GCC – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sat, 22 Aug 2026 05:10:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg GCC – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के संकल्प के साथ बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई में निवेश प्रोत्साहन आउटरीच कार्यक्रम https://eveningtimescg.com/investment-promotion-outreach-programs-held-in-bengaluru-hyderabad-and-mumbai-with-the-resolve-to-build-a-developed-madhya-pradesh/ Sat, 22 Aug 2026 05:10:00 +0000 https://eveningtimescg.com/investment-promotion-outreach-programs-held-in-bengaluru-hyderabad-and-mumbai-with-the-resolve-to-build-a-developed-madhya-pradesh/ भोपाल

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 19 से 21 अगस्त तक बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई में तीन दिवसीय निवेश प्रोत्साहन आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), स्पेस-टेक, एवीजीसी-एक्सआर और ड्रोन विनिर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों एवं विशेषज्ञों के साथ निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

बेंगलुरु में जीसीसी और स्पेस-टेक पर मंथन

अभियान के पहले दिन 19 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल ने जीसीसी परामर्श संस्था ANSR के केंद्र का भ्रमण किया। इस दौरान ‘90 दिनों में जीसीसी’ मॉडल का अध्ययन किया गया। मॉडल में इकाई की स्थापना, लीज, वैधानिक पंजीकरण, जीएसटी और प्रतिभाओं की भर्ती जैसी प्रक्रियाओं को समानांतर रूप से पूरा किया जाता है। ANSR ने इंदौर में नई सुविधा स्थापित करने में रुचि व्यक्त की है। प्रस्तावित इकाई की शुरुआत किराए के परिसर से करने की योजना है।

‘टियर-2 मध्यप्रदेश में जीसीसी पारिस्थितिकी तंत्र का उद्भव’ विषय पर आयोजित राउंडटेबल में इंदौर और भोपाल की प्रतिभा एवं शैक्षणिक क्षमता को जीसीसी विस्तार के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। विशेषज्ञों ने मध्यप्रदेश को बेंगलुरु के ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के तहत पूरक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। क्वेस कॉर्प और कारगिल सहित उद्योग प्रतिनिधियों ने फिनिशिंग स्कूल, उद्योग संगठनों के साथ सहयोग, त्वरित शासकीय स्वीकृतियों, जीसीसी नीति, वित्तीय प्रोत्साहन और एआई आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने के सुझाव दिए।

इसी अवसर पर एवीजीसी क्षेत्र में इंदौर और भोपाल की प्रतिभाओं की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। जापानी एनिमेशन स्टूडियोज की बढ़ती रुचि को देखते हुए राज्य में एवीजीसी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया।स्पेस-टेक विजन फोरम में प्रस्तावित स्पेस-टेक क्लस्टर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) प्रस्तुत की गई। भोपाल स्थित इसरो की मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी, राज्य का मजबूत होता रक्षा विनिर्माण आधार, मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति और कुशल इंजीनियरिंग प्रतिभाओं को निवेश की प्रमुख ताकत के रूप में रेखांकित किया गया। उपग्रह प्रणालियों, ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेस-टेक स्टार्टअप्स के लिए इनक्यूबेशन सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।

हैदराबाद में टी-हब मॉडल और जीसीसी कनेक्ट

20 अगस्त को हैदराबाद में प्रतिनिधिमंडल ने देश के प्रमुख इनक्यूबेशन केंद्र टी-हब का भ्रमण किया। राज्य, अकादमिक संस्थानों और उद्योग के समन्वित मॉडल, प्रोग्राम आधारित इनक्यूबेशन तथा डीप-टेक और सस्टेनेबिलिटी स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया गया। मध्यप्रदेश के इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए टी-हब के मॉडल को उपयोगी बताया गया।

‘एमपी जीसीसी कनेक्ट’ राउंडटेबल में इंदौर या भोपाल में किसी बड़े अंतर्राष्ट्रीय जीसीसी को एंकर निवेशक के रूप में आकर्षित करने, निवेश प्रोत्साहनों की ऑनलाइन और स्वचालित प्रक्रिया विकसित करने तथा वरिष्ठ प्रतिभाओं के लिए वेतन आधारित प्रोत्साहन देने के सुझाव मिले। कर्मचारियों के स्थानांतरण को आसान बनाने के लिए बच्चों के स्कूल प्रवेश, जीवनसाथी के रोजगार और स्टाम्प ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाओं पर भी विचार किया गया।

प्रतिनिधियों ने 100 सीटों की क्षमता से शुरू होकर एक वर्ष में 1,000 सीटों तक विस्तार योग्य प्लग-एंड-प्ले अधोसंरचना विकसित करने, एग्री-प्रोसेसिंग, एफएंडबी, ईवी और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने तथा एआई कौशल विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाने के सुझाव दिए।

मुंबई में ड्रोन विनिर्माण और सिंहस्थ-2028 के लिए सहयोग

आउटरीच के अंतिम दिन 21 अगस्त को मुंबई में ड्रोन एवं यूएवी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आइडियाफोर्ज के साथ चर्चा हुई। राज्य में ड्रोन विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित परीक्षण क्षेत्र और विनिर्माण क्लस्टर विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

राज्य सरकार ने कॉमन फैसिलिटीज, टेस्ट रेंज और सर्टिफिकेशन सपोर्ट से युक्त समर्पित ड्रोन विनिर्माण क्लस्टर विकसित करने की योजना प्रस्तुत की। आइडियाफोर्ज ने मध्यप्रदेश में इकाई स्थापित करने में रुचि व्यक्त की है। कंपनी की तकनीकी टीम शीघ्र ही संभावित स्थल के मूल्यांकन के लिए मध्यप्रदेश का दौरा करेगी।सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए ड्रोन आधारित भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा निगरानी, यातायात प्रबंधन और इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। संबंधित विभागों द्वारा पायलट प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे।

निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा

तीन दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम से मध्यप्रदेश में जीसीसी, स्पेस-टेक, एवीजीसी-एक्सआर और ड्रोन विनिर्माण क्षेत्र में निवेश एवं साझेदारी की नई संभावनाएं सामने आई हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंदौर में ANSR की प्रस्तावित इकाई, एवीजीसी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्पेस-टेक क्लस्टर की DPR को अंतिम रूप देने तथा आइडियाफोर्ज के स्थल मूल्यांकन और सिंहस्थ-2028 के लिए प्रस्तावित सहयोग को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। इससे प्रदेश में तकनीकी निवेश, रोजगार और उच्च कौशल वाली प्रतिभाओं के लिए नए अवसर विकसित होंगे।

 

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जीसीसी के लिए प्रचुर टैलेंट उपलब्ध कराएगा इन्वेस्ट यूपी व टीमलीज का समझौता https://eveningtimescg.com/gcc-ke-liye-prachur-talent-uplabdh-karaega-invest-up-va-teamlease-ka-samjhauta-naye-gcc-ke-liye-90-din-ka-muft-workforce-aur-ai-advisory-package-muhaiya-karaegi-teamlease-noida-grater-noida-se-aage-lu/ Fri, 26 Jun 2026 06:03:00 +0000 https://eveningtimescg.com/gcc-ke-liye-prachur-talent-uplabdh-karaega-invest-up-va-teamlease-ka-samjhauta-naye-gcc-ke-liye-90-din-ka-muft-workforce-aur-ai-advisory-package-muhaiya-karaegi-teamlease-noida-grater-noida-se-aage-lu/ जीसीसी के लिए प्रचुर टैलेंट उपलब्ध कराएगा इन्वेस्ट यूपी व टीमलीज का समझौता

नए जीसीसी के लिए 90 दिन का मुफ्त वर्कफोर्स और एआई एडवाइजरी पैकेज मुहैया कराएगी टीमलीज  

नोएडा-ग्रेटर नोएडा से आगे लखनऊ, कानपुर जैसे टियर-2/3 शहरों तक फैलेगा टैलेंट नेटवर्क

लखनऊ/बेंगलुरु
उत्तर प्रदेश में स्थापित किए जा रहे नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) को कुशल वर्कफोर्स उपलब्ध कराने के लिए 'इन्वेस्ट यूपी' ने टीमलीज ग्रुप के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। बेंगलुरु में गत दिवस “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026” आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद तथा टीमलीज सर्विसेज की एमडी एवं ग्रुप सीईओ सुपर्णा मित्रा व टीमलीज डिजिटल की सीईओ नीति शर्मा ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

यह साझेदारी उत्तर प्रदेश को जीसीसी सेक्टर में निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी और भरपूर टैलेंट की उपलब्धता वाला हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब ग्लोबल कंपनियां पारंपरिक मेट्रो शहरों से आगे बढ़कर नए शहरों में जीसीसी स्थापित कर रही हैं। उभरते जीसीसी शहरों में नौकरियों की वृद्धि 40-45% है, जबकि मेट्रो हब में यह 19% ही है। ऐसे में इन्वेस्ट यूपी व टीमलीज का यह समझौता नए जीसीसी के लिए नियुक्तियों में लगने वाला समय कम करेगा और शुरुआती चरण की टैलेंट भर्ती को आसान बनाएगा।

यूपी का जीसीसी विजन 2031  
जीसीसी पॉलिसी-2024 के तहत यूपी ने वर्ष 2031 तक 500 ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा से आगे बढ़कर लखनऊ, कानपुर जैसे टियर-2 व टियर-3 शहरों पर फोकस किया जा रहा है। इस साझेदारी के तहत टीमलीज ग्रुप नए जीसीसी के लिए 'स्टार्टर पैकेज' देगा। इसमें किसी भी जीसीसी को सेटअप के लिए 90 दिनों तक वर्कफोर्स और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) परामर्श निःशुल्क मिलेगा। गौरतलब है कि हर चरण की भर्तियों, इंडक्शन/ऑनबोर्डिंग, एआई/मशीन लर्निंग जैसी विशिष्ट जरूरतों वाली नियुक्तियों, एआई रणनीति व उसके क्रियान्वयन में टीमलीज को विशेषज्ञता हासिल है।

इस असर पर इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने कहा कि हम यूपी को भारत के अग्रणी जीसीसी डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की नींव रख रहे हैं। जब कंपनियां पारंपरिक स्थानों से आगे बढ़ रही हैं, तो यह जरूरी है कि टैलेंट के अवसर भी राज्य के उभरते केंद्रों तक पहुंचें। टीमलीज के साथ यह साझेदारी वर्कफोर्स की तैयारी मजबूत करेगी तथा उद्योग व कौशल विकास के संबंधों को नई गति देगी। नए उभरते क्षेत्रों में स्किल्ड मैनपावर से राज्य की विकास यात्रा तेजी से आगे बढ़ेगी।

टीमलीज की एमडी एवं ग्रुप सीईओ सुपर्णा मित्रा ने कहा कि किसी नए जीसीसी का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करता है कि उसे कुशल मैनपावर कितनी जल्दी और कितनी बड़ी संख्या में उपलब्ध होता है। देशभर में 110 से अधिक जीसीसी पार्टनरशिप और यूपी में 1,470 से अधिक सक्रिय जीसीसी कर्मियों के साथ हम योजना स्तर पर ही कंपनियों को स्किल्ड वर्कफोर्स समेत तमाम तकनीकी आवश्यकताओं में मदद देने की स्थिति में हैं। इन्वेस्ट यूपी के साथ यह साझेदारी से यूपी में टैलेंट व स्किलिंग इकोसिस्टम और मजबूत होगा। टीमलीज ग्रुप 4,000 से अधिक नियोक्ताओं को हायरिंग, उत्पादकता और एंड-टू-एंड वर्कफोर्स समाधान उपलब्ध कराती है। कंपनी ने 25 साल में 24 लाख से अधिक पेशेवरों की प्लेसमेंट की है और दुबई व सिंगापुर तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है।

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बेंगलुरु में गूंजा यूपी का विकास मॉडल: उद्योग जगत ने बताया निवेश, नवाचार और रोजगार का सबसे बड़ा उभरता केंद्र https://eveningtimescg.com/ups-development-model-resonates-in-bengaluru-industry-leaders-hail-it-as-a-major-emerging-hub-for-investment-innovation-and-employment/ Wed, 24 Jun 2026 17:01:00 +0000 https://eveningtimescg.com/ups-development-model-resonates-in-bengaluru-industry-leaders-hail-it-as-a-major-emerging-hub-for-investment-innovation-and-employment/ बेंगलुरु/लखनऊ

 देश की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश की विकास गाथा और निवेश संभावनाओं की गूंज सुनाई दी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), टेक्नोलॉजी, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत के दिग्गजों ने उत्तर प्रदेश को निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन का सबसे संभावनाशील गंतव्य बताया। उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कानून-व्यवस्था, निवेशक के अनुकूल नीतियों और तेज़ी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी ने उत्तर प्रदेश को नई अर्थव्यवस्था, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों और वैश्विक निवेश का उभरता केंद्र बना दिया है।

बेंगलुरु में आयोजित निवेशक संवाद के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसरों, निवेश माहौल और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। निवेशकों ने राज्य को टेक्नोलॉजी, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप और रोजगार सृजन के लिए देश के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बताया।

जीसीसी क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर सकता है उत्तर प्रदेश

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) उद्योग विशेषज्ञ और एआई रणनीतिकार अनिल पद्मनाभन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मजबूत शासन व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश समर्थक वातावरण इसे जीसीसी क्षेत्र के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रिय कार्यशैली और उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद राज्य को नई पहचान दे रहा है। उनके अनुसार भारत में जीसीसी स्थापित करने की योजना बनाने वाली कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश का मूल्यांकन करना अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने वैश्विक ग्राहकों को उत्तर प्रदेश में निवेश और जीसीसी स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे।

नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर पर निवेशकों की बढ़ती रुचि

सत्त्व ग्रुप के डायरेक्टर कॉरपोरेट अफेयर्स पी.के. मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा। उनके अनुसार नियामकीय पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता और बेहतर कार्यसंस्कृति ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।

रोजगार सृजन को मिलेगी नई रफ्तार

वैश्विक इंश्योरेंस ब्रोकिंग कंपनी एऑन (एओएन) की निदेशक शेरिन जॉन ने कहा कि उनकी कंपनी नोएडा स्थित अपने कार्यालय का विस्तार कर रही है और 600 से 1000 अतिरिक्त कर्मचारियों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों, बाजारों और इंफ्रास्ट्रक्चर तक आसान पहुंच उत्तर प्रदेश को कॉरपोरेट विस्तार के लिए आदर्श स्थान बनाती है। एऑन की विस्तार योजना यह संकेत देती है कि राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं टीमलीज सर्विसेज लिमिटेड की प्रबंध निदेशक अपर्णा मित्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उपलब्ध विशाल प्रतिभा, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के बढ़ते अवसर इसे नई अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश करने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता।

स्टार्टअप और नवाचार को मिल रहा नया आधार

आविष्कार समूह और इंटेलीकैप की प्रतिनिधि सायना देनुगरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण तैयार किया है। राज्य में नए व्यवसायों को बढ़ावा देने, विकासात्मक पूंजी को आकर्षित करने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्थाएं कृषि, खाद्य प्रणाली और ऊर्जा परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि लखनऊ सहित राज्य के कई शहर भविष्य में टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रमुख केंद्र बनेंगे। उनके अनुसार देश के पारंपरिक कारोबारी केंद्रों पर बढ़ते दबाव के बीच उत्तर प्रदेश नई प्रतिभा, नई पूंजी और नए उद्यमों के लिए सबसे मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है।

निवेश की संभावनाओं पर भरोसा जताया

टीई कनेक्टिविटी की प्रतिनिधि सुनीता ने भी उत्तर प्रदेश में उभरती निवेश संभावनाओं पर भरोसा जताया। उन्होंने बताया कि कंपनी वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी उत्पादों, डेटा विश्लेषण, ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए कनेक्टर्स और सेंसर के विकास में कार्यरत है तथा बेंगलुरु स्थित उसके ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में करीब 1,400 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों के विस्तार पर विचार कर रही है और इस क्रम में विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है। सुनीता ने कहा कि उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचे में तेजी से निवेश कर रहा है और अन्य अग्रणी राज्यों के सफल मॉडलों से सीखते हुए आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश वर्तमान समय में एक शानदार अवसर प्रदान करता है और राज्य के विकास की गति भविष्य के निवेश के लिए सकारात्मक संकेत देती है।

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