FlyDubai flight – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sun, 04 Oct 2026 11:30:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg FlyDubai flight – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 जिन दो पायलटों ने बचाया विमान, उन्हीं से डर गए यात्री! शक था- कहीं ईरान न ले जाएं फ्लाईदुबई की फ्लाइट https://eveningtimescg.com/the-two-pilots-who-saved-the-plane-were-the-ones-who-frightened-the-passengers-there-was-a-suspicion-that-the-flydubai-flight-might-be-taken-to-iran/ Sun, 04 Oct 2026 11:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/the-two-pilots-who-saved-the-plane-were-the-ones-who-frightened-the-passengers-there-was-a-suspicion-that-the-flydubai-flight-might-be-taken-to-iran/ दुबई
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुए खौफनाक हमले और 17,000 फीट की अचानक गिरावट के बाद जहां पूरी दुनिया भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार और इजरायली यात्रियों के अदम्य साहस को सलाम कर रही है, वहीं इस चमत्कार के पीछे दो ऐसे गुमनाम 'हीरो' भी शामिल हैं, जिनकी पहचान घटना के 4 दिन बाद भी रहस्य बनी हुई है।

ये दो पायलट यात्री के रूप में विमान में ही सफर कर रहे थे। जब कॉकपिट में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन पर हमला कर विमान को क्रैश कराने की कोशिश की, तब इन दोनों जांबाज पायलटों ने छलांग लगाकर कॉकपिट में प्रवेश किया और बेकाबू हो चुके बोइंग 737 को सुरक्षित संभाला।

'यात्रियों की भीड़ के ऊपर से छलांग लगाकर पहुंचे कॉकपिट'
एसोसिएटेड प्रेस (AP) को दिए इंटरव्यू में विमान की दूसरी पंक्ति में बैठे इजरायली यात्री डैनियल श्लिचटर ने उस रोमांचक और डरावने मंजर को याद करते हुए बताया, "कॉकपिट के भीतर जब खूनी जंग छिड़ी और कैप्टन स्मित मच्छार ने किसी तरह दरवाजा खोला, तो यात्रियों ने हमलावर को-पायलट को खींचकर बाहर निकाला। उसी वक्त यात्री के रूप में सफर कर रहे एक पायलट ने हमलावर को दबोचने वाले यात्रियों की भीड़ के ऊपर से कूदकर सीधे कॉकपिट के कंट्रोल पैनल तक छलांग लगा दी।"

श्लिचटर ने बताया कि तुरंत ही उनका दूसरा साथी (दूसरा रिजर्व पायलट) भी कॉकपिट में घुसा और उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया ताकि कोई और अंदर न आ सके।

क्या होता है 'डेडहेडिंग'
कई लोगों के मन में सवाल था कि आखिर एक ही विमान में दो अतिरिक्त पायलट क्यों सफर कर रहे थे?

विमानन विशेषज्ञों और यात्री डैनियल श्लिचटर के अनुसार, यह कोई संयोग नहीं बल्कि एविएशन इंडस्ट्री में अपनाई जाने वाली एक प्रक्रिया है जिसे 'डेडहेडिंग' कहा जाता है।

ये दोनों पायलट ड्यूटी पर थे और उन्हें तेल अवीव से दुबई लौटने वाली रिटर्न फ्लाइट को उड़ाना था। सामान्य उड़ानों में एक्स्ट्रा पायलट नहीं होते, लेकिन इस विमान में उनका मौजूद होना किसी 'चमत्कार' से कम नहीं था।

'कहीं ये प्लेन ईरान तो नहीं ले जा रहे?' 45 मिनट का खौफनाक सस्पेंस
हमलावर को-पायलट को काबू में किए जाने के बाद जब दो नए पायलटों ने कॉकपिट का दरवाजा बंद कर लिया, तो शुरुआत में केबिन में बैठे यात्री घबरा गए थे

हमले के कारण विमान के टेल सेक्शन (रडर) को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे प्लेन को हवा में स्थिर करने में नए पायलटों को 10 से 15 मिनट का समय लगा।

श्लिचटर ने बताया, "शुरुआत में कॉकपिट से कोई एनाउंसमेंट नहीं हुआ। हमें लगा कि कहीं ये दोनों भी तो आतंकवादी नहीं हैं? कहीं ये प्लेन को ईरान या किसी अनजान जगह तो नहीं हाईजैक करके ले जा रहे? क्योंकि हम उस इलाके के बहुत करीब थे।"

करीब 45 मिनट के सस्पेंस के बाद पायलटों ने अनाउंसमेंट कर बताया कि विमान को सुरक्षित सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतारा जा रहा है और सब कुछ ठीक है। तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।

एयरलाइन ने साधी चुप्पी, क्यों छिपाई जा रही है पहचान?
फ्लाईदुबई ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि केबिन में मौजूद 'ऑन-ड्यूटी क्रू मेंबर्स' ने ही विमान को लैंड कराया, लेकिन सुरक्षा और कूटनीतिक कारणों का हवाला देते हुए उनके नामों और नागरिकता का खुलासा करने से इनकार कर दिया है।

डैनियल श्लिचटर ने कहा, "जिन्होंने कॉकपिट में घुसकर तुरंत मोर्चा संभाला, वे सच्चे हीरो हैं। हम अपनी जिंदगी के लिए उनके उतने ही आभारी हैं जितने कि उन यात्रियों के जिन्होंने हमलावर को दबोचा था।"

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