Every Drop – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sun, 27 Sep 2026 15:58:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Every Drop – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 सेवा की कहानी -बूंद-बूंद सहेजकर जल सुरक्षा की राह पर ‘मुल्ले’ https://eveningtimescg.com/a-story-of-service-mulle-charts-a-path-to-water-security-by-conserving-every-drop/ Sun, 27 Sep 2026 15:58:00 +0000 https://eveningtimescg.com/a-story-of-service-mulle-charts-a-path-to-water-security-by-conserving-every-drop/ रायपुर

“जल है तो जीवन है”—यह पंक्तियाँ धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत मुल्ले के लिए केवल एक नारा नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन और अर्थव्यवस्था की बुनियाद बन चुकी हैं। वर्षा आधारित इस क्षेत्र में जल की एक-एक बूंद को सहेजने के संकल्प के साथ 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत विकसित भारत जीरामजी योजना से जल स्रोतों में सेंड फिल्टर (Sand Filter) का सफल निर्माण कराया गया है। यह पहल वर्षा एवं सतही जल के कुशल प्रबंधन, भूजल पुनर्भरण और स्थानीय रोजगार सृजन की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभरी है।

प्राकृतिक छनन तकनीक से बहते पानी का जतन

​वर्षाकाल में खेतों और गलियों से बहकर व्यर्थ चले जाने वाले पानी को उपयोगी बनाने के उद्देश्य से गाँव में सेंड फिल्टर की स्थापना की गई है। इस संरचना में रेत और प्राकृतिक छनन माध्यमों का उपयोग किया जाता है, जो जल के साथ बहकर आने वाली मिट्टी, गाद और अन्य ठोस अशुद्धियों को प्रभावी ढंग से रोकते हैं। इससे स्वच्छ जल जमीन के भीतर समाकर भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। सीमित संसाधनों में तैयार यह छोटी संरचना भविष्य की जल संपदा को सुरक्षित करने की एक मजबूत नींव साबित हो रही है।

52 हजार की लागत में दोहरा लाभ: जल संरक्षण के साथ रोजगार

​ग्राम मुल्ले में इस सेंड फिल्टर का निर्माण 52 हजार रुपये की स्वीकृत लागत से सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिसमें सामग्री के लिए 41 हजार रुपये तथा मजदूरी के लिए 11 हजार रुपये निर्धारित थे। निर्माण कार्य पूर्ण होने पर कुल 52 हजार रुपये व्यय हुए, जिसमें से 10,500 रुपये मजदूरी मद में खर्च किए गए। इस कार्य की सबसे खास बात यह रही कि इसमें गाँव के ही श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और आय का साधन प्राप्त हुआ।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

कृषि प्रधान ग्राम मुल्ले की अर्थव्यवस्था सीधे तौर पर जल की उपलब्धता पर निर्भर है। ऐसे में सेंड फिल्टर के ज़रिए भूजल स्तर में सुधार होने से आने वाले समय में सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को निरंतरता मिलेगी, जिसका सीधा सकारात्मक असर किसानों की आय और फसल उत्पादन पर पड़ेगा।

बदलाव की बयार: 'आज का संरक्षण, कल की सुरक्षा'

इस पहल ने ग्रामीणों की सोच में भी बड़ा बदलाव लाया है। अब गाँव के लोग वर्षा जल को केवल एक तात्कालिक जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य के लिए संजोने योग्य प्राकृतिक धरोहर मान रहे हैं। मुल्ले गाँव का यह प्रयास यह संदेश देता है कि जल सुरक्षा की जंग केवल बड़ी-बड़ी परियोजनाओं से ही नहीं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयासों से भी जीती जा सकती है। आज सहेजी जा रही यही एक-एक बूंद आने वाले कल में गाँव की जीवनरेखा बनेगी।

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