Diwali 2026 – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Fri, 02 Oct 2026 08:42:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Diwali 2026 – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 Diwali 2026 की तारीखें हुईं साफ, 6 नवंबर से शुरू होगा 5 दिवसीय दीपोत्सव; जानें धनतेरस से भाई दूज तक की डेट https://eveningtimescg.com/diwali-2026-dates-are-clear-the-five-day-festival-of-lights-will-begin-on-november-6th-learn-about-the-dates-from-dhanteras-to-bhai-dooj/ Fri, 02 Oct 2026 08:42:00 +0000 https://eveningtimescg.com/diwali-2026-dates-are-clear-the-five-day-festival-of-lights-will-begin-on-november-6th-learn-about-the-dates-from-dhanteras-to-bhai-dooj/ हिंदू परंपरा में दिवाली का पर्व केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि खुशियों, प्रकाश और समृद्धि का 5 दिवसीय महापर्व (पंचपर्व) होता है. इस साल 2026 में दिवाली की तिथियों को लेकर बनी उथल-पुथल अब पूरी तरह साफ हो चुकी है. रोशनी का यह पावन पर्व 6 नवंबर 2026 से धनतेरस के साथ शुरू होने जा रहा है, जिसका समापन 11 नवंबर को भाई दूज के साथ होगा.

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से शुरू होकर शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि तक चलने वाले इस 5 दिवसीय उत्सव के दौरान मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर देव, धन्वंतरि जी, भगवान श्री कृष्ण और यमराज की विशेष पूजा की जाती है.

आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में धनतेरस, नरक चतुर्दशी, मुख्य दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज किस-किस दिन मनाए जाएंगे:

धनतेरस (Dhanteras 2026)- 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार)
पंचपर्व की शुरुआत कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी धनतेसर की तिथि यानी 6 नवंबर से होगी. इस दिन आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि और धन के कोषाध्यक्ष कुबेर देव की पूजा की जाती है. सोना, चांदी, नए बर्तन, झाड़ू और वाहन खरीदने के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है. इस शाम यमराज के नाम से 'यमदीप' दान किया जाता है.

नरक चतुर्दशी व रूप चौदस (Narak Chaturdashi)- 7 नवंबर 2026 (शनिवार)
इसे छोटी दिवाली, रूप चौदस या काली चौदस भी कहा जाता है. इस दिन सूर्योदय से पूर्व उबटन और तिल के तेल से स्नान करने की परंपरा है, जिससे सौंदर्य और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है. शाम के समय घर के मुख्य द्वार और नाले/कचरे के स्थान पर दीपक जलाकर नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाया जाता है.

दीपावली व लक्ष्मी पूजन (Diwali 2026)- 8 नवंबर 2026 (रविवार)
कार्तिक अमावस्या की रात को मुख्य दिवाली यानी लक्ष्मी पूजन का विधान है. 8 नवंबर की शाम प्रदोष काल और स्थिर लग्न में मां लक्ष्मी, सरस्वती जी और भगवान गणेश का महापूजन किया जाएगा. मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटे थे और अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था.

गोवर्धन पूजा व अन्नकूट (Govardhan Puja)- 10 नवंबर 2026 (मंगलवार)
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उनकी पूजा की जाती है और भगवान श्री कृष्ण को 56 भोग या अन्नकूट का भोग लगाया जाता है. यह पर्व प्रकृति और पशुधन के प्रति आभार व्यक्त करने का संदेश देता है.

भाई दूज व यम द्वितीया (Bhai Dooj 2026)- 11 नवंबर 2026 (बुधवार)
5 दिवसीय इस महापर्व का समापन भाई दूज (यम द्वितीया) के साथ होता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों का तिलक करती हैं, उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर भोजन करने गए थे, इसलिए इस दिन बहन के घर भोजन करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है.

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