EV Charging – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Wed, 16 Sep 2026 08:52:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg EV Charging – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 राजस्थान में EV चालकों को बड़ी राहत, 250 नए चार्जिंग स्टेशन बनाने की तैयारी तेज https://eveningtimescg.com/ev-drivers-in-rajasthan-are-getting-a-major-boost-with-preparations-underway-to-build-250-new-charging-stations/ Wed, 16 Sep 2026 08:52:00 +0000 https://eveningtimescg.com/ev-drivers-in-rajasthan-are-getting-a-major-boost-with-preparations-underway-to-build-250-new-charging-stations/ जयपुर
राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चलाने वाले चालकों और लंबे सफर पर निकलने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RRECL) ने राज्य में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस योजना के पहले चरण के तहत राजस्थान के 6 बड़े शहरों और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर 250 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न केवल राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, बल्कि चार्जिंग स्टेशन से होने वाली आय को राज्य सरकार के राजस्व मॉडल से जोड़ना भी है।

निकाय चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में वाहन चालकों को बैटरी खत्म होने की चिंता से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

गौरतलब है कि राजस्थान में तेजी से बढ़ रही इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर, 3-व्हीलर और 4-व्हीलर गाड़ियों की संख्या को देखते हुए चार्जिंग प्वाइंट्स की किल्लत एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। विशेषकर हाईवे पर सफर करते समय चालकों को हमेशा बैटरी डिस्चार्ज होने का डर सताता रहता था। इसे ध्यान में रखते हुए रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन ने निजी एजेंसियों के साथ मिलकर पीपीपी (PPP) मॉडल पर काम करने की रणनीति बनाई है।

योजना के मुताबिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा रियायती दर पर सरकारी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, टेंडर प्रक्रिया में उन निजी कंपनियों या एजेंसियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो चार्जिंग से होने वाले कुल राजस्व में राज्य सरकार को सबसे ज्यादा हिस्सेदारी की पेशकश करेंगी।

रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन ने पहले चरण में उन मार्गों और शहरों को प्राथमिकता दी है जहां व्यावसायिक और निजी वाहनों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है।

जयपुर-आगरा हाईवे: पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण इस रूट पर प्रमुख जगहों पर चार्जिंग प्वाइंट्स बनाए जाएंगे।

जयपुर-कोटा रूट: हाड़ौती अंचल को राजधानी से जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर ईवी चालकों को हर कुछ किलोमीटर पर चार्जिंग की सुविधा मिलेगी।

जयपुर-बीकानेर हाईवे: शेखावाटी और पश्चिमी राजस्थान को जोड़ने वाले इस लंबे रूट पर फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

जयपुर-अजमेर-सिरोही रूट: धार्मिक पर्यटन और गुजरात सीमा की ओर जाने वाले इस सबसे बड़े हाईवे कॉरिडोर पर चार्जिंग स्टेशनों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा।

धार्मिक और पर्यटन स्थल: प्रमुख हाईवे के अलावा खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी, पुष्कर और नाथद्वारा जैसे भारी फुटफॉल वाले धार्मिक स्थलों पर भी ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

80 प्रतिशत तक सब्सिडी, सरकार तय करेगी चार्जिंग रेट
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राजस्थान सरकार ने इस योजना में भारी सब्सिडी का प्रावधान रखा है।

भूमि और सब्सिडी मॉडल: चार्जिंग स्टेशन के निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 70 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसमें राज्य सरकार और भूमि उपलब्ध कराने वाले संबंधित विभाग का शेयर शामिल होगा।

सरकारी नियंत्रण में रहेंगे रेट: निजी कंपनियों को काम मिलने के बावजूद वाहन चालकों से मनमाना पैसा नहीं वसूला जा सकेगा। चार्जिंग की दरें (Rates) पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाएंगी और कोई भी कंपनी तय दर से अधिक राशि नहीं वसूल पाएगी।

सरकारी जमीन का आवंटन: सभी चार्जिंग स्टेशनों के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन और चिह्नीकरण पूरा किया जा चुका है, जिससे काम शुरू करने में देरी न हो।

2030 तक ईवी बिक्री में 30% हिस्सेदारी का लक्ष्य
भारत और राजस्थान का ईवी बाजार आने वाले वर्षों में एक बड़ा आर्थिक बदलाव देखने वाला है। राष्ट्रीय स्तर पर तय किए गए लक्ष्यों के अनुरूप राजस्थान भी अपनी ईवी नीतियों को लागू कर रहा है।

बाजार का तेजी से विस्तार: भारतीय ईवी बाजार जो वर्ष 2025 में लगभग 3.71 अरब अमेरिकी डॉलर का था, उसके वर्ष 2034 तक बढ़कर 191.04 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

ईवी बैटरी मार्केट में उछाल: देश में ईवी बैटरी का बाजार वर्ष 2034 तक 15.90 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

30% बिक्री का नेशनल टारगेट: केंद्र सरकार ने वर्ष 2030 तक कुल नए वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

13.2 लाख चार्जिंग स्टेशन का लक्ष्य: देश भर में 2030 तक 13.2 लाख चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है, जिसमें राजस्थान एक अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है।

क्या पड़ेगा सकारात्मक असर?
राजस्थान में 250 नए चार्जिंग स्टेशन लगने का सबसे बड़ा फायदा राज्य के उन आम नागरिकों को मिलेगा जो महंगे पेट्रोल और डीजल के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का मन बना रहे थे।

चार्जिंग नेटवर्क की कमी के कारण अब तक लोग हाईवे पर ईवी ले जाने से कतराते थे। लेकिन जयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और आगरा रूट्स पर फास्ट चार्जिंग प्वाइंट्स उपलब्ध होने से अंतर-शहर यात्रा आसान और सस्ती हो जाएगी। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यह कदम राजस्थान में हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के एक नए युग की शुरुआत साबित होगा।

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पटना में 9 जगहों पर लगेंगे फास्ट EV चार्जिंग स्टेशन, परिवहन विभाग और IOCL में हुआ समझौता https://eveningtimescg.com/fast-ev-charging-stations-will-be-installed-at-nine-locations-in-patna-an-agreement-has-been-reached-between-the-transport-department-and-iocl/ Sat, 12 Sep 2026 11:10:00 +0000 https://eveningtimescg.com/fast-ev-charging-stations-will-be-installed-at-nine-locations-in-patna-an-agreement-has-been-reached-between-the-transport-department-and-iocl/ पटना
 राजधानी में मुख्य सचिवालय, विधानसभा, कलेक्ट्रेट, विश्वेश्वरैया भवन, विकास भवन, सिंचाई भवन, मल्टी मॉडल हब, मल्टी लेवल कार पार्किंग, बेउर मोड़ और हार्डिंग रोड में फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

इसको लेकर परिवहन विभाग और इंडियन आयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) के बीच शुक्रवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया।

समझौते पर राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन तथा आइओसीएल, बिहार के स्टेट रिटेल सेल्स हेड राजीव कुमार ने हस्ताक्षर किए।

राज्य परिवहन आयुक्त ने बताया कि इन चार्जिंग स्टेशनों के शुरू होने से सरकारी कार्यालयों में आने-जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आम लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा।

खासकर सचिवालय और अन्य प्रमुख सरकारी परिसरों में ईवी चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होने से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। ई-वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके लिए निजी कंपनियों के सहयोग से चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं।

बिहार में अब तक 210 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित
आईओसीएल के अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि कंपनी के स्तर से राज्य में अब तक 210 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं।

परिवहन विभाग के साथ हुए इस समझौते के तहत चिह्नित सरकारी परिसरों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को सुविधाजनक और भरोसेमंद चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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प्रदेश में ईवी चार्जिंग को बढ़ावा देने के लिए सोलर आवर्स में 20% टैरिफ छूट लागू https://eveningtimescg.com/20-tariff-concession-implemented-during-solar-hours-to-promote-ev-charging-in-the-state/ Sat, 04 Jul 2026 11:35:00 +0000 https://eveningtimescg.com/20-tariff-concession-implemented-during-solar-hours-to-promote-ev-charging-in-the-state/ प्रदेश में ईवी चार्जिंग को बढ़ावा देने के लिए सोलर आवर्स में 20% टैरिफ छूट लागू

योगी सरकार सस्ती सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक देगी छूट  
 
यूपी बना पावर सेक्टर का मॉडल स्टेट, सस्ती बिजली और रिकॉर्ड आपूर्ति से नई पहचान

32,673 मेगावाट बिजली मांग पूरी कर उत्तर प्रदेश ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

पुराने तापीय संयंत्रों की दक्षता 65% से बढ़कर 85% पहुंची, उत्पादन में बड़ा सुधार

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बिजली उत्पादन, आपूर्ति और उपभोक्ता राहत के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में बिजली दरें देश की सबसे न्यूनतम दरों में हैं, जबकि बिजली आपूर्ति देश की सर्वाधिक एवं सबसे बेहतर श्रेणी में है। इसके साथ ही योगी सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को बढ़ावा देने और हरित ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने और दिन के समय उपलब्ध सस्ती सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक निर्धारित सोलर आवर्स में 20 प्रतिशत टैरिफ छूट की व्यवस्था लागू की है। 

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि इससे न केवल ईवी चार्जिंग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा जोकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

योगी सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। लगातार सातवें वर्ष भी प्रदेश में बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। सभी उपभोक्ता श्रेणियों के लिए देय टैरिफ को यथावत रखा गया है। यह निर्णय सरकार की जनकल्याणकारी सोच तथा गरीबों, किसानों, घरेलू एवं अन्य उपभोक्ताओं के हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। वहीं उत्तर प्रदेश विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में प्रतिदिन अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। प्रदेश ने 32,673 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है।

पूर्ववर्ती सरकारों के समय तापीय विद्युत उत्पादन मात्र 5,180 मेगावाट तक सीमित था, जबकि आज प्रदेश सौर ऊर्जा से ही इससे अधिक उत्पादन कर रहा है। लगभग 4,000 मेगावाट क्षमता सोलर पार्कों से तथा लगभग 2,500 मेगावाट क्षमता प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से विकसित की जा रही है। इसके साथ ही मिर्जापुर एवं मेजा सहित विभिन्न क्षेत्रों में तापीय विद्युत परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही पुराने तापीय विद्युत संयंत्रों की दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार किया गया है। पहले जहां ये संयंत्र लगभग 65 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर संचालित होते थे, वहीं अब उनकी कार्यक्षमता बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गई है। 

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की ये उपलब्धियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व का परिणाम हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में और भी तेजी से आगे बढ़ेगा तथा देश के लिए आदर्श मॉडल के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।

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EV Charging Alert: भारत के 45% घर इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के लिए अनफिट, लापरवाही से लग सकती है आग https://eveningtimescg.com/ev-charging-alert-45-of-indian-homes-unfit-for-electric-car-charging-negligent-setup-poses-fire-risk/ Thu, 02 Jul 2026 04:11:00 +0000 https://eveningtimescg.com/ev-charging-alert-45-of-indian-homes-unfit-for-electric-car-charging-negligent-setup-poses-fire-risk/  नई दिल्ली

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिए जाने के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. भारत के लगभग 45% घरों को सुरक्षित रूप से EV चार्ज करने के लिए अपने इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की सख्त जरूरत है। 

यह जानकारी 'द नेट-ज़ीरो ट्रांज़िशन स्टार्ट्स एट होम: इनेबलिंग EV-रेडी रेजिडेंसेस इन इंडिया' नाम की एक नई रिपोर्ट से मिली है. यह रिपोर्ट भारत के टियर-1, टियर-2 और टियर-3 शहरों में रहने वाले लोगों के अनुभवों पर आधारित है, इसके लिए स्वतंत्र घरों, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स, झुग्गी-बस्तियों और किराए के मकानों में लगे 80,000 से अधिक घरेलू EV चार्जर्स के डेटा का अध्ययन किया गया है। 

ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब सरकारें EV को अपनाने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं, जैसे दिल्ली सरकार ने जनवरी 2027 से नए पेट्रोल-सीएनजी तिपहिया वाहनों और अप्रैल 2028 से पेट्रोल दोपहिया वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने का फैसला किया है। 

रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में केवल 55 प्रतिशत संभावित EV खरीदारों के पास ही घरेलू चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है, जबकि आवासीय चार्जिंग ही इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने का सबसे प्राथमिक माध्यम है. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि देश में EV से जुड़ी बिजली की खपत साल 2024 में कुल राष्ट्रीय मांग के महज 0.2 प्रतिशत से बढ़कर साल 2035 तक लगभग 6 प्रतिशत हो जाएगी। 
 
पिछले एक दशक में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है, लेकिन घरों में चार्जिंग की सुविधा अभी भी बेहद असमान है. रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षित और भरोसेमंद चार्जिंग के लिए हर घर को एक न्यूनतम मानक पूरा करना जरूरी है, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी के कारण लोग सामान्य पावर सॉकेट, अस्थायी एक्सटेंशन केबल और साझा बिजली कनेक्शन जैसे असुरक्षित तरीकों पर निर्भर हैं। 

असुरक्षित चार्जिंग से जुड़े बड़े खतरे
शोधकर्ताओं ने कड़ी चेतावनी दी है कि घरेलू स्तर पर किए जाने वाले इस तरह के अनौपचारिक या जुगाड़ू चार्जिंग इंतजामों से आग लगने का भारी खतरा रहता है, साथ ही इलेक्ट्रिकल फॉल्ट और महंगे उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है. जब इन सामान्य सर्किट्स पर अत्यधिक लोड पड़ता है, तो इससे वोल्टेज में भारी उतार-चढ़ाव, तारों का जरूरत से ज्यादा गर्म होना , ट्रांसफार्मर का खराब होना और स्थानीय इलाकों में बिजली गुल होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इसके अलावा, असुरक्षित तरीके से की जाने वाली चार्जिंग से न सिर्फ वाहन के चार्ज होने की निरंतरता प्रभावित होती है, बल्कि गाड़ी की बैटरी भी समय से पहले तेजी से खराब हो सकती है। 

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