From a makeshift – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Tue, 06 Oct 2026 15:05:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg From a makeshift – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 कच्ची झोपड़ी से पक्के घर तक, पीएम जनमन आवास ने बदली रोन्हू के परिवार की जिंदगी https://eveningtimescg.com/from-a-makeshift-hut-to-a-concrete-house-pm-janman-awas-transformed-the-life-of-ronhus-family/ Tue, 06 Oct 2026 15:05:00 +0000 https://eveningtimescg.com/from-a-makeshift-hut-to-a-concrete-house-pm-janman-awas-transformed-the-life-of-ronhus-family/ रायपुर,

बारिश शुरू होते ही घास-फूस की छत से टपकता पानी, तेज आंधी में झोपड़ी के क्षतिग्रस्त होने का डर और ठंड के दिनों में परिवार की सुरक्षा की चिंता—सरगुजा जिले के रोन्हू के लिए कभी यही जीवन की हकीकत थी। अब कच्ची झोपड़ी की जगह पक्के घर ने ले ली है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना (ग्रामीण) से मिले पक्के आवास ने उनके परिवार को मौसम की मुश्किलों से राहत देने के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार दिया है।

लुण्ड्रा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत ससौली निवासी विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के सदस्य रोन्हू, पिता सोनसाय को वर्ष 2023-24 में योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई। पक्का घर बनने के बाद अब उनका परिवार हर मौसम में अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होकर जीवन गुजार रहा है।

बारिश में टपकती थी छत, आंधी में सताता था घर टूटने का डर

पक्का मकान बनने से पहले रोन्हू का परिवार कच्ची दीवारों और घास-फूस की छत वाली झोपड़ी में रहता था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने लगता था। तेज हवा और आंधी आने पर घर के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती थी, वहीं ठंड के मौसम में भी परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ता था।

कच्चे मकान में कीड़े-मकौड़ों सहित अन्य जोखिमों का डर भी बना रहता था। परिवार को समय-समय पर झोपड़ी की मरम्मत और घास-फूस बदलने में मेहनत और पैसा खर्च करना पड़ता था। पक्का घर बनने के बाद इन परेशानियों से काफी हद तक राहत मिली है।

पक्की छत के साथ मिली बुनियादी सुविधाएं

नए आवास ने रोन्हू के परिवार को केवल मजबूत छत ही नहीं दी, बल्कि रहन-सहन को भी अधिक सुविधाजनक बनाया है। आवास के साथ बिजली, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता से परिवार को बेहतर वातावरण मिला है।

अब बारिश, तेज हवा या ठंड के मौसम में घर की सुरक्षा को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहती। बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी अधिक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हुआ है।

सुरक्षित घर से बढ़ा सम्मान और भविष्य का भरोसा

रोन्हू के लिए पक्का घर केवल ईंट और दीवारों से बना मकान नहीं, बल्कि वर्षों की असुरक्षा और परेशानी से मिली राहत है। कच्ची झोपड़ी से पक्के आवास तक का यह सफर उनके परिवार के लिए जीवन में आए बड़े बदलाव का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के रोन्हू के परिवार तक पहुंची आवास सुविधा ने उन्हें सुरक्षित छत, बुनियादी सुविधाओं और बेहतर जीवन का आधार दिया है। आज अपने पक्के घर में परिवार के साथ रहते हुए रोन्हू भविष्य को लेकर अधिक निश्चिंत हैं। एक पक्की छत ने उनके जीवन में सुरक्षा के साथ सम्मान, सुकून और नई उम्मीद भी जोड़ी है।

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