Gandak River – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Fri, 02 Oct 2026 08:10:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Gandak River – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 बिहार में गंडक का कहर! 14 जगह टूटे तटबंध, 1200 गांव बाढ़ से प्रभावित; 41 टीमें तैनात https://eveningtimescg.com/gandak-river-wreaks-havoc-in-bihar-14-embankments-breach-1200-villages-affected-41-teams-deployed/ Fri, 02 Oct 2026 08:10:00 +0000 https://eveningtimescg.com/gandak-river-wreaks-havoc-in-bihar-14-embankments-breach-1200-villages-affected-41-teams-deployed/ पटना
गंगा और कोसी की बाढ़ से अभी बिहार उबरा भी नहीं था कि गंडक नदी का कहर बरपा है। गंडक की बाढ़ से पूर्वी व पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली जिले के बड़ी संख्या में गांव घिर गए हैं। चार दिनों के भीतर 14 जगहों पर गंडक के तटबंध या बांध टूटने से हालात भयावह है। पटना जिले के दियारा इलाके में भी परेशानी बढ़ गई है। भयावह होती बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों में आपदा राहत बल की 41 टीमें तैनात की गई हैं। राहत व बचाव के लिए एनडीआरएफ की 14 और एसडीआरएफ की 27 टीमें की प्रतिनियुक्ति की गई है।

सीएम सम्राट चौधरी के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आपदा प्रबंधन विभाग में वीडियो कांफ्रेंसिंग से बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील जिलों में संचालित राहत और बचाव कार्य की समीक्षा की। बैठक में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली एवं मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी, एसएसपी एवं एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल भी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने संबंधित डीएम को बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को पूरी तत्परता के साथ संचालित करने का निर्देश दिया।

गंडक का पानी इस बार तेज गति से और भारी मात्रा में प्रवाहित हो रहा है। गंडक, कोसी, बागमती, गंगा की बाढ़ से करीब 1200 गांव प्रभावित हैं। इन गांवों के हजारों लोग घर छोड़़ ऊंचे स्थानों पर शरण लिये हुए हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत भोजन, दवाइयां और पशुओं के लिए चारे का है। सारण और गोपालगंज की स्थिति यह है कि प्रभावित परिवार जरूरी सामान लेकर बांध पर पहुंचे हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ उन्हें खुले आसमान या प्लास्टिक के टेंट में समय गुजारना पड़ रहा है। घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान और जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी बढ़ने के बाद घरों में रहना मुश्किल हो गया।

राहत सामग्री के वितरण में कोई कोताही न बरतें :सम्राट
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में सूखा राशन पैकेजिंग सेंटर का निरीक्षण किया। पैकेजिंग किये जा रहे खाद्य पदार्थों एवं उसकी गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्रियों के वितरण में कोताही न बरती जाए। बाढ़ पीड़ितों को समय पर खाद्य पदार्थों के साथ ही सभी जरूरत के सामान मुहैया कराए जाएं। पैकेट में चूड़ा, चना, सत्तू, चीनी, मसाला, ओआरएस, माचिस, मोमबत्ती सहित जरूरत की अन्य सामग्रियों को रखा गया है। एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री को लोगों के बीच वितरित किया जाएगा।

बाढ़ की स्थिति गंभीर, तटबंधों पर भी दबाव : विजय चौधरी
उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंडक सहित अन्य नदियों के तटबंधों पर दवाब की स्थिति है। चार-पांच जगह बगहा, लालगंज में नया उच्चतर बाढ़ स्तर बना हुआ है। अब तक के इतिहास में यह सबसे अधिक ऊंचा पानी पहुंचा है। इस कारण तटबंधों पर दबाव है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थिति के साथ बाढ़ की प्रचंडता बढ़ गई है। तीन-चार दिनों में यूपी और उत्तराखंड में बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पटना के गांधी घाट में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

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बिहार में गंडक का कहर, दो जिलों में तटबंध टूटे; गांवों में बाढ़ का खतरा https://eveningtimescg.com/gandak-river-wreaks-havoc-in-bihar-breaches-embankments-in-two-districts-villages-at-risk-of-flooding/ Wed, 30 Sep 2026 08:00:00 +0000 https://eveningtimescg.com/gandak-river-wreaks-havoc-in-bihar-breaches-embankments-in-two-districts-villages-at-risk-of-flooding/ पटना
बिहार में गंडक नदी का कहर जारी है। अब गंडक ने राज्य के दो अन्य जिलों में तटबंधों को तोड़ दिया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार गंडक नदी में अत्यधिक जलस्राव तथा गंगा नदी के भी ख़तरे के निशान से ऊपर रहने के कारण गंडक नदी के तटबंधों पर भारी दबाव है। इसके अलावा अनेक जगहों पर सीपेज और पाइपिंग हो रहे हैं, जिन्हें दिन रात फ्लड फाइटिंग करके नियंत्रित किया जा रहा है। इस क्रम में आज दो जिलों में तटबंध ब्रीच हो गया है।

गोपालगंज जिला के बैकुण्ठपुर प्रखंड, ग्राम-शीतलपुर, में गंडक नदी के दायें मुख्य तटबंध के अंदर नदी साइड में बंधौली-शीतलपुर-फैजुल्लाहपुर (बी0एस0एफ0) जमींदारी बाँध लगभग लगभग 06 मीटर में तटबंध टूट गया है और इस धंसान के कारण बैकुण्ठपुर प्रखंड के परसौनी, शीतलपुर एवं पकहाँ ग्रामों के निचले इलाकों में पानी का फैलाव और संपर्कता भंग होने की संभावना है। सारण मुख्य तटबंध सुरक्षित है।

सारण जिला के मकेर प्रखण्ड के ग्राम-हैजलपुर में गंडक नदी के दायां सारण तटबंध 46.50 कि.मी. पर अचानक लगभग 08 मीटर में धंस जाने एवं कि0मी0 45 पर निर्मित बाढ़ निरोधक फाटक (ए0एफ0एस) क्षतिग्रस्त होने से पानी का फैलाव कन्ट्री साईड में में हो रहा है। इस धसान के कारण मकेर प्रखंड के हैजलपुर, परमानंद छपरा एवं नौकरहा गांवों के निचले इलाकों में पानी का फैलाव होने तथा संपर्कता भंग होने की संभावना है। संबंधित क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग की टीम एवं जिला प्रशासन गोपालगंज और सारण द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

बताया जा रहा है कि मकेर के बाघाकोल गांव के पास बुधवार की सुबह गंडक नदी पर स्थित मुख्य सारण तटबंध करीब 10 फीट की दूरी तक टूटा। प्रशासन बांध की मरम्मत करा स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है। बाघाकोल गांव के निचले इलाके और आसपास के गांवों की ओर अब पानी बढ़ भी रहा है। सारण के तरैया, पानापुर, परसा और मकेर में बाढ़ की स्थिति फिर से बनने लगी है। छपरा के करीब सरयू (घाघरा) नदी के आसपास बसे गांवों की ओर भी तेजी से पानी बढ़ रहा है।

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