Devendra Mahto – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Mon, 10 Aug 2026 13:34:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Devendra Mahto – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 सरकार से अब बातचीत नहीं…’, देवेंद्र महतो ने दिया अल्टीमेटम, आंदोलन तेज करने की चेतावनी https://eveningtimescg.com/no-more-talks-with-the-government-devendra-mahto-issues-ultimatum-warns-of-intensifying-the-agitation/ Mon, 10 Aug 2026 13:34:00 +0000 https://eveningtimescg.com/no-more-talks-with-the-government-devendra-mahto-issues-ultimatum-warns-of-intensifying-the-agitation/ रांची 

झारखंड के रांची में छात्रों का आंदोलन अब आर-पार की लड़ाई में बदलता दिख रहा है. विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जोरदार टकराव हुआ. हालात बिगड़े तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया. इसी बीच  प्रदर्शनकारी देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि 'अब सरकार से कोई और बातचीत नहीं होगी. अब सरकार को छात्रों की मांगों पर फैसला लेना होगा। 

आंदोलन के 17वें दिन हजारों छात्र पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर मार्च लेकर निकले. कई जगह बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश हुई, लेकिन छात्र आगे बढ़ते रहे. धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया. इस दौरान कई प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए. 9 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो भी एंबुलेंस से पहुंचे और स्ट्रेचर पर लेटकर मार्च में शामिल हुए। 

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि तीन दौर की बातचीत के बाद भी कोई ठोस फैसला नहीं निकला. अब सरकार से कोई बातचीत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब जनआंदोलन बन चुका है. सरकार को छात्रों की मांगें माननी होंगी. उनका आरोप था कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। 

छात्रों ने क्या कहा?
 छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का साफ संदेश दिया. एक छात्र ने कहा, "हम भगवान बिरसा मुंडा के वंशज हैं. जब वे झारखंड के हक के लिए लड़ सकते हैं, तो हम भी अपनी लड़ाई पीछे नहीं खींचेंगे." वहीं एक अन्य अभ्यर्थी का कहना था कि वे इसी मिट्टी में पले-बढ़े हैं और झारखंड आंदोलन का हिस्सा रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री आज विद्यार्थियों के हक की बात तक नहीं कर रहे। 

अपनी पीड़ा साझा करते हुए एक और अभ्यर्थी ने बताया, "सहायक शिक्षक भर्ती की चारों परीक्षाएं पास कर लीं. जेएसएससी (JSSC) दफ्तर में कागजातों की जांच भी पूरी हो गई और सब सही मिलने पर दूसरे जिले में भेज दिया गया, लेकिन इसके बावजूद आज तक जॉइनिंग नहीं दी गई। 

रविवार की बातचीत क्यों नहीं बनी?
 सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच पांच घंटे से ज्यादा बातचीत चली थी. सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और कई दूसरी मांगों पर सहमति जताई थी. सरकार का दावा था कि करीब 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं. लेकिन छात्र JSSC-CGL परीक्षा की CBI जांच और भर्ती में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े रहे. यही वजह रही कि बातचीत बिना नतीजे के खत्म हो गई। 

JPSC मामले में भी बड़ा घटनाक्रम
आंदोलन के बीच JPSC से जुड़े घटनाक्रम ने भी मामला और गरमा दिया. रविवार को आयोग के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था. वहीं सोमवार को झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव और JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को CID ने गिरफ्तार कर लिया. उन पर 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में ब्लैकलिस्टेड कंपनी TDPL को पैनल में शामिल कराने समेत कई आरोप हैं. इस कार्रवाई के बाद छात्रों का कहना है कि उनकी आशंकाएं सही साबित हो रही हैं। 

फिलहाल, छात्र नेताओं ने साफ कर दिया है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा. उनका कहना है कि जब तक सभी प्रमुख मांगों पर लिखित फैसला नहीं आता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा. दूसरी तरफ पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और विधानसभा के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. ऐसे में अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और आंदोलन की अगली रणनीति पर टिकी है। 

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