farmers’ – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sun, 19 Jul 2026 15:00:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg farmers’ – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 राज्य सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://eveningtimescg.com/the-state-government-stands-with-farmers-in-every-situation-chief-minister-dr-yadav/ Sun, 19 Jul 2026 15:00:00 +0000 https://eveningtimescg.com/the-state-government-stands-with-farmers-in-every-situation-chief-minister-dr-yadav/ भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के 10 लाख 54 हजार किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से 1460 करोड़ 25 लाख रुपए की राशि अंतरित की। यह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2025 के फसल बीमा की दावा राशि है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जगदीशपुर में मंत्री परिषद की बैठक के तुरंत बाद किसानों को यह राशि जारी की।

किसान भाई निर्धारित तिथि से पहले फसलों का बीमा करायें

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी किसानों के हितों की रक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील हैं। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल हानि होने पर कृषकों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में कृषकों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस बार अल-नीनो प्रभाव के कारण अच्छे मानसून का अनुमान नहीं है। ऐसी स्थिति में किसान अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा, निर्धारित तिथि से पहले करवा लें। इससे उपज में हानि होने की स्थिति में किसानों को वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकेगी। राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है।

किसानों को 2016 से 2025 तक 30 हजार 942 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से वर्ष 2024-25 तक 30 हजार 942 करोड़ 34 लाख रुपए का भुगतान प्रभावित किसानों को किया गया है।

 

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव 10.54 लाख किसानों के खातों में 1460.25 करोड़ की राशि करेंगे अंतरित https://eveningtimescg.com/chief-minister-dr-yadav-to-transfer-%e2%82%b91460-25-crore-to-the-accounts-of-10-54-lakh-farmers/ Sat, 18 Jul 2026 16:30:00 +0000 https://eveningtimescg.com/chief-minister-dr-yadav-to-transfer-%e2%82%b91460-25-crore-to-the-accounts-of-10-54-lakh-farmers/ भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 जुलाई को भोपाल जिले के जगदीशपुर से 10.54 लाख किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि 1460.25 करोड़ अंतरित करेंगे। इसी दिन जगदीशपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक भी होगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आरंभ वर्ष से वर्ष 2024-25 तक 30,942.34 करोड़ रूपये का भुगतान प्रभावित कृषकों को किया गया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी एवं महत्वपूर्ण योजना है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने पर कृषकों को बीमा दावा भुगतान कर उनके वित्तीय हितों की रक्षा करना ही इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस बार अल-नीनो प्रभाव के कारण अच्छे मानसून का अनुमान नहीं है। ऐसी स्थिति में किसान भाई अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा निर्धारित तिथि से पूर्व करवा लें जिससे उपज में हानि होने पर वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके। मध्यप्रदेश सरकार हर परिस्थिति में कृषकों के साथ है एवं कृषकों के हित के लिए निरन्तर कार्य कर रही है।

 

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किसानों ने अपनाया लाभकारी फसलों का विकल्प हो रहा है, किसानों की आमदनी में इजाफा https://eveningtimescg.com/farmers-are-opting-for-profitable-crops-leading-to-an-increase-in-their-income/ Sat, 18 Jul 2026 15:10:00 +0000 https://eveningtimescg.com/farmers-are-opting-for-profitable-crops-leading-to-an-increase-in-their-income/ रायपुर

राज्य के किसान लाभकारी फसलों की तरफ बढ़ रहे है जिससे उनकी आमदनी में इजाफा हो रहा है, महासमुंद जिले में खरीफ मौसम के दौरान धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा लगातार किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी प्रयास के तहत जिले में लगभग 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की खेती की जा रही है। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। कृषि उपसंचालक श्री एफ आर कश्यप ने बताया कि सरायपाली विकासखंड के ग्राम बोंदानवापाली के किसान श्री फागू लाल कैवर्त और श्री नंदकुमार कैवर्त इस बदलाव के साक्षी हैं। दोनों किसानों ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत धान के स्थान पर 0.40-0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में 1 जुलाई 2026 को मूंगफली की बुवाई की।
इन किसानों का कहना है कि मूंगफली की खेती में धान की तुलना में कम पानी की आवश्यकता होती है। साथ ही इसकी लागत अपेक्षाकृत कम होने के कारण लाभ की संभावना अधिक रहती है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से उन्होंने समय पर बुवाई कर वैज्ञानिक विधियों को अपनाया है, जिससे अच्छी उपज की उम्मीद है।

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों का रकबा लगातार बढ़ रहा है। मूंगफली जैसी तिलहनी फसलें किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और जल संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

किसान फागू लाल और नंदकुमार द्वारा की जा रही मूंगफली की खेती क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए उदाहरण बन रहा है। यदि अधिक किसान धान के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों को अपनाते हैं, तो इससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और जलवायु अनुकूल बन सकेगी।

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बारिश से किसानों को राहत, पटना में धान रोपनी ने पकड़ी रफ्तार https://eveningtimescg.com/rain-brings-relief-to-farmers-paddy-transplantation-gains-momentum-in-patna/ Mon, 13 Jul 2026 16:20:00 +0000 https://eveningtimescg.com/rain-brings-relief-to-farmers-paddy-transplantation-gains-momentum-in-patna/  फुलवारी शरीफ
 लगातार दो दिनों तक हुई वर्षा ने पटना जिले के फुलवारी शरीफ और संपतचक प्रखंड के किसानों को बड़ी राहत दी है।

लंबे समय से मानसून की बेरुखी के कारण धान की खेती संकट में थी। खेतों में तैयार धान के बिचड़े पानी के अभाव में सूखने लगे थे और रोपनी का काम भी प्रभावित हो रहा था।

लेकिन हालिया वर्षा के बाद खेतों में पर्याप्त नमी आने से किसानों ने राहत की सांस ली है और धान की रोपनी का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है

सुबह से लेकर शाम तक किसान खेतों में रोपनी में जुटे हैं। कई गांवों में महिलाएं और खेतिहर मजदूर भी रोपनी के कार्य में लगे हैं।

वहीं ट्रैक्टरों से जुताई, पाटा चलाने और खेत तैयार करने का काम भी तेजी से चल रहा है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी समय-समय पर अच्छी वर्षा होती रही तो इस वर्ष धान की फसल बेहतर होने की उम्मीद है।

वर्षा से मिली राहत, लेकिन सिंचाई का संकट बरकरार
हालांकि वर्षा ने फिलहाल खेती को संजीवनी दी है, लेकिन सिंचाई की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से किसानों की चिंता अभी भी खत्म नहीं हुई है।

क्षेत्र की अधिकांश नहरें सूखी पड़ी हैं और उनमें पानी नहीं छोड़ा गया है। दूसरी ओर सरकारी नलकूप व्यवस्था भी लगभग ठप हो चुकी है।

फुलवारी शरीफ और संपतचक प्रखंड के अधिकांश सरकारी नलकूप वर्षों से बंद पड़े हैं या रखरखाव के अभाव में अनुपयोगी हो चुके हैं।

ऐसे में किसानों को निजी बोरिंग और डीजल पंपसेट के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।

निजी बोरिंग वालों को राहत, छोटे किसान परेशान
नीरपुर निवासी किसान रवि शंकर ने बताया कि दो दिनों की वर्षा से खेतों में नमी आई है और धान की रोपनी शुरू हो गई है, लेकिन नहरों में पानी नहीं रहने से आगे की खेती को लेकर चिंता बनी हुई है।

वहीं किसान रिंकू कुमार ने कहा कि बाजार में खाद और उर्वरक की कोई कमी नहीं है, लेकिन खेती के लिए सबसे जरूरी पानी का अभाव अब भी बना हुआ है। यदि बारिश रुक गई तो किसानों को फिर निजी सिंचाई पर निर्भर होना पड़ेगा।

लहियरचक निवासी किसान राम प्रवेश सिंह का कहना है कि जिन किसानों के पास निजी बोरिंग की सुविधा है, वही समय पर बिचड़ों का पटवन कर खेत तैयार कर पा रहे हैं।

छोटे और सीमांत किसान सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है, इसलिए किसान हर बारिश का पूरा लाभ उठाते हुए तेजी से धान की रोपनी कर रहे हैं।

कई सरकारी नलकूप वर्षों से बंद
क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था की बदहाली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क निर्माण के दौरान नाथूपुर का सरकारी नलकूप ध्वस्त हो गया, जबकि सुरंगपुर, गुणपुरा और संपतचक समेत कई इलाकों के सरकारी नलकूप वर्षों से बंद पड़े हैं।

किसानों का कहना है कि यदि नहरों में समय पर पानी छोड़ा जाए और बंद पड़े सरकारी नलकूपों को चालू कराया जाए तो खेती की लागत कम होगी और धान उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

फिलहाल बारिश से राहत जरूर मिली है, लेकिन सिंचाई का स्थायी समाधान नहीं होने से किसानों की चिंता अभी भी बरकरार है।

 

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समय पर मिली सम्मान निधि, किसानों की उम्मीदों को मिली नई उड़ान https://eveningtimescg.com/timely-receipt-of-honorarium-funds-gives-new-wings-to-farmers-aspirations/ Thu, 02 Jul 2026 04:00:00 +0000 https://eveningtimescg.com/timely-receipt-of-honorarium-funds-gives-new-wings-to-farmers-aspirations/ रायपुर

 मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर खेती-किसानी को मजबूती देने का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली राशि किसानों को समय पर बीज, उर्वरक तथा अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था करने में सहायक सिद्ध हो रही है, जिससे खेती की लागत का दबाव कम होने के साथ कृषि कार्य भी निर्धारित समय पर पूरे हो रहे हैं।

गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले की ग्राम पंचायत सारबहरा के किसानएवन सिंह इसकी प्रेरक मिसाल हैं। उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त की राशि प्राप्त हुई, जिसका उपयोग उन्होंने बीज, उर्वरक तथा अन्य आवश्यक कृषि कार्यों में किया।एवन सिंह का कहना है कि समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता ने खेती की तैयारियों को आसान बनाया है। इससे कृषि कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होती और खेती की उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायता मिलती है।

इसी ग्राम पंचायत के किसाननरेश यादव, जो लगभग चार एकड़ भूमि में खेती करते हैं, भी योजना का नियमित लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छोटे एवं मध्यम किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है। योजना से प्राप्त राशि के माध्यम से कृषि कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री खरीदना आसान हुआ है, जिससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उनका मानना है कि समय पर मिलने वाली सहायता किसानों को बेहतर योजना बनाकर खेती करने के लिए प्रेरित करती है और कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पात्र किसानों तक केंद्र सरकार की सभी कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना इसी दिशा में किसानों के लिए एक भरोसेमंद आर्थिक सहारा बनकर उभरी है।

योजना का सफल क्रियान्वयन किसानों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समय पर मिलने वाली सहायता से किसान खेती की बेहतर तैयारी कर रहे हैं, आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के प्रति उत्साहित हो रहे हैं तथा उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिक आत्मविश्वास के साथ कार्य कर रहे हैं।

प्रदेश सरकार का मानना है कि किसानों की समृद्धि ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार है। इसी सोच के अनुरूप किसान कल्याण, कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि को गति देने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों की सफलता की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि समय पर मिलने वाला आर्थिक सहयोग खेती को नई ऊर्जा देने के साथ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन रहा है।

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