभूत ढांचे, टेस्टिंग, तकनीकी सुविधाओं और अन्य आवश्यक अनुमतियों के संबंध में भी सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से निवेशक सुविधा को कार्यालय की कार्यप्रणाली और व्यवहार से जोड़ने पर जोर दिया।

रक्षा सप्लाई चेन में एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए अवसर

उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र का मतलब केवल टैंक, मिसाइल या विमान बनाना नहीं है। प्रिसीजन कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, सेंसर, बैटरी, विशेष केबल, सॉफ्टवेयर, तकनीकी टेक्सटाइल, एडवांस मटेरियल, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स सहित पूरी सप्लाई चेन में उद्योगों के लिए अवसर हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़ और आगरा नोड में रक्षा विनिर्माण का इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसका लाभ बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई, स्टार्टअप, कंपोनेंट निर्माता और टेक्नोलॉजी कंपनियां भी उठा सकती हैं।

कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था और भरोसा निवेश की बुनियाद

मंत्री ने कहा कि निवेश के लिए तीन चीजें महत्वपूर्ण हैं- कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था और भरोसा। बेहतर एक्सप्रेसवे एवं परिवहन नेटवर्क, एयर कनेक्टिविटी और औद्योगिक आधारभूत ढांचे से प्रदेश में कारोबार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास कारोबारी प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने और अनावश्यक कानूनी जटिलताओं को कम करने का है। उद्योग और सरकार के बीच संबंध सहयोग और साझेदारी पर आधारित होने चाहिए। नंदी ने निवेशकों से उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और यूपीडा से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती जरूरतों के साथ प्रदेश के उद्योगों के लिए नई संभावनाएं बन रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों के साथ कदम-दर-कदम खड़ी है और उनका निवेश सुरक्षित वातावरण में उत्पादन, रोजगार और तकनीकी क्षमता के विस्तार से जुड़ सके, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

बॉक्स 

रक्षा क्षेत्र की मांग सुनिश्चित, सप्लाई चेन में हर उद्योग के लिए अवसर: कर्नल संजय सिंह

यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के सीजीएम रिटायर्ड कर्नल संजय सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में अवसर केवल टैंक, मिसाइल और विमान बनाने वाली बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रिसीजन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर, बैटरी, स्पेशल केबल, सॉफ्टवेयर, एडवांस मटेरियल, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग रक्षा सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र की मांग सामान्य बाजार की तरह अनुमान आधारित नहीं, बल्कि सशस्त्र बलों की निर्धारित आवश्यकताओं पर आधारित है, इसलिए स्वदेशी निर्माण के लिए बाजार की स्पष्ट संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने उद्योगों से अपनी मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का आकलन कर यह पहचानने का आह्वान किया कि वे रक्षा क्षेत्र की किस आवश्यकता को पूरा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में भूमि, टेस्टिंग सुविधाओं, आरएंडडी और निवेशक सुविधा के साथ ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसमें बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई और स्टार्टअप भी रक्षा आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ सकें।

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